इराक में फंसे 19 भारतीयों की वतन वापसी
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गृह युद्ध में फंसे इराक से शनिवार को भारतीय नर्सों के साथ ही 19 पंजाबियों की भी वतन वापसी हुई। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पंजाब के मुख्य सचिव सर्वेश कौशल ने उनकी अगवानी की।
कौशल को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल द्वारा इराक से लौट रहे पंजाबियों को लेने और हवाई अड्डे पर कठिनाई रहित कागजी कार्रवाई यकीनी बनाने के लिए विशेष तौर पर तैनात किया गया है।
46 नर्सें और 19 पंजाबी लौटे वतन
शनिवार को हवाई अड्डे पर पहुंचे 19 पंजाबियों में से 12 शारजाह एयरलाइन के चार्टर्ड विमान से जबकि 7 पंजाबी इंडियन एयरलाइंस के उस चार्टर्ड विमान से स्वदेश लौटे जिसमें 46 नर्सें भी सवार थीं।
मुख्य सचिव कौशल के साथ पंजाब भवन नई दिल्ली के स्थानीय आयुक्त के शिवा प्रसाद मौजूद भी थे, जिन्होंने हवाई अड्डे के इमिग्रेशन सेक्शन पर सारी प्रक्रिया की निजी तौर पर निगरानी की, ताकि लौटने वाले पंजाबियों को कोई पंजाबी परेशानी न हो, क्योंकि इराक से लौट रहे अधिकतर भारतीयों के पास आवश्यक दस्तावेज आदि नहीं हैं।
कुछ और भारतीय लौट सकते हैं वतन
मुख्य सचिव कौशल द्वारा विदेश मंत्रालय और इराक में भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क बनाया हुआ है, ताकि वहां फंसे सभी पंजाबियों की सुरक्षित वतन वापसी यकीनी बनाई जा सके।
रविवार को कुछ और पंजाबियों के भारत लौटने की संभावना है। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार, इराक से आने वाले पंजाबियों के रहने, खाने-पीने सहित, चिकित्सा सहायता आदि के सब प्रबंध किए गये हैं।
यदि कोई नई दिल्ली ठहरना चाहता है तो पंजाब भवन में रहने का प्रबंध किया गया है। पंजाब भवन के अधिकारियों ने इराक से आने वाले पंजाबियों के अपने-अपने घरों तक पहुंचाने के लिए निशुल्क परिवहन के प्रबंध किए हुए हैं।