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2540 श्रमिक आजमगढ़ और बरौनी रवाना
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रविवार को सेक्टर 43 के बस अड्डे पर चंडीगढ़ से आजमगढ़ जाने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग करता ?
- फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। कोरोना महामारी के चलते चंडीगढ़ में फंसे यूपी-बिहार के 2540 प्रवासी मजदूर रविवार को ट्रेन से अपने गृह राज्य रवाना हुए। सबसे पहले दोपहर दो बजे बिहार के बरौनी के लिए ट्रेन से 1266 श्रमिकों को चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से रवाना किया गया। इसके बाद आजमगढ़ (यूपी) के लिए शाम छह बजे ट्रेन रवाना हुई। इस ट्रेन से 1274 श्रमिकों को आजमगढ़ भेजा गया। ट्रेनों में बैठने से पहले श्रमिकों का आईएसबीटी-43 पर थर्मल स्क्रीनिंग की गई। उसके बाद श्रमिकों को बस के माध्यम से बारी-बारी से चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन लाकर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए ट्रेन में बैठाया गया।
आईएसबीटी पर हुई मेडिकल जांच
रविवार को भी आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) और बिहार जाने वाले श्रमिकों की मेडिकल स्क्रीनिंग की गई। आईएसबीटी सेक्टर-43 में दो होल्डिंग केंद्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से ट्रेन में सवार होने से पहले चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। इस दौरान दोपहर खाने में यूटी प्रशासन की ओर से लंच पैकेट और पानी की बोतलों का वितरण किया गया।
यूटी प्रशासन की ओर से ट्रेनों में सवार होने से पहले प्रवासी मजदूरों की आईएसबीटी 43 में मेडिकल स्क्रीनिंग की जा रही है। उन्हें यहां से बसों के जरिए चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन भेजा जाता है। रविवार को भी घर वापसी करने वाले श्रमिकों की आईएसबीटी 43 में हेल्थ स्क्रीनिंग की गई। मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए यूटी प्रशासन की ओर से लोगों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग रखी गई। इसके लिए दो होल्डिंग केंद्र बनाए गए हैं। बढ़ते तापमान के दौरान हेल्थ स्क्रीनिंग में छोटे बच्चों के साथ महिलाओं, गर्भवती महिलाओं, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता दी गई।
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चंडीगढ़ में फंसे व्यक्तियों के लिए विशेष ट्रेनों द्वारा आवाजाही की व्यवस्था की गई है। चंडीगढ़ प्रशासन के हेल्पलाइन या वेबसाइट के जरिए होने वाले पंजीकरण से तैयार सूची के जरिए श्रमिकों को भेजा जा रहा है।
- यशपाल गर्ग, सचिव, समाज कल्याण विभाग, चंडीगढ़
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आईएसबीटी पर हुई मेडिकल जांच
रविवार को भी आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) और बिहार जाने वाले श्रमिकों की मेडिकल स्क्रीनिंग की गई। आईएसबीटी सेक्टर-43 में दो होल्डिंग केंद्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से ट्रेन में सवार होने से पहले चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। इस दौरान दोपहर खाने में यूटी प्रशासन की ओर से लंच पैकेट और पानी की बोतलों का वितरण किया गया।
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यूटी प्रशासन की ओर से ट्रेनों में सवार होने से पहले प्रवासी मजदूरों की आईएसबीटी 43 में मेडिकल स्क्रीनिंग की जा रही है। उन्हें यहां से बसों के जरिए चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन भेजा जाता है। रविवार को भी घर वापसी करने वाले श्रमिकों की आईएसबीटी 43 में हेल्थ स्क्रीनिंग की गई। मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए यूटी प्रशासन की ओर से लोगों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग रखी गई। इसके लिए दो होल्डिंग केंद्र बनाए गए हैं। बढ़ते तापमान के दौरान हेल्थ स्क्रीनिंग में छोटे बच्चों के साथ महिलाओं, गर्भवती महिलाओं, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता दी गई।
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चंडीगढ़ में फंसे व्यक्तियों के लिए विशेष ट्रेनों द्वारा आवाजाही की व्यवस्था की गई है। चंडीगढ़ प्रशासन के हेल्पलाइन या वेबसाइट के जरिए होने वाले पंजीकरण से तैयार सूची के जरिए श्रमिकों को भेजा जा रहा है।
- यशपाल गर्ग, सचिव, समाज कल्याण विभाग, चंडीगढ़