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हरियाणा में थमता संक्रमण: 140 दिन बाद सबसे कम 78 पॉजिटिव मिले, कोरोना से 16 की मौत, नूंह हुआ मलेरिया मुक्त
Wed, 30 Jun 2021 01:02 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 30 Jun 2021 01:02 AM IST
सार
हरियाणा में कोरोना की दूसरी लहर बेहद कमजोर पड़ने लगी है। राज्य में 24 घंटे में मिलने वाले नए संक्रमितों का आंकड़ा सैकड़ा के नीचे आ पहुंचा है। मंगलवार को सबसे ज्यादा जींद में तीन लोगों ने संक्रमण की वजह से अपनी जान गंवाई है। उधर, प्रदेश का नूंह जिला मलेरिया से मुक्त हो गया है। एक समय था कि यह जिला मलेरिया से सबसे ज्यादा प्रभावित था।
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कोरोना वायरस
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हरियाणा में कोरोना के केस लगातार कम होते जा रहे हैं। मंगलवार को 140 दिन बाद सबसे कम 78 नए केस आए, जबकि 16 मरीजों की मौत हो गई। कोरोना संक्रमण की एक दिन की दर घटकर 0.26 प्रतिशत हो गई है, जबकि मृत्यु दर बढ़कर 1.23 फीसदी पहुंच गई है। मंगलवार को कोराना की दूसरी लहर की पॉजिटिविटी 11.53 व कुल संक्रमण दर 7.70 फीसदी रही। रिकवरी दर बढ़कर 98.58 प्रतिशत हो गई है। वहीं, एक्टिव केसों की संख्या लगातार घटकर 1495 रह गई है।
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मंगलवार को कोरोना से जींद में 3, गुरुग्राम, नूंह और पानीपत में 2-2, करनाल, रोहतक, यमुनानगर, सिरसा, भिवानी, हिसार व झज्जर में 1-1 मरीज की मौत दर्ज की गई है। अब तक प्रदेश में कोरोना से 9417 मरीजों की मौत हो चुकी है। दूसरी ओर 97205 ने पहली और 40967 ने कोरोनारोधी वैक्सीन की दूसरी डोज ली। ऐसे में अब तक कुल 8745255 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है।
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नूंह भी हुआ मलेरिया मुक्त, इस साल एक भी केस नहीं मिला
हरियाणा के नूंह जिले में इस साल मलेरिया का एक भी केस नहीं मिला है, जबकि पहले प्रदेश का यह सबसे प्रभावित इलाका था। मलेरिया मुक्त मेवात अभियान के दो चरण पूरे होने का यह असर है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस अभियान से पहले वर्ष 2015 से 2018 तक नूंह में मलेरिया के मामले प्रति एक हजार आबादी (वार्षिक पैरासिटिक इंसीडेंस-एपीआई) पर एक से अधिक अर्थात वर्ष 2015 में 5.07 और वर्ष 2018 में 1.42 थे। इसके अतिरिक्त कुल सात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत आने वाले क्षेत्र मलेरिया से अत्यधिक प्रभावित थे।
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नूंह में वर्ष 2019 में मलेरिया के 942 मामलों की तुलना में वर्ष 2020 में केवल 24 मामलों की रिपोर्ट है। अभियान के प्रथम चरण में लगभग 1.34 लाख लोगों के लक्ष्य के साथ चार हाई रिस्क प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों नामत उजीना, सुडाका, बाई एवं नूंह के तहत आने वाले 79 गांवों में मास स्क्रीनिंग की गई। साथ ही जिले में 1.79 लाख मच्छरदानियां वितरित की गईं।
दूसरे चरण में 1.85 लाख लोगों के लक्ष्य के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र्र, उजीना, सुडाका और बाई के तहत आने वाले 62 गांवों में स्क्रीनिंग की गई। इसी प्रकार, इस अभियान के तहत लगभग 71000 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जोकि कुल लक्षित आबादी का 38.29 प्रतिशत है।