चंडीगढ़ः पीजीआई में नौ साल से बन रहा था 250 बेड का हॉस्पिटल, निकला 334 का
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नौ साल से पीजीआई के जिस हॉस्पिटल को 250 बेड का माना जा रहा था, वह 334 बेड का निकला है। पीजीआई की तरफ से उसे अभी तक 250 बेड का ही बताया जा रहा था। मीडिया में भी 250 बेड की ही चर्चा थी। जैसे-जैसे हॉस्पिटल का निर्माण पूरा हो रहा है, हॉस्पिटल की बारीकियां भी बाहर निकल कर आ रही हैं। पीजीआई प्रशासन का कहना है कि नौ साल पहले इसकी प्लानिंग हुई थी।
उस दौरान 250 बेड की योजना बनी थी, लेकिन अब यह 334 बेड का हास्पिटल बनकर तैयार होगा। इस बात की पूरी संभावना है कि इसका निर्माण 31 जनवरी तक पूरा हो जाए। पीजीआई में अभी तक 1850 बेड हैं। 334 को मिलाकर बेड की संख्या 2184 तक पहुंच जाएगी। इसका सीधा फायदा मरीजों को होगा। इस समय पीजीआई में मरीजों का जबरदस्त फ्लो है। कई मरीजों को बेड नहीं मिलने से उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ता है।
इस हॉस्पिटल में चार डिपार्टमेंट होंगे शिफ्ट
पीजीआई के मुताबिक इस हॉस्पिटल को नेहरू हॉस्पिटल का एक्सटेंशन माना जा रहा है। नेहरू हॉस्पिटल के चार डिपार्टमेंट ईएनटी, रेडियोथैरेपी, हीप्टोलाजी (लिवर) और एंडोक्राइनोलाजी शिफ्ट होंगे। इसमें 80 प्राइवेट वार्ड हैं और 9 ऑपरेशन थियेटर। चारों ही डिपार्टमेंट में मरीजों का जबरदस्त बोझ है। मरीजों को बेड तक नहीं मिलते हैं। ऐसे में चार डिपार्टमेंट के विस्तार से मरीजों को काफी बड़ी राहत मिली है। इन डिपार्टमेंट के शिफ्ट होने से नेहरू हॉस्पिटल में जगह खाली हो जाएगी। यहां पर बाकी डिपार्टमेंट का विस्तार किया जाएगा
साल 2010 से चल रहा था निर्माण
पीजीआई के इस हॉस्पिटल की स्वीकृति साल 2010 में मिली थी। साल 2013 में आकर इसका निर्माण बंद हो गया। उस वक्त दो बड़े कारण थे। पहला इन्वायरमेंट क्लीयरेंस न मिलना और दूसरा हॉस्पिटल की 16 जरूरी सर्विस का गायब होना। हॉस्पिटल का लगभग 50 प्रतिशत काम हो गया था, लेकिन मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम, एडिशनल एलिवेटर्स, हाट वाटर सप्लाई, ऑपरेशन थियेटर, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, फर्नीचर, सीसीटीवी कैमरे और इमरजेंसी लाइटिंग के बारे में सोचा नहीं गया।
दो साल तक निर्माण बंद होने से इस प्रोजेक्ट की करीब 90 करोड़ रुपये की कास्ट भी बढ़ी। हालांकि बाद में पीजीआई डायरेक्टर प्रो. जगतराम और डिप्टी डायरेक्टर अमिताभ अवस्थी ने इस प्रोजेक्ट को मुख्य रूप से लिया और रुके काम को चालू करवाने के लिए दिन रात एक कर दिया। साल 2017 में इसका निर्माण फिर से शुरू हुआ और हॉस्पिटल के निर्माण के लिए अतिरिक्त ग्रांट और डॉक्टरों की पोस्ट भी स्वीकृत करवाई।
यह हॉस्पिटल 334 बेड का है। इसका निर्माण 31 जनवरी तक पूरा होने की संभावना है। इस हॉस्पिटल के निर्माण से पीजीआई में 2174 बेड हो जाएंगे, जिससे मरीजों को काफी फायदा पहुंचेगा। -प्रो. जगतराम, डायरेक्टर पीजीआई