'कुदरत' का कहर, 2500 करोड़ की फसल जमीन पर
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बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। मार्च माह के अंत तक प्रदेश भर में औसतन 83.7 एमएम और अप्रैल के शुरुआत में 12.6 एमएम तक हुई बारिश और ओलावृष्टि से 2500 करोड़ के गेहूं का नुकसान हुआ है।
पूरे प्रदेश में 24 लाख 50 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई हुई है। जिसमें 46 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 11 करोड़ 27 लाख क्विंटल गेहूं के उत्पादन का अनुमान कृषि विशेषज्ञ लगा रहे थे।
मौसम की बेरुखी से 15 प्रतिशत तक ओवर ऑल नुकसान का अनुमान है। इससे प्रदेश में 1 करोड़ 69 लाख क्विंटल गेहूं का उत्पादन कम हो सकता है। जिसकी न्यूनतम समर्थन मूल्य के हिसाब से कीमत 2500 करोड़ रुपये के करीब बनती है।
कृषि विशेषज्ञों का उत्पादन पर असर पड़ने के साथ ही गेहूं की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। जिस कारण इस बार उत्पादित गेहूं निर्यात के लायक कम ही होगा।
गेहूं अनुसंधान निदेशालय, करनाल की ओर से करवाए गए सर्वे में भी खुलासा हुआ है कि पूरे प्रदेश में फसल को नुकसान हुआ है। कई इलाके तो ऐसे हैं जहां 100 प्रतिशत तक नुकसान है।
मार्च में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
मौसम विभाग चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा में मार्च महीने में रिकॉर्ड औसतन 83.7 एमएम बरसात हुई। कई जिलों में तो यह 150 से 200 एमएम तक पहुंच गई है। वहीं दक्षिण हरियाणा में मार्च माह में ओलावृष्टि ने कोहराम मचा दिया है। मार्च के महीने में इतनी बरसात शायद ही पहले कभी हुई हो। इस बरसात के कारण लहलहा रही गेहूं की फसल को कई इलाकों में तो जमीन पर बिछा दिया है। वहीं 2 अप्रैल को पूरे प्रदेश में औसतन 12.6 एमएम बरसात हुई।
दक्षिण हरियाणा में ज्यादा नुकसान
ओलावृष्टि एवं बरसात के कारण भिवानी, रेवाड़ी महेंद्रगढ़ सहित दक्षिण हरियाणा में कई जिलों में 100 प्रतिशत तक फसल को नुकसान हुआ है। वहीं सिरसा, भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, जींद जिलों के कई इलाकों में 50 से 75 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। उत्तरी हरियाणा के कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल यमुनानगर एवं अंबाला में अपेक्षाकृत ओलावृष्टि की मार से बचा रहा। यहां कुछेक स्थानों पर छोड़कर ओलावृष्टि तो नहीं हुई लेकिन बरसात ने यहां भारी तबाही मचाई है।
मार्च के अंतिम सप्ताह में दो-तीन दिनों में मौसम काफी गर्म हो गया था। जिस कारण गेहूं की फसल एकदम से पक गई। इसी वजह से इस बार गेहूं का दाना छोटा रह सकता है। इससे उत्पादन कम रहेगा।
- डॉ. इंदू, डायरेक्टर, डीडब्ल्यूआर करनाल
इस सीजन में बरसात के कारण करीब 10 से 15 प्रतिशत तक फसल नुकसान होने का अनुमान है। उत्तरी हरियाणा में पिछले दिनों हुई बरसात से अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ है। जहां ओलावृष्टि हुई है वहां ज्यादा नुकसान हो रहा है। -
- डॉ. चंद्रशेखर, मौसम विशेषज्ञ