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Chandigarh News: सरकारी स्कूलों में एक साल में घटे 4.64 लाख विद्यार्थी, एसीएस ने अधिकारियों को लगाई फटकार

Wed, 03 Apr 2024 08:56 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Apr 2024 08:56 PM IST
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4.64 lakh students decreased in government schools in one year, ACS reprimanded the officials.
शिक्षकों को सौंपा ड्राॅप आउट विद्यार्थियों को लाने का जिम्मा
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चंडीगढ़। तमाम दावों के बावजूद हरियाणा के सरकारी स्कूलों में ड्राॅप आउट विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है। पिछले एक साल की बात करें तो 4.64 लाख विद्यार्थी सरकारी स्कूलों में कम हुए हैं। 2022-23 में यू-डीआईएसई पोर्टल पर 55.41 लाख बच्चों का हुआ पंजीकरण था, जबकि सत्र 2023-24 में पहली से 11वीं तक के 4.64 लाख बच्चों को स्कूलों से ड्राॅप बॉक्स में दिखाया गया है। शिक्षा विभाग ने ड्राॅप आउट बच्चों को दाखिला दिलाने का जिम्मा शिक्षकों को सौंपा है। शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी अनुपमा स्कूलों में बच्चों की बढ़ती ड्राॅप आउट संख्या को लेकर नाराजगी जताई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने वीडियो काॅन्फ्रेंस से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को फटकार लगाते हुए अपने जिले के ड्राॅप आउट बच्चों का डाटा तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
राजकीय स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2022-23 में पहली से 12वीं तक पढ़ने वाले 55,41,592 बच्चों का डाटा यू-डीआईएसई पोर्टल पर पंजीकृत हुआ था। 2023-24 में जब वार्षिक परीक्षा परिणाम के आधार पर बच्चों का डाटा अपडेट किया तो प्रदेशभर के सभी स्कूलों में पहली से 11वीं तक पढ़ने वाले 4.64 लाख बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया। इन बच्चों ने किसी अन्य स्कूल में भी दाखिला नहीं लिया। एसीएस ने आदेश दिए कि ड्राॅप आउट बच्चों की जिलावार सूची तैयार की जाए। कक्षा पहली से आठवीं तक का डीईईओ तथा कक्षा 9वीं से 12वीं तक कार्य डीईओ की ओर से 15 अप्रैल किया जाएगा।
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विद्यार्थियों को तलाशने गली-गली पहुंचेंगे शिक्षक
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी राजकीय स्कूल प्रवेश उत्सव के दौरान अपने-अपने जिले में ड्राॅप आउट बच्चों की सूची लेकर जांच करेंगे कि ये बच्चे किसी भी स्कूल में पढ़ रहे हैं तो उन बच्चों का उस स्कूल यू-डीआईएसई ड्राॅप आउट बॉक्स में अपने स्कूल में लेना सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही यू-डीआईएसई ड्राॅप बॉक्स में दर्ज सभी बच्चों में से वे बच्चे जिनका पुन: प्रवेश नहीं हुआ है, उन सभी बच्चों के बारे में विवरण एकत्रित कर यह जांच की जाएगी कि यह बच्चे वास्तव में क्या कर रहे हैं।
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