लुधियाना: पत्नी को उतारा मौत के घाट, फिर हत्या को दिया आत्महत्या का रूप
- पति, सास, ननद और कुंवारे जेठ पर दहेज हत्या का मामला दर्ज
- मृतका की मां के बयान पर केस दर्जकर पुलिस ने पति को दबोचा
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मुल्लापुर की 21 वर्षीय गर्भवती अमनप्रीत कौर को उसके पति बजरंग बांसल ने अपने परिवार के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया। हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए चीखने-चिल्लाने का ड्रामा कर बचने की कोशिश की।
थाना मुल्लापुर दाखा की पुलिस ने मृतका की मां बलविंदर कौर के बयान पर पति बजरंग बांसल, शीला देवी, ननद पूनम गर्ग, मोनिका जैन एवं दोनों कुंवारे जेठ प्रदीप बांसल व संदीप बांसल के खिलाफ दहेज की मांग को लेकर हत्या करने का मामला दर्जकर लिया है। पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर लिया है।
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अपने बयान में बलविंदर कौर ने कहा कि अमनप्रीत की 29 मार्च 2020 को बजरंग बांसल से शादी हुई थी। शादी के बाद से ही पूरा ससुराल उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक यातनाएं देने लगा।
बैंक कालोनी मुल्लापुर का रहने वाला दामाद बजरंग बांसल 28 जून को बेटी के साथ हमारे घर लिंक रोड मुल्लापुर गांव में रहने आ गया। 30 जून को बजरंग ने लुधियाना के देशवाल गांव स्थित ऑडियो वाटर प्लांट में किराए का फ्लैट ले लिया और दोनों वहां रहने चले गए।
गुरुवार देर रात बजरंग ने अपने परिवार के साथ मिलकर अमनप्रीत की हत्या कर दी और मामले को आत्महत्या में बदलने की नाकाम कोशिश की। बलविंदर कौर ने बताया गुरुवार रात 10:00 बजे अमनप्रीत ने उन्हें फोन पर झगड़े के बारे में बताया तो बजरंग उसका मोबाइल फोन तोड़ डाला।
शुक्रवार तड़के दाखा पुलिस का फोन आया कि अमनप्रीत मर चुकी है। जांच अधिकारी थानेदार हरदीप सिंह ने बताया कि बजरंग ने ही उन्हें फोन कर बताया कि उसकी पत्नी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब वह मौके पर पहुंचे तो अमरप्रीत का शव बेड पर पड़ा था और गले में निशान थे।
उधर, सिविल अस्पताल सुधार में परिजनों से दोपहर 4:00 बजे पोस्टमार्टम न होने की बात कही, क्योंकि अमनप्रीत कौर गर्भवती थी, इसलिए उसका पोस्टमार्टम माहिरों की देखरेख में होने का हवाला देकर उन्हें सिविल अस्पताल लुधियाना जाने को कहां गया। परिजनों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें एंबुलेंस का इंतजाम भी नहीं करके दिया गया निजी गाड़ी में अमनप्रीत कौर का शव लुधियाना सिविल अस्पताल ले गए।