फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   254 Million Balance Due on Punjab-Haryana Govt

हरियाणा, पंजाब सरकार पर 254 करोड़ बकाया, जानिए किसके

Wed, 23 Apr 2014 09:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 23 Apr 2014 09:41 AM IST
विज्ञापन
254 Million Balance Due on Punjab-Haryana Govt

यूटी प्रशासन के लिए पंजाब और हरियाणा सरकारों से करोड़ों रुपये की बकाया राशि वसूलना सिरदर्द बन गया है। लगभग 5 दशक पहले जारी अधिसूचना के आधार पर पंजाब और हरियाणा को सेक्टर-16 स्थित गवर्नमेंट मल्टी स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल (जीएमएसएच) को चलाने के लिए अपने अपने हिस्से की राशि देनी थी।

विज्ञापन


लेकिन, पंजाब और हरियाणा ने ऐसा नहीं किया। ऐसे में बकाया राशि हर साल बढ़ती गई। अब प्रशासन को यह समझ में नहीं आ रहा है कि पंजाब और हरियाणा से यह पैसे वापस कैसे लिए जाएं?
विज्ञापन


प्रशासन के अधिकारी इसको लेकर पंजाब और हरियाणा के साथ कई बैठकें कर चुके हैं। लेकिन, अभी तक इन बैठकों में कोई नतीजा नहीं निकल पाया है।

जानकारी के मुताबिक, पंजाब रीआर्गेनाइजेशन एक्ट, 1966 के सेक्शन 77 के तहत पंजाब और हरियाणा को चंडीगढ़ के इस अस्पताल को चलाने के लिए हर साल अपने हिस्से की राशि देनी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस एक्ट के आधार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से वर्ष 1967 में जारी अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया था कि इस अस्पताल को चलाने के लिए 50 फीसदी हिस्सा यूटी प्रशासन देगा और बाकी का 50 प्रतिशत हिस्सा पंजाब और हरियाणा 60-40 के अनुपात में देंगे।

इस अधिसूचना के आधार पर पंजाब ने अब तक जहां 13 करोड़ रुपये अस्पताल को दिए हैं, जबकि 17 करोड़ रुपये हरियाणा ने दिए हैं।

ऑडिट रिपोर्ट में हुआ खुलासा
जीएमसीएच की ऑडिट रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि पंजाब और हरियाणा से लगभग 254 करोड़ रुपये की वसूली लंबित है और चंडीगढ़ प्रशासन को इस मुद्दे को पंजाब और हरियाणा के उच्च अधिकारियों से समक्ष उठाना चाहिए।


ऑडिट रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया था कि पंजाब और हरियाणा के अपने हिस्से की राशि न देने के कारण ही अस्पताल का ठीक से अपग्रेडेशन नहीं हो पा रहा है। इसके बाद ही प्रशासन ने पंजाब और हरियाणा के साथ बैठकें करने शुरू कीं। लेकिन, अभी तक प्रशासन को सफलता नहीं मिल सकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed