दो युवाओं की रिसर्च, लाखों कमाकर देगी पराली
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दो युवाओं ने एक रिसर्च की है, जो यह बताएगी कि पराली से लाखों कमाए जा सकते हैं। चौंक गए न जानकर, लेकिन सच है। दोनों युवाओं ने मिल कर एक खास वीडियो तैयार किया है।
इसके जरिए किसानों को जागरूक किया जाएगा कि कृषि अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषण होता है। इसके साथ ही किसानों के पास क्या विकल्प हैं, ये भी बताए जाएंगे।
यह वीडियो पंजाबी यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग कर रही देविना और विवेक हाईस्कूल चंडीगढ़ में 11वीं के छात्र विदुर ने तैयार किया है। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दोनों ने इस बारे में जानकारी दी।
देविना ने बताया कि एक महीने पहले हॉस्टल में पराली के धुएं से उसे एलर्जी हो गई थी। तभी किसानों को जागरूक करने का विचार आया।
पराली को जलाएं नहीं, बल्कि लाखों कमाएं
इस वीडियो में किसानों को चार विकल्प बताए गए हैं। कृषि अवशेष को जलाने के बजाय किसान उससे कमाई कर सकते हैं। इन्हें पॉवर प्लांट, कार्डबोर्ड फैक्ट्री, पैकिंग यूनिट और डेयरी मालिकों को बेचा जा सकता है। टरबो हैप्पी सीडर व जीरो टिलेज तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है।
पीएयू ने भी इसकी सिफारिश की है, यह फसल के लिए लाभदायक है। प्रतिवर्ती हल से अवशेषों को मिट्टी में दबाया जा सकता है। इससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है। राइस स्ट्रॉ चॉपर के इस्तेमाल से पशुओं के लिए चारा तैयार किया जा सकता है। विदुर के पिता विक्रम आहुजा की एनजीओ को नाबार्ड ने किसानों को जागरूक करने को प्रोजेक्ट दिए हैं।
उनकी कंपनी जिंमीदारा फार्म सॉल्यशंस के पास बीस हजार किसानों का डाटा बेस है, जिन्हें यह वीडियो भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि यह वीडियो फिरोजपुर में शूट किया गया। खरड़ के स्टूडियो में इसे तैयार किया गया। इस पर सिर्फ ढाई हजार रुपये का खर्च आया है।''