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मनोहर सरकार के तीन साल, खाते में उपलब्धियां कम विवाद ज्यादा
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 26 Oct 2017 09:14 AM IST
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Manohar Lal Khattar
- फोटो : File Photo
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संघर्ष और सत्ता के बीच तीन साल गुजारने के बाद मनोहर सरकार ने अगले दो साल का रोड मैप तैयार कर लिया है, लेकिन चुनौतियों की डगर अभी लंबी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लहर के सहारे हरियाणा में पहली भाजपा सरकार को अभी और चुनौतियां झेलनी होंगी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किसान पंचायतों के माध्यम से जनाधार बटोरने के साथ ही सरकार पर सीधे हमले शुरू कर दिए हैं। जबकि इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय चौटाला ने सरकार के नुमाइंदों की भ्रष्टाचार की सीडी जारी करने की चेतावनी दी है।
भाजपा ने प्रदेश में अपने बूते पर सरकार बनाकर तीन साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस कार्यकाल में सरकार विकास की बजाय विवादों में भी घिरी रही है। चाहे जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रव हो या रामपाल और राम रहीम की गिरफ्तारी के दौरान हिंसा। गेस्ट टीचरों और जेबीटी की नियुक्ति का मामला हो या फिर बिजली बिलों का। हालांकि सीएम विंडो या बायोमेट्रिक अटेंडेंस के साथ पुलिस रिफॉर्म की पहल कर सुधार की नींव जरूर रखी। लेकिन अधिकतर मामलों में सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा।
नौकरियों में भ्रष्टाचार के खात्मे का दावा कर रही सरकार आने वाले दो सालों में अपने भ्रष्टाचार मुक्त शासन के दावे को कैश करवाने की तैयारी में है। उसने अगले दो साल का भर्तियों का रोडमैप भी तैयार कर लिया है। ग्रुप सी और डी के तहत साक्षात्कार खत्म कर मुख्यमंत्री ने इस श्रेणी के तहत 13 हजार और पारदर्शी भर्तियों का दावा किया है। साथ ही कहा है कि निजी क्षेत्र में अब तक 3 लाख 13 हजार नौकरियां दी जा चुकी हैं। आने वाले समय में पौने तीन लाख रोजगार निजी क्षेत्र में और सृजित होंगे। लेकिन कार्यकाल का आधे से ज्यादा समय बीत चुका है, ऐसे में अपने वादों पर खरा उतरना सरकार के लिए कड़ी चुनौती होगी।
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भाजपा ने प्रदेश में अपने बूते पर सरकार बनाकर तीन साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस कार्यकाल में सरकार विकास की बजाय विवादों में भी घिरी रही है। चाहे जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रव हो या रामपाल और राम रहीम की गिरफ्तारी के दौरान हिंसा। गेस्ट टीचरों और जेबीटी की नियुक्ति का मामला हो या फिर बिजली बिलों का। हालांकि सीएम विंडो या बायोमेट्रिक अटेंडेंस के साथ पुलिस रिफॉर्म की पहल कर सुधार की नींव जरूर रखी। लेकिन अधिकतर मामलों में सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा।
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नौकरियों में भ्रष्टाचार के खात्मे का दावा कर रही सरकार आने वाले दो सालों में अपने भ्रष्टाचार मुक्त शासन के दावे को कैश करवाने की तैयारी में है। उसने अगले दो साल का भर्तियों का रोडमैप भी तैयार कर लिया है। ग्रुप सी और डी के तहत साक्षात्कार खत्म कर मुख्यमंत्री ने इस श्रेणी के तहत 13 हजार और पारदर्शी भर्तियों का दावा किया है। साथ ही कहा है कि निजी क्षेत्र में अब तक 3 लाख 13 हजार नौकरियां दी जा चुकी हैं। आने वाले समय में पौने तीन लाख रोजगार निजी क्षेत्र में और सृजित होंगे। लेकिन कार्यकाल का आधे से ज्यादा समय बीत चुका है, ऐसे में अपने वादों पर खरा उतरना सरकार के लिए कड़ी चुनौती होगी।
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सरकार के पांच बड़े दावे
Haryana CM Manohar lal Khattar
- फोटो : File Photo
सरकार के पांच बड़े दावे
1. भ्रष्टाचार मुक्त भर्तियां
2. सीएलयू की पावर टाउन एंड कंट्री निदेशक को दी
3. आनलाइन टीचर ट्रांसफर पालिसी
4. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत लिंगानुपात बढ़ा
5. केरोसीन फ्री हरियाणा
हरियाणा में सरकारी नौकरियों के लिए भर्तियों में होने वाला खेल अब नहीं चलेगा। भर्तियों में पर्ची सिस्टम पूरी तरह खत्म हो चुका है। तीन साल में सरकार ने बहुत बढ़िया काम किया है। आने वाले दो साल भी लाजवाब होंगे। विपक्ष के शोर शराबे की हमें कोई परवाह नहीं। अंत्योदय की भावना में हम सफल हुए, अंतिम व्यक्ति पर विकास पहुंचेगा। - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री हरियाणा
बदला बदली की सरकार.
तीन साल में यह सरकार किसान विरोधी सरकार बनकर सामने आई है। सरकार ने किया कुछ नहीं, जो हमने किया उसको बदलने में जुटी रही। अब जनता जवाब मांग रही है। डेरा प्रकरण और जाट आंदेालन के दौरान हरियाणा सरकार पर लगे दाग कभी नहीं धुल पाएंगे। दोनों मामलों में सरकार कानून व्यवस्था बनाने में पूरी तरह से असफल रही है। -भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री
1. भ्रष्टाचार मुक्त भर्तियां
2. सीएलयू की पावर टाउन एंड कंट्री निदेशक को दी
3. आनलाइन टीचर ट्रांसफर पालिसी
4. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत लिंगानुपात बढ़ा
5. केरोसीन फ्री हरियाणा
हरियाणा में सरकारी नौकरियों के लिए भर्तियों में होने वाला खेल अब नहीं चलेगा। भर्तियों में पर्ची सिस्टम पूरी तरह खत्म हो चुका है। तीन साल में सरकार ने बहुत बढ़िया काम किया है। आने वाले दो साल भी लाजवाब होंगे। विपक्ष के शोर शराबे की हमें कोई परवाह नहीं। अंत्योदय की भावना में हम सफल हुए, अंतिम व्यक्ति पर विकास पहुंचेगा। - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री हरियाणा
बदला बदली की सरकार.
तीन साल में यह सरकार किसान विरोधी सरकार बनकर सामने आई है। सरकार ने किया कुछ नहीं, जो हमने किया उसको बदलने में जुटी रही। अब जनता जवाब मांग रही है। डेरा प्रकरण और जाट आंदेालन के दौरान हरियाणा सरकार पर लगे दाग कभी नहीं धुल पाएंगे। दोनों मामलों में सरकार कानून व्यवस्था बनाने में पूरी तरह से असफल रही है। -भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री