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हरियाणाः 25 गायों की मौत से लोगों में फैली दहशत, 15 की हालत गंभीर, इस वजह से गई जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सनौली(हरियाणा)
Updated Sun, 01 Jul 2018 12:12 PM IST
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हरियाणा में मरी गायें
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हरियाणा में 25 गायों की मौत का मामला सामने आया है, वहीं 15 की हालत गंभीर बताई जा रही है। अब इस घटना से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। घटना हरियाणा के सनौली की है। गांव खोजकीपुर के पास खेतों में रह रहे राजस्थान के पशुपालकों की 25 गायों की खेत से जहरीला पानी पीने से मौत हो गई। 15 गायों की हालत गंभीर बनी हुई है।
पशु चिकित्सक इनका इलाज कर रहे हैं। इस हादसे की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने मरी हुई गायों को गड्ढे खुदवाकर दफनाया। बताया जा रहा है कि इस हादसे से पशु पालकों का 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। ये पशुपालक जहां भी जाते हैं आसपास के क्षेत्र में दूध बेचकर अपना गुजारा करते हैं।
राजस्थान निवासी कालाराम ने बताया कि वह अपने मालिक रघुनाथ की गाय को गर्मियों में चराने के लिए हरियाणा लेकर आता है। उनके पास 600 गाय हैं। दो माह पहले वह राजस्थान से 600 गाय लेकर निकले थे। वह एक गांव में 10 से 15 दिन रहते हैं। यहां वे दिन भर गायों को जंगलों व हरे क्षेत्रों में चरने के लिए छोड़ देते हैं। वह चार दिन पहले खोजगीपुर गांव में आए थे। गांव के बाहर उन्होंने पंचायती जमीन पर अपना डेरा डाला था।
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पशु चिकित्सक इनका इलाज कर रहे हैं। इस हादसे की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने मरी हुई गायों को गड्ढे खुदवाकर दफनाया। बताया जा रहा है कि इस हादसे से पशु पालकों का 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। ये पशुपालक जहां भी जाते हैं आसपास के क्षेत्र में दूध बेचकर अपना गुजारा करते हैं।
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राजस्थान निवासी कालाराम ने बताया कि वह अपने मालिक रघुनाथ की गाय को गर्मियों में चराने के लिए हरियाणा लेकर आता है। उनके पास 600 गाय हैं। दो माह पहले वह राजस्थान से 600 गाय लेकर निकले थे। वह एक गांव में 10 से 15 दिन रहते हैं। यहां वे दिन भर गायों को जंगलों व हरे क्षेत्रों में चरने के लिए छोड़ देते हैं। वह चार दिन पहले खोजगीपुर गांव में आए थे। गांव के बाहर उन्होंने पंचायती जमीन पर अपना डेरा डाला था।
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चरने के लिए छोड़कर सोने चले गए थे, आए तो मरी पड़ी थीं
हरियाणा में मरी गायें
शुक्रवार शाम को उन्होंने गायों को चरने के लिए छोड़ दिया और सोने के लिए चले गए। सुबह देखा तो 25 गाय मरी पड़ी थी। कुछ तड़प रही थी। गायों के मुंह से झाग निकल रहा था। वह तुरंत गांव के लोगों के पास मदद लेने के लिए पहुंचा। ग्रामीणों ने इस हादसे की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी।
प्रशासनिक अधिकारी दो पशु चिकित्सकों के साथ मौके पर पहुंचे। चिकित्सकों ने गायों का इलाज शुरू किया। तब तक 15 गायों की हालत गंभीर हो चुकी थी। इसी सूचना मिलते ही गौ रक्षक दल भी मौके पर पहुंच गया। पशु चिकित्सक डॉ. नीरज त्यागी, डॉ. एलआर कौशिक व डॉ. पीके राय का कहना है कि दिन के समय कहीं पर गायों ने खेतों में धान आदि की फसल में कीटनाशक दवाईयां वाला पानी पिया है।
जहरीले पानी के असर से ही गायों की मौत हुई है। काफी गायों का अब भी इलाज चल रहा है। ये हादसा काफी दुखदायी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने गोरक्षक दल की मदद से मरी गायों को यमुना के किनारे दफना दिया है।
प्रशासनिक अधिकारी दो पशु चिकित्सकों के साथ मौके पर पहुंचे। चिकित्सकों ने गायों का इलाज शुरू किया। तब तक 15 गायों की हालत गंभीर हो चुकी थी। इसी सूचना मिलते ही गौ रक्षक दल भी मौके पर पहुंच गया। पशु चिकित्सक डॉ. नीरज त्यागी, डॉ. एलआर कौशिक व डॉ. पीके राय का कहना है कि दिन के समय कहीं पर गायों ने खेतों में धान आदि की फसल में कीटनाशक दवाईयां वाला पानी पिया है।
जहरीले पानी के असर से ही गायों की मौत हुई है। काफी गायों का अब भी इलाज चल रहा है। ये हादसा काफी दुखदायी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने गोरक्षक दल की मदद से मरी गायों को यमुना के किनारे दफना दिया है।