मानेसर जमीन घोटालाः सीबीआई कोर्ट में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत पेश हुए 34 आरोपी
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मानेसर जमीन अधिग्रहण घोटाले के मामले में बुधवार को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में मुख्य आरोपी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत सभी 34 अन्य आरोपी कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 16 नवंबर की तारीख निश्चित की है। वहीं पिछली सुनवाई के दौरान चालान की स्क्रूटनी में कई दस्तावेजों की कमी पाई गई थी, जिसकी मांग बचाव पक्ष के वकील ने की थी।
गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री सहित 34 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई थी। अब इस मामले में पंचकूला की सीबीआई कोर्ट के स्पेशल जज कपिल राठी की कोर्ट में सुनवाई चल रही है। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री के अलावा एमएल तायल, छतर सिंह, एसएस ढिल्लों, पूर्व डीटीपी जसवंत सहित कई बिल्डरों के खिलाफ चार्जशीट में नाम आया है। मामले में बुधवार को भी सीबीआई ने बचाव पक्ष को बाकी के डाक्यूमेंट्स नहीं दिए। अब अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।
मानेसर जमीन घोटाले को लेकर सीबीआई ने हुड्डा सहित 34 के खिलाफ 17 सितंबर 2015 को मामला दर्ज किया था। ईडी ने भी हुड्डा के खिलाफ सितंबर 2016 में मनी लॉड्रिंग का केस दर्ज किया और सीबीआई की एफआईआर के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज किया था। जिसके बाद से कांग्रेस लगातार इस कार्रवाई को सियासी रंजिश का नाम दे रही है।
इस मामले में आरोप है कि अगस्त 2014 में निजी बिल्डरों ने प्रदेश सरकार के साथ मिलीभगत कर गुरुग्राम में मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों के किसानों और भू-स्वामियों को अधिग्रहण का भय दिखाकर उनकी करीब 400 एकड़ जमीन औने-पौने दाम पर खरीद ली थी। कांग्रेस की हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान करीब 900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर उसे बिल्डर्स को औने-पौने दाम पर बेचने का आरोप है।