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Chandigarh News: एप के वॉलेट में 50 नहीं चाहिए 150 रुपये, पर स्टैंड पर साइकिल मिलेगी या नहीं... ये आप देखें

Thu, 12 Jan 2023 09:00 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 12 Jan 2023 09:00 AM IST
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50 not 150 rupees are needed in the wallet of the app, but you will see whether the bicycle will be available at the stand or not...
चंडीगढ़। शहर में शेयरिंग साइकिल चलाने के लिए अब आपको कंपनी के वॉलेट में ज्यादा रुपये रखने होंगे। स्मार्ट बाइक कंपनी ने साइकिल चलाने के लिए न्यूनतम बैलेंस को तीन गुना बढ़ा दिया है। पहले लोगों को साइकिल चलाने के लिए एप के वॉलेट में सिर्फ 50 रुपये रखना होता था लेकिन अब इसे बढ़ाकर 150 रुपये कर दिया गया है।
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शहर में साइकिलिंग को बढ़ावा देने के लिए पब्लिक बाइक शेयरिंग बड़े जोर-शोर से शुरू की गई थी, पर अब हालत बहुत खराब है। डॉकिंग स्टेशन पर साइकिलें नजर नहीं आतीं। कंपनी का मोबाइल एप भी इस बात की गवाही दे रहा है। अमर उजाला ने कंपनी के एप पर साइकिलों की उपलब्धता की जांच की तो पाया कि मोबाइल एप भी ज्यादातर स्टैंड पर साइकिलों की संख्या शून्य दिखा रहा है।
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सेक्टर-9 के स्टैंड पर एक साइकिल खड़ी दिखी लेकिन जब स्टैंड पर जाकर उसे चलाने का प्रयास किया तो वह साइकिल भी खराब मिली। अन्य कई स्टैंड की हालत भी कमोबेश ऐसी ही है। कई साइकिलों की बैटरी डाउन पाई गई तो कुछ खराब मिलीं। कंपनी और नगर निगम की अनदेखी की वजह से लोग ज्यादातर साइकिलों का इस्तेमाल ही नहीं कर पा रहे। कई साइकिलों पर लगे क्यूआर कोड खराब हैं। ये मोबाइल एप से स्कैन नहीं हो पाते। कई साइकिलों की लाइटें टूट चुकीं हैं। तार लटकते रहते हैं। इनके स्टैंड टूटे हुए हैं या फिर ढीले हैं।
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साइकिल में जीपीएस फिर महीनों से एक ही जगह क्यों खड़ी रहती है साइकिल
अमर उजाला की पड़ताल में कोई साइकिल सड़क किनारे तो कोई किसी दीवार के साथ खड़ी मिली। वहीं, एक साइकिल पिछले कई महीनों से मार्केट की पार्किंग में पड़ी है। सवाल उठ रहे हैं कि अगर जीपीएस लगा है तो कंपनी इनकी लोकेशन की पहचान कर उन्हें उठा कर स्टैंड पर क्यों नहीं लेकर जा रही। लोगों का आरोप है कि कंपनी का पूरा ध्यान डॉकिंग स्टेशन के विज्ञापनों पर है और इस चक्कर में साइकिलों की बिल्कुल भी देखभाल नहीं की जा रही। न ही खराब साइकिलों को ठीक किया जा रहा।
---लोगों से बातचीत---
खाते से कट गए पैसे लेकिन नहीं खुला लॉक
मैं सेक्टर-17 बस स्टैंड से हल्लोमाजरा अपने घर की तरफ जा रहा था। जैसे ही मैने ई-साइकिल के लिए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की तो मेरे 20 रुपये कट गए लेकिन साइकिल का लॉक नहीं खुला। मुझे चंडीगढ़ की ई-साइकिल का सिस्टम बहुत खराब लगा। अभी इसमें और सुधार करने की जरूरत है।
- देवेंद्र सिंह, हल्लोमाजरा निवासी
ज्यादातर ई-साइकिलों की हालत अब खराब
मुझे सेक्टर-22 से सेक्टर-40 की तरफ जाना था। मैंने जब ई-साइकिल बुक की तो उसकी बैटरी कम थी। ज्यादातर ई-साइकिलों की हालत अब खराब हो चुकी है। किसी में जंग लगी है तो किसी की सर्विस नहीं हुई है।

- सचिन कुमार, सेक्टर-40 निवासी
काफी देर कोशिश की, पर नहीं खुला लॉक
बस स्टैंड सेक्टर-43 से मैंने ई-साइकिल बुक की तो एप सही से काम नहीं कर रहा ह थी। काफी देर कोशिश की। कई साइकिलों को स्कैन किया लेकिन किसी की बैटरी कम थी तो कोई खराब थी। फिर मैं किसी और माध्यम से अपने घर गया।
- विकास कुमार, पंचकूला निवासी
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