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पंजाब की जेलों में बंद 1600 कैदी HIV पॉजिटिव, चंडीगढ़ का हाल देखिए
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 18 Jan 2018 09:36 AM IST
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देश की सभी जेलों में बंद कैदियों की होगी स्क्रीनिंग
- फोटो : File Photo
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पंजाब की नौ जेलों में 1600 और चंडीगढ़ की जेल में 25 कैदी एचआईवी से पीड़ित हैं। यही नहीं नार्थ ईस्ट के आठ राज्य सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, असम व मेघालय की जेलों में काफी संख्या में कैदी व बंदी ऐसे हैं, जो एचआईवी से ग्रस्त है।
यह खुलासा इन जेलों में नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन (नाको) द्वारा कैदियों की करवाई गई स्क्रीनिंग से हुआ है। इसके गंभीर परिणामों को देखते हुए अब नाको ने फैसला लिया है कि वे देश भर की जेलों में बंद कैदियों की स्क्रीनिंग करवाएगा। इसके लिए संबंधित राज्यों सरकारों की एड्स कंट्रोल सोसायटी की मदद ली जाएगी। यह काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा।
पंजाब और चंडीगढ़ में स्क्रीनिंग का काम चल रहा है, जबकि हरियाणा में भी अब इस अभियान का आगाज कर दिया गया है। एचआईवी ग्रस्त लोगों की पहचान के बाद उन्हें विशेष इलाज, सुविधा और जागरूकता प्रदान की जाएगी। इसके लिए हरियाणा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी और इमैनुएल हॉस्पिटल एसोसिएशन की मदद ली जाएगी। दरअसल, इमैनुएल हॉस्पिटल एसोसिएशन नीदरलैंड के एक संगठन ‘एड्स फॉन्ड्स’ से प्राप्त आर्थिक मदद से स्क्रीनिंग कर रही है।
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यह खुलासा इन जेलों में नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन (नाको) द्वारा कैदियों की करवाई गई स्क्रीनिंग से हुआ है। इसके गंभीर परिणामों को देखते हुए अब नाको ने फैसला लिया है कि वे देश भर की जेलों में बंद कैदियों की स्क्रीनिंग करवाएगा। इसके लिए संबंधित राज्यों सरकारों की एड्स कंट्रोल सोसायटी की मदद ली जाएगी। यह काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा।
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पंजाब और चंडीगढ़ में स्क्रीनिंग का काम चल रहा है, जबकि हरियाणा में भी अब इस अभियान का आगाज कर दिया गया है। एचआईवी ग्रस्त लोगों की पहचान के बाद उन्हें विशेष इलाज, सुविधा और जागरूकता प्रदान की जाएगी। इसके लिए हरियाणा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी और इमैनुएल हॉस्पिटल एसोसिएशन की मदद ली जाएगी। दरअसल, इमैनुएल हॉस्पिटल एसोसिएशन नीदरलैंड के एक संगठन ‘एड्स फॉन्ड्स’ से प्राप्त आर्थिक मदद से स्क्रीनिंग कर रही है।
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अब हरियाणा में बंदी की एंट्री होते ही टेस्ट
पंजाब में 50 हजार, चंडीगढ़ में 800 बंदियों की स्क्रीनिंग
पंजाब और चंडीगढ़ में पहले से चल रहे इस अभियान के दौरान अभी तक जो परिणाम सामने आया है, वह चिंताजनक है। इस अभियान के तहत अभी तक पंजाब की 26 जेलों में से कपूरथला, गुरदासपुर, होशियारपुर, पटियाला, फरीदकोट, फिरोजपुर, अमृतसर, लुधियाना और बठिंडा की 9 जेलों में करीबन 50 हजार बंदियों व कैदियों की स्क्रीनिंग हो चुकी है, जिसमें से 1600 बंदियों को एचआईवी पाया गया। उधर, चंडीगढ़ जेल में 800 बंदियों की स्क्रीनिंग में 25 एचआईवी ग्रस्त पाए गए।
अब हरियाणा में बंदी की एंट्री होते ही टेस्ट
हरियाणा के डायरेक्टर जनरल जेल डा. केपी सिंह ने बताया कि ये बहुत ही प्रभावशाली अभियान साबित होगा। अभी तक इस स्तर पर कैदियों व बंदियों की स्क्रीनिंग नहीं हुई है। लेकिन अब जेलों में हर बंदी की एंट्री होते ही उनका एचआईवी टेस्ट करवाया जाएगा। उसके बाद एचआईवी ग्रस्त मरीजों के इलाज व अन्य सुविधाओं के लिए अलग इंतजाम किए जाएंगे।
इस ‘प्रिजन एचआईवी इंटरवेंशन प्रोजेक्ट’ के तहत पूरे देश की जेलों को कवर किया जाएगा। एचआईवी ग्रस्त इन लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ इनकी एक्टिविटी पर भी ध्यान रखना होगा ताकि इनके जरिए ये वायरस और आगे न फैले।
- अब्राहम लिंकन, टेक्निकल एक्सपर्ट, नाको
हरियाणा सरकार इस अभियान में विशेष सहयोग कर रही है। जेलों में कई बार ऐसे नशा ग्रस्त बंदी आते हैं, जो एक ही सिरिंज का इस्तेमाल नशे के लिए करके एचआईवी ग्रस्त हो जाते हैं। जागरूकता के अभाव में ऐसे लोग इस वायरस को फैलाने में मददगार साबित होते हैं।
-डा. वीणा सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, हरियाणा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी।
पंजाब और चंडीगढ़ में पहले से चल रहे इस अभियान के दौरान अभी तक जो परिणाम सामने आया है, वह चिंताजनक है। इस अभियान के तहत अभी तक पंजाब की 26 जेलों में से कपूरथला, गुरदासपुर, होशियारपुर, पटियाला, फरीदकोट, फिरोजपुर, अमृतसर, लुधियाना और बठिंडा की 9 जेलों में करीबन 50 हजार बंदियों व कैदियों की स्क्रीनिंग हो चुकी है, जिसमें से 1600 बंदियों को एचआईवी पाया गया। उधर, चंडीगढ़ जेल में 800 बंदियों की स्क्रीनिंग में 25 एचआईवी ग्रस्त पाए गए।
अब हरियाणा में बंदी की एंट्री होते ही टेस्ट
हरियाणा के डायरेक्टर जनरल जेल डा. केपी सिंह ने बताया कि ये बहुत ही प्रभावशाली अभियान साबित होगा। अभी तक इस स्तर पर कैदियों व बंदियों की स्क्रीनिंग नहीं हुई है। लेकिन अब जेलों में हर बंदी की एंट्री होते ही उनका एचआईवी टेस्ट करवाया जाएगा। उसके बाद एचआईवी ग्रस्त मरीजों के इलाज व अन्य सुविधाओं के लिए अलग इंतजाम किए जाएंगे।
इस ‘प्रिजन एचआईवी इंटरवेंशन प्रोजेक्ट’ के तहत पूरे देश की जेलों को कवर किया जाएगा। एचआईवी ग्रस्त इन लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ इनकी एक्टिविटी पर भी ध्यान रखना होगा ताकि इनके जरिए ये वायरस और आगे न फैले।
- अब्राहम लिंकन, टेक्निकल एक्सपर्ट, नाको
हरियाणा सरकार इस अभियान में विशेष सहयोग कर रही है। जेलों में कई बार ऐसे नशा ग्रस्त बंदी आते हैं, जो एक ही सिरिंज का इस्तेमाल नशे के लिए करके एचआईवी ग्रस्त हो जाते हैं। जागरूकता के अभाव में ऐसे लोग इस वायरस को फैलाने में मददगार साबित होते हैं।
-डा. वीणा सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, हरियाणा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी।