बड़ा खुलासाः चार राज्यों में 45 हजार करोड़ का घोटाला
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यह खुलासा सीबीआई की शुरुआती जांच में हुआ है। सीबीआई द्वारा जब्त रिकार्ड के अनुसार कंपनी में चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल के पांच करोड़ से ज्यादा लोगों ने निवेश किया। बीते पांच दिन से चंडीगढ़, पंजाब में जारी छापों के दौरान सीबीआई ने जमीन खरीदने के लिए जमा करवाई गई राशि और कंपनी द्वारा खरीदी गई जमीन का रिकार्ड जब्त किया है।
सीबीआई की स्पेशल टीम चेक कर रही है रिकॉर्ड
सीबीआई की स्पेशल टीम इस रिकॉर्ड को चेक कर रही है। सीबीआई टीम ने ये रिकॉर्ड कंपनियों के दफ्तरों और उसका हिसाब-किताब रखने वाले डॉक्टर आईटी ग्रुप के संचालक सीए एसके महाजन के ऑफिस और घर से कब्जे में लिए हैं। सीबीआई ने 22 फरवरी को निवेशकों से धोखाधड़ी करने के मामले में पीएसीएल के प्रमोटर निर्मल सिंह भंगू और पीजीएफ के प्रमोटरों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
कंपनी ने ऐसे लगाया लोगों को चूना
प्राथमिक जांच में पता चला कि दिल्ली की कंपनी ने जमीन के नाम पर निवेशकों से पैसा लिया। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जब कंपनी को ऐसा करने से मना किया तो उसने दूसरी कंपनी बनाई। नए नाम से कंपनी ने फिर लोगों से पैसा ठगा। दूसरी कंपनी में निवेश करने वाले लोगों से जमा हुई रकम से ही पहली कंपनी में निवेश करने वाले लोगों को कुछ पैसा लौटा दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया था कार्रवाई करने का आदेश
सेबी को जानकारी मिली थी कि रियल इस्टेट का काम करने वाली पीएसीएल लोगों को छह साल में दोगुना पैसा देने जैसी स्कीमों से लालच देकर पैसा इकट्ठा कर रही थी। 1996 में बनी इस कंपनी ने इस रकम से पूरे देश में 1.85 लाख एकड़ जमीन खरीद ली थी। सेबी सितंबर 2011 में कंपनी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची तो मार्च 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके बाद सीबीआई ने मामले में जांच शुरू कर दी।