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Chandigarh News: चंडीगढ़ में 17 प्रतिशत लोग शुगर के शिकार, इसका सबसे बड़ा कारण तनाव

Mon, 07 Apr 2025 02:01 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 07 Apr 2025 02:01 AM IST
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17% people in Chandigarh are suffering from diabetes, the biggest reason for this is stress
चंडीगढ़। शुगर की वजह से भारत में हर 60 सेकंड में एक पैर कट रहा है। चंडीगढ़ की बात करें तो 17 प्रतिशत को शुगर है। 14 लाख की जनसंख्या में 18 साल से ऊपर के 6 लाख लोग हैं। इनमें से पौने दो लाख को डायबिटीज है। ज्यादा तनाव के कारण यह समस्या आ रही है। यह बात पीजीआई के एंडोक्रिनोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. आशु रस्तोगी ने कही।
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डॉ. आशु रस्तोगी ने बताया कि शुगर बिगड़ने पर अंग भी खराब हो जाते हैं। शुगर का सबसे पहला असर आंख पर पड़ता है। इसके बाद किडनी, हार्ट पर प्रभाव देखने को मिलता है। पीजीआई में 100 में से 80 प्रतिशत मरीज इसी प्रकार के आते हैं। पीजीआई में शुगर के मरीजों की स्पेशल ओपीडी बुधवार और वीरवार को होती है। उन्होंने कहा कि शुगर से बचाव का एक ही उपाय है कि जब कुछ खाएं, उसका समय और खाने की मात्रा तय करें। शाम 7 बजे के बाद खाना न खाएं। रोजाना व्यायाम करें। वजन कम करने से शुगर को कंट्रोल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि देशभर में इस समय 12 करोड़ लोग शुगर से पीड़ित हैं।
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शुगर के मरीज न पहनें पायल-बिछिया
डॉ. आशु ने बताया कि जब महिलाएं पैरों में हिल या पंजाबी जूती पहनती हैं तो घाव बन जाता है। यही शुगर के साथ पैर में अल्सर होने का सबसे बड़ा कारण है। जैसे महिलाएं पायल, बिछिया पहनती हैं, शुगर के पेशेंट को सूजन होने पर वह टाइट हो जाती हैं। इसीलिए समस्या बढ़ती है। उन्होंने सलाह दी कि शुगर के मरीज पायल-बिछिया न पहनें। शुगर होने का सबसे बड़ा कारण तनाव है। हार्मोन चेंज से बॉडी में शुगर बढ़ता है। इससे मोटापा बढ़ता है।
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शुगर के मरीजों की सेंसेशन हो जाती है खत्म
उन्होंने कहा कि पीजीआई में डायबिटीज से ग्रस्त पैरों के मरीजों के इलाज के दौरान कई चौकाने वाली बात सामने आई। इन मरीजों के पैरों में कील गड़ी हुई देखी गई, जिसका उन्हें पता भी नहीं था। डॉक्टर ने बताया कि मरीजों को गर्म फर्श पर पैर रखने से महसूस नहीं होता, क्योंकि उनके पैरों की सेंसेशन खत्म हो चुकी होती है। बाद में उनके पैरों में छाले पड़ जाते हैं और फिर घाव बन जाता है। इस कारण पैर काटना पड़ता है। उन्होंने सलाह दी कि शुगर के मरीज नंगे पैर न चलें।
डॉ. रस्तोगी की शुगर पर लिखी किताब मरीजों को दी जाती है निशुल्क
शुगर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए डॉ. आशु रस्तोगी ने हिंदी में किताब लिखी है। यह मरीजों को निशुल्क दी जाती है।
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