{"_id":"5d9d67628ebc3e01376aa036","slug":"42th-zonal-youth-festival-in-dav-pg-college-karnal-haryana","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"करनालः 42वें जोनल यूथ फेस्टिवल का शानदार आगाज, पुलवामा हमले पर आधारित रही पहली परफॉर्मेंस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करनालः 42वें जोनल यूथ फेस्टिवल का शानदार आगाज, पुलवामा हमले पर आधारित रही पहली परफॉर्मेंस
Wed, 09 Oct 2019 12:50 PM IST
खुशबू गोयल
गगन तलवार, अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
गगन तलवार, अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 09 Oct 2019 12:50 PM IST
विज्ञापन
डीएवी पीजी कॉलेज के विद्यार्थी पुलवामा हमले पर आधारित प्रस्तुति देते हुए
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आतंकी हमले में सैनिकों का मरना, छोटी बच्चियों से रेप, गरीबी के कारण भूखमरी से परिवार का तड़पना या बच्चों के सपनों का मरना व अशिक्षा के कारण परिवार की क्या दशा होती है, इसका चित्रण कलाकार विद्यार्थियों ने कोरियोग्राफी की प्रस्तुति में किया।
मौका था डीएवी पीजी कॉलेज में जोनल यूथ फेस्टिवल का। कुल 9 प्रस्तुतियों में से एक दो को छोड़कर हर किसी ने इन्हीं समस्याओं को उठाया। ताकि हर सभी जागरूक हो और समाज की इन समस्याओं को जड़ से खत्म करने की दिशा में प्रयास करे।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के तत्वावधान में 42वें जोनल यूथ फेस्टिवल का बुधवार को रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ आगाज हुआ। तीन दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन करनाल-पानीपत के 75 कॉलेजों में से 24 कॉलेजों की टीमों ने 12 विधाओं में हिस्सा लिया। दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ दो सत्रों का कार्यक्रम रात तक चला।
विज्ञापन
दीप प्रज्ज्वलित कर अतिथियों ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रिंसिपल डॉ. रामपाल सैनी ने की। पहले सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा व विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी एसपी चौहान ने शिरकत की। वहीं दूसरे सत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डीडीएस संधू व चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी सिरसा के पूर्व उपकुलपति डॉ. राधेश्याम शर्मा ने मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे।
अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। इस अवसर पर कुवि के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के निदेशक तेजेंद्र शर्मा व हरियाणा कला परिषद के सदस्य शीशपाल सिंह चौहान सहित विभिन्न कॉलेजों के प्रिंसिपल पहुंचे।
विज्ञापन
मौका था डीएवी पीजी कॉलेज में जोनल यूथ फेस्टिवल का। कुल 9 प्रस्तुतियों में से एक दो को छोड़कर हर किसी ने इन्हीं समस्याओं को उठाया। ताकि हर सभी जागरूक हो और समाज की इन समस्याओं को जड़ से खत्म करने की दिशा में प्रयास करे।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के तत्वावधान में 42वें जोनल यूथ फेस्टिवल का बुधवार को रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ आगाज हुआ। तीन दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन करनाल-पानीपत के 75 कॉलेजों में से 24 कॉलेजों की टीमों ने 12 विधाओं में हिस्सा लिया। दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ दो सत्रों का कार्यक्रम रात तक चला।
विज्ञापन
दीप प्रज्ज्वलित कर अतिथियों ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रिंसिपल डॉ. रामपाल सैनी ने की। पहले सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा व विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी एसपी चौहान ने शिरकत की। वहीं दूसरे सत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डीडीएस संधू व चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी सिरसा के पूर्व उपकुलपति डॉ. राधेश्याम शर्मा ने मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे।
अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। इस अवसर पर कुवि के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के निदेशक तेजेंद्र शर्मा व हरियाणा कला परिषद के सदस्य शीशपाल सिंह चौहान सहित विभिन्न कॉलेजों के प्रिंसिपल पहुंचे।
पुलवामा कांड ने रूलाया तो चंद्रयान-2 उड़ते ही भरा जोश
कार्यक्रम की शुरूआत कोरियोग्राफी की प्रस्तुतियों से हुई। आतंकवाद पर आधारित पहली प्रस्तुति में मेजबान कॉलेज के विद्यार्थियों ने पुलवामा कांड दर्शा दर्शकों को भावुक किया। तो वहीं अंतिम प्रस्तुति में एसडी कॉलेज पानीपत के विद्यार्थियों ने मेहनत के बल पर चंद्रयान उड़ाने की प्रस्तुति ने युवाओं में जोश भरा।
मेरी पतली कमर नाड़ा जुब्बेदार.. पर लगे ठहाके
रिचुअल में कुल 11 टीमों ने अपनी प्रस्तुति दी। पहली प्रस्तुति में लड़के की शादी व दूसरी में ब्याह के दृश्य में मेरी पतली कमर नाड़ा जुब्बेदार और ओ पीर जी.. गीत की प्रस्तुति का खूब ठहाके लगाकर दर्शकों ने आनंद लिया। तीन अलग-अलग मंचों पर कोरियोग्राफी, हरियाणवी संस्कृति का सुंदर चित्रण प्रस्तुत करते नाटक, पॉप सॉंग हरियाणवीं, माईम, क्लासिकल डांस सोलो, ग्रुप सॉन्ग जर्नल, सोलो डांस हरियाणवी(महिला), सोलो डांस हरियाणवी(पुरुष), संस्कृत ड्रामा, फोक हरियाणवी(सोलो), फोक सॉन्ग जर्नल व लाइट वोकल इंडियन की प्रस्तुतियां हुई।
करनाल में 13 साल बाद और कॉलेज में पहली बार आयोजन
कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का स्वागत करते हुए डीएवी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. रामपाल सैनी ने कहा कि उनके लिए यह गौरव का विषय है कि 13 साल बाद करनाल में और 1974 में बना उनका कॉलेज पहली बार जोनल यूथ फेस्टिवल की मेजबानी कर रहा है।
मेरी पतली कमर नाड़ा जुब्बेदार.. पर लगे ठहाके
रिचुअल में कुल 11 टीमों ने अपनी प्रस्तुति दी। पहली प्रस्तुति में लड़के की शादी व दूसरी में ब्याह के दृश्य में मेरी पतली कमर नाड़ा जुब्बेदार और ओ पीर जी.. गीत की प्रस्तुति का खूब ठहाके लगाकर दर्शकों ने आनंद लिया। तीन अलग-अलग मंचों पर कोरियोग्राफी, हरियाणवी संस्कृति का सुंदर चित्रण प्रस्तुत करते नाटक, पॉप सॉंग हरियाणवीं, माईम, क्लासिकल डांस सोलो, ग्रुप सॉन्ग जर्नल, सोलो डांस हरियाणवी(महिला), सोलो डांस हरियाणवी(पुरुष), संस्कृत ड्रामा, फोक हरियाणवी(सोलो), फोक सॉन्ग जर्नल व लाइट वोकल इंडियन की प्रस्तुतियां हुई।
करनाल में 13 साल बाद और कॉलेज में पहली बार आयोजन
कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का स्वागत करते हुए डीएवी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. रामपाल सैनी ने कहा कि उनके लिए यह गौरव का विषय है कि 13 साल बाद करनाल में और 1974 में बना उनका कॉलेज पहली बार जोनल यूथ फेस्टिवल की मेजबानी कर रहा है।
आयोजन युवाओं को संस्कृति से रूबरू कराने का प्रयास
केयू के वीसी डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा आज की युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं, सामाजिक ताने-बाने और संस्कृति से जोड़ने के लिए सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा एक बहुत ही मजबूत हथियार की तरह है जो समाज में फैली कुरीतियों और अव्यवस्थाओं को खत्म करने का काम करती है। डॉ. कैलाश चंद्र ने विद्यार्थियों से अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने की अपील भी की।
सिनेमा में परोसी जा रही अश्लीलता से बचना जरूरी
विशिष्ट अतिथि एसपी चौहान ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को सिनेमा में परोसी जा रही अश्लीलता और फुहड़ता से बचाने की आवश्यकता है। आज युवाओं को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए तभी हम एक युवा देश होने का सही दायित्व निभा पाएंगे।
सिनेमा में परोसी जा रही अश्लीलता से बचना जरूरी
विशिष्ट अतिथि एसपी चौहान ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को सिनेमा में परोसी जा रही अश्लीलता और फुहड़ता से बचाने की आवश्यकता है। आज युवाओं को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए तभी हम एक युवा देश होने का सही दायित्व निभा पाएंगे।
पहले सत्र की सांस्कृतिक विधाओं के परिणाम
1. कोरियोग्राफी: आर्य पीजी कॉलेज पानीपत की टीम ने देश में रोज बढ़ रही बलात्कार की घटनाओं पर कटाक्ष करते हुए अपनी प्रस्तुति से प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं दूसरे स्थान पर एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की टीम रही। केवीए डीएवी महिला कॉलेज करनाल की टीम ने बंजारण की कहानी दर्शा तीसरा स्थान प्राप्त किया।
2. ग्रुप सॉन्ग जर्नल: सात सुरों की मस्ती पर पवन सी की बेहद सुंदर प्रस्तुति के साथ आर्य पीजी कॉलेज पानीपत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। गुरु नानक खालसा कॉलेज करनाल की टीम दूसरे स्थान पर रही। राजकीय कन्या महाविद्यालय करनाल की टीम को तीसरा स्थान मिला।
3. फोक सॉन्ग हरियाणवी: गुरु नानक खालसा कॉलेज करनाल की टीम ने प्रथम, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत को दूसरा व डीएवी पीजी कॉलेज करनाल को तीसरा स्थान मिला।
4. क्लासिकल डांस सोलो : आर्य पीजी कॉलेज को प्रथम व राजकीय कन्या महाविद्यालय करनाल की टीम ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
2. ग्रुप सॉन्ग जर्नल: सात सुरों की मस्ती पर पवन सी की बेहद सुंदर प्रस्तुति के साथ आर्य पीजी कॉलेज पानीपत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। गुरु नानक खालसा कॉलेज करनाल की टीम दूसरे स्थान पर रही। राजकीय कन्या महाविद्यालय करनाल की टीम को तीसरा स्थान मिला।
3. फोक सॉन्ग हरियाणवी: गुरु नानक खालसा कॉलेज करनाल की टीम ने प्रथम, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत को दूसरा व डीएवी पीजी कॉलेज करनाल को तीसरा स्थान मिला।
4. क्लासिकल डांस सोलो : आर्य पीजी कॉलेज को प्रथम व राजकीय कन्या महाविद्यालय करनाल की टीम ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।