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चंडीगढ़ के लोगों को रेड लाइट पर रुकना पसंद नहीं; देश में सबसे सख्त ट्रैफिक रूल, फिर भी कट गए 29 लाख चालान

Sat, 22 Feb 2025 05:54 PM IST
अंकेश ठाकुर संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़
संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Sat, 22 Feb 2025 05:54 PM IST
सार

पंजाब और हरियाणा दो राज्यों की राजधानी चंडीगढ़ में यातायात नियम काफी सख्त हैं। बावजूद इसके वाहन चालक ट्रैफिक रूल तोड़ने से बाज नहीं आते। चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने पिछले 5 साल में 29 लाख 97 हजार 302 चालान किए हैं। सबसे ज्यादा चालान रेड लाइट जंप के हैं। 

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29 lakh traffic challans in Chandigarh in five years
चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ को लोग अब चालानगढ़ भी कहने लगे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि शहर में यातायात नियमों की अवहेलना करने पर तुरंत ऑनलाइन चालान कट जाता है। ट्रैफिक नियमों को लेकर शहर में काफी ज्यादा सख्ती है। यह सख्ती सड़क हादसों को रोकने के लिए की गई है। बावजूद जो वाहन चालक नियमों की अनदेखी करते हैं उनके धड़ाधड़ चालान भी कट रह हैं। 

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ट्रैफिक पुलिस ने पिछले 5 साल में 29 लाख 97 हजार 302 चालान किए। 7691 वाहन चालकों ने 5 साल में 25 बार से ज्यादा ट्रैफिक नियम तोड़े। 29 लाख चालानों में से 18 लाख 27 हजार 532 चालान का ही भुगतान किया गया। खास बात यह है कि सबसे ज्यादा चालान रेड लाइट जंप के हैं। इससे ऐसा लग रहा है कि चंडीगढ़ के लोगों को रेड लाइट पर रुकना पसंद नहीं है।

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2024 के सबसे अधिक भुगतान लंबित हैं। 2024 में 77 प्रतिशत लोगों ने चालान का भुगतान नहीं किया। इसका खुलासा आरटीआई कार्यकर्ता आरके गर्ग की ओर से आरटीआई में ली गई जानकारी में हुआ। आरटीआई में मिले डाटा के अनुसार सबसे ज्यादा चालान लाल बत्ती जंप और जेब्रा क्रॉसिंग के हुए। इसके बाद बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन चलाने वालों के चालान हुए। महिलाओं के बिना हेलमेट के 50 हजार से अधिक चालान काटे गए, जबकि पुरुषों के 19 हजार चालान कटे। पिछले तीन साल में तेज रफ्तार के 5 लाख 45 हजार 250 और लाल बत्ती जंप करने वालों के 11 लाख 12 हजार 590 चालान कट चुके हैं। जनवरी में 10 लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है।

334 करोड़ खर्च कर बनाया गया था आईसीसीसी
आरटीआई कार्यकर्ता आरके गर्ग ने बताया कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 334 करोड़ रुपये खर्च कर इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) बनाया गया था। आईसीसीसी ने चंडीगढ़ के 47 प्रमुख जंक्शन पर 2 हजार कैमरे लगाए। न तो चालान से रेवेन्यू मिला, न ही चालान कम हुए। इन कैमरों का मकसद था कि ट्रैफिक कंट्रोल हो सके, लेकिन कैमरे सिर्फ चालान तक ही सीमित रह गए।

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साल    कुल चालान            लंबित             भुगतान      परसेंट        लंबित परसेंट

2020 178952             39634            139318         78             22
2021 239654             47801            191853         80             20
2022 596794             295527          301267         50             50
2023 990069             685736          304333         31             69
2024 991833             758834           232999        23             77
कुल 2997302             1827532         1169770       39             06

साल          तेज रफ्तार के चालान
2022            1,89,688
2023            2,07,953
2024            1,47,609

साल     कुल चालान     रेड लाइट जंप     तेज रफ्तार
2022     596795          183409         189688
2023     990069           427892         207953
2024     991748           501289        147609

साल       कुल हादसे      घायल     मौत
2021       208             172        96
2022       237             203        83
2023       182            171         67
2024       169             133        81

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