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यूटी के 20 हजार कर्मचारियों को राहत : प्रशासन ने सात प्रतिशत बढ़ाया डीसी रेट
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चंडीगढ़। यूटी प्रशासन के विभिन्न विभागों में डीसी रेट पर नियुक्त आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। यूटी प्रशासन ने साल 2021-22 के लिए डीसी रेट में सात फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। प्रशासन के इस फैसले से प्रशासन के विभिन्न विभाग, नगर निगम समेत अन्य सरकारी विभागों में आउटसोर्स पर काम करने वाले करीब 20 हजार कर्मचारियों को सीधा लाभ होगा। संशोधित डीसी रेट एक अप्रैल 2021 से मान्य हो जाएंगे।
डीसी रेट के तहत 112 वर्गों में आने वाले कर्मचारियों को संशोधित डीसी रेट का लाभ मिलेगा। वीरवार को डिप्टी कमिश्नर मनदीप सिंह बराड़ तरफ से यह रेट जारी किए गए। हालांकि, इस फैसले से ज्वाइंट एक्शन कमेटी के कर्मचारी ज्यादा खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि साल 2020 में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई और अब जब महंगाई काफी हो गई है तो सिर्फ सात प्रतिशत ही बढ़ोतरी की गई है। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के कन्वीनर अश्विनी कुमार ने कहा कि उन्होंने डीसी रेट में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग की थी, जिसे पूरा नहीं किया गया है, इसलिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। वहीं, कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी इंप्लाइज एंड वर्कर्स यूटी चंडीगढ़ के महासचिव राकेश कुमार ने कहा कि कमेटी ने छह अप्रैल को एक बड़ी रैली बुलाई थी, जिसके बाद वीरवार को यूटी प्रशासन ने डीसी रेट बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया। उन्होंने कहा कि यह मुलाजिमों के लंबे आंदोलन की देन है। हालांकि, उनकी मांग अभी भी पूरी नहीं हुई है, इसलिए आंदोलन जारी रहेगा। गौरतलब है कि वर्ष 2019 में डीसी रेट में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की थी।
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डीसी रेट के तहत 112 वर्गों में आने वाले कर्मचारियों को संशोधित डीसी रेट का लाभ मिलेगा। वीरवार को डिप्टी कमिश्नर मनदीप सिंह बराड़ तरफ से यह रेट जारी किए गए। हालांकि, इस फैसले से ज्वाइंट एक्शन कमेटी के कर्मचारी ज्यादा खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि साल 2020 में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई और अब जब महंगाई काफी हो गई है तो सिर्फ सात प्रतिशत ही बढ़ोतरी की गई है। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के कन्वीनर अश्विनी कुमार ने कहा कि उन्होंने डीसी रेट में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग की थी, जिसे पूरा नहीं किया गया है, इसलिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। वहीं, कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी इंप्लाइज एंड वर्कर्स यूटी चंडीगढ़ के महासचिव राकेश कुमार ने कहा कि कमेटी ने छह अप्रैल को एक बड़ी रैली बुलाई थी, जिसके बाद वीरवार को यूटी प्रशासन ने डीसी रेट बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया। उन्होंने कहा कि यह मुलाजिमों के लंबे आंदोलन की देन है। हालांकि, उनकी मांग अभी भी पूरी नहीं हुई है, इसलिए आंदोलन जारी रहेगा। गौरतलब है कि वर्ष 2019 में डीसी रेट में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की थी।
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