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जानिए कहां बनेगा 400 मेगावाट का अंडर ग्राउंड बिजली सब स्टेशन
योगेंद्र त्रिपाठी/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 08 Feb 2017 12:59 AM IST
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बिजली विभाग की ओर से सेक्टर - 26 में नया अंडर ग्राउंड 220 केवी सब स्टेशन बनाया जाएगा। इस सब स्टेशन में जनरेटर भी लगाया जाएगा ताकि शहरवासियों को 24 घंटे बिजली की सप्लाई जारी रहे। इसकेे लिए विभाग की ओर से एस्टीमेट तैॅयार कर लिया गया है। इसका टेंडर 15 फरवरी तक निकाला जाएगा।
सेक्टर-26 में नया अंडर ग्राउंड सब स्टेशन बनाने के लिए 40 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया गया है। यह 220 केवी सब स्टेशन इसलिए बनाया जा रहा है, ताकि शहरवासियों को अघोषित कट की समस्या का सामना न करना पडे़। यह जनरेटर आटोमेटिक सिस्टम से लैस होगा। बिजली की सप्लाई बंद होते ही जनरेटर चला दिया जाएगा। इससे शहर में बिजली केअघोषित कट से निजात मिलेगी। शहर में सबसे अधिक मार्च से अगस्त के बीच अघोषित कट होता है। गर्मी में शहर में बिजली 400 मेगावाट खर्च होती है।
आम दिनों में बिजली सप्लाई 260 मेगावाट होती है। इससे सब स्टेशन पर 140 मेगावाट का अतिरिक्त लोड बढ़ जाता है। इसी कारण सब स्टेशन खराब हो जाते हैं और बिजली सप्लाई बाधित हो जाती है। सेक्टर - 26 में अंडर ग्राउंड 400 मेगावाट का सब स्टेशन बन जाने पर वहां गर्मियों में फाल्ट की संभावना कम हो जाएगीऔर लोगों को बिजली कट की समस्या का सामना नहीं करना पडे़गा। शहर में मौजूदा समय में 13 सब स्टेशन हैं। अगर यह पायलेट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो शहर के सेक्टर -52, इंडस्ट्रियल एरिया फेज- एक और सारंगपुर में भी ऐसे सब स्टेशन बनाए जाएंगे।
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बिजली विभाग के पास है यह समस्या
बिजली विभाग की ओर से 350 कर्मचारियों की भर्ती नहीं हो पाई है। इसी कारण लाइट का फाल्ट आने केबाद सब स्टेशन रिपेयर नहीं हो पाते हैं। वहीं स्मार्ट मीटर भी लोगों के घरों में नहीं लगाए गए है। इसलिए लोड अधिक होने के बाद भी लाइट ऑटोमेटिक नहीं कटती है। इसी कारण सब स्टेशसन के ट्रांसफार्मर में फाल्ट आ जाता है।
शहर के बिजली सिस्टम को स्मार्ट करने के लिए यह अंडरग्राउंड जनरेटर चालित पहला सब स्टेशन बनाया जाएगा। इसके लिए 15 फरवरी तक टेंडर अलाट किए जाएंगे।
एमपी सिंह, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, बिजली विभाग
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सेक्टर-26 में नया अंडर ग्राउंड सब स्टेशन बनाने के लिए 40 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया गया है। यह 220 केवी सब स्टेशन इसलिए बनाया जा रहा है, ताकि शहरवासियों को अघोषित कट की समस्या का सामना न करना पडे़। यह जनरेटर आटोमेटिक सिस्टम से लैस होगा। बिजली की सप्लाई बंद होते ही जनरेटर चला दिया जाएगा। इससे शहर में बिजली केअघोषित कट से निजात मिलेगी। शहर में सबसे अधिक मार्च से अगस्त के बीच अघोषित कट होता है। गर्मी में शहर में बिजली 400 मेगावाट खर्च होती है।
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आम दिनों में बिजली सप्लाई 260 मेगावाट होती है। इससे सब स्टेशन पर 140 मेगावाट का अतिरिक्त लोड बढ़ जाता है। इसी कारण सब स्टेशन खराब हो जाते हैं और बिजली सप्लाई बाधित हो जाती है। सेक्टर - 26 में अंडर ग्राउंड 400 मेगावाट का सब स्टेशन बन जाने पर वहां गर्मियों में फाल्ट की संभावना कम हो जाएगीऔर लोगों को बिजली कट की समस्या का सामना नहीं करना पडे़गा। शहर में मौजूदा समय में 13 सब स्टेशन हैं। अगर यह पायलेट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो शहर के सेक्टर -52, इंडस्ट्रियल एरिया फेज- एक और सारंगपुर में भी ऐसे सब स्टेशन बनाए जाएंगे।
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बिजली विभाग के पास है यह समस्या
बिजली विभाग की ओर से 350 कर्मचारियों की भर्ती नहीं हो पाई है। इसी कारण लाइट का फाल्ट आने केबाद सब स्टेशन रिपेयर नहीं हो पाते हैं। वहीं स्मार्ट मीटर भी लोगों के घरों में नहीं लगाए गए है। इसलिए लोड अधिक होने के बाद भी लाइट ऑटोमेटिक नहीं कटती है। इसी कारण सब स्टेशसन के ट्रांसफार्मर में फाल्ट आ जाता है।
शहर के बिजली सिस्टम को स्मार्ट करने के लिए यह अंडरग्राउंड जनरेटर चालित पहला सब स्टेशन बनाया जाएगा। इसके लिए 15 फरवरी तक टेंडर अलाट किए जाएंगे।
एमपी सिंह, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, बिजली विभाग