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चंडीगढ़ को आइना दिखाएगा पंचकूला
Updated Sat, 15 Dec 2018 01:43 AM IST
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चंडीगढ़ को आइना दिखाएगा पंचकूला
- राउंड अबाउट हटाने से चंडीगढ़ में बढ़ा हादसों का ग्राफ
-
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। आने वाले समय में चंडीगढ़ को पंचकूला आइना दिखाएगा। शहर और सड़कों की नुहार लगातार बदल रही है। लोगों को सड़क हादसों से बचाने के लिए शहर के राउंड अबाउट को अत्याधुनिक तरीके से बनाया जा रहा है। शहर में ट्रैफिक लाइटों की संख्या कम करके हादसों को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। सड़कें सजा नहीं दे सकती हैं, बल्कि मां की तरह गलती करने पर भी माफ करेंगी। यह कहना है कि नगर निगम प्रशासक राजेश जोगपाल का। वह शुक्रवार को इंडस्ट्रीज एसोसिएशन पंचकूला की तरफ से आयोजित एक होटल में बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक की अध्यक्षता रमेश अग्रवाल ने की, जबकि संचालन एसोसिएशन महासचिव राकेश गर्ग ने की। बैठक में विशेष तौर पर पंचकूला नगर निगम प्रशासक राजेश जोगपाल, पूर्व डिप्टी मेयर पंचकूला सुनील तलवार एवं एचएसआईडीसी के अधिकारियों ने शिरकत की।
पंचकूला इंडस्ट्रियल एस्टेट से संबंधित मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। एचएसआईडीसी अधिकारियों ने बताया कि इंडस्ट्रियल एरिया अब एचएसवीपी से एचएसआईडीसी के पास आ गया है और अब इंडस्ट्रियल एरिया की समस्याओं से संबंधित लोगों को एचएसवीपी के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब सारा काम प्रोफेशनल तरीके से किया जाएगा। आगामी माह में एचएसआईडीसी की ओर से इंडस्ट्रीज के लिए नौ और बेहतरीन पॉलिसी शुरू की जाएगी। शोर और राजनीति तो बहुत हो रही है, लेकिन राउंड अबाउटस पूरे हो जाएंगे तो पंचकूला चंडीगढ़ को आइना दिखाएगा।
पंचकूला के विकास पर बोलते हुए नगर निगम प्रशासक ने बताया कि शहर के राउंड अबाउटस की ब्यूटीफिकेशन के लिए मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें आदेश दिया गया था और ब्यूटीफिकेशन के साथ सेफ्टी का आस्पेक्ट भी इसमें एड कर दिया है। उन्होंने बताया कि पहले सड़कें और राउंड अबॉउटस इंडियन रोड कांग्रेस क़े वर्ष 1976 के कोड के हिसाब से बनती थीं। अब वर्ष 2017 का कोड आ गया है, जिसमें सुरक्षा को मुख्य तौर पर ध्यान में रखा गया है। जोगपाल ने कहा कि अभी इंडियन रोड कांग्रेस का 2017 का कोड पब्लिश होना था, परन्तु उन्हें इस की जानकारी पहले हो गई थी और कोड पब्लिश होने से पहले ही पंचकूला के पुराने राउंड अबॉउटस को तोड़कर इंडियन रोड कांग्रेस के नए कोड के हिसाब से नए राउंड अबॉउटस बनाने भी शुरू कर दिए गए थे। राउंड अबॉउटस शुरू करने से पहले पंचकूला पुलिस का हादसों और उनमें हुई मौतों का पूरा रिकॉर्ड लेकर सर्वे किया गया कि कौन से राउंड अबाउट और कौन सी सड़क पर सब से ज्यादा हादसे होते हैं। जोगपाल ने बताया कि पंचकूला की सड़कों और राउंड अबॉउटस पर ज्यादातर हादसों में पैदल और दोपहिया वाहन चालकों की मौत हुई है। इसलिए सबसे पहले पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों को सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों की स्पीड को कंट्रोल करने पर ध्यान दिया गया।
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इंडस्ट्रियल एरिया में विकास के लिए वचनबद्ध
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन को कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया में किसी तरह की कोई डेवलपमेंट करवानी हो तो नगर निगम हर प्रकार की मदद करेगा और जितने पैसे की जरूरत होगी खर्च किया जाएगा। एसोसिएशन द्वारा राजेश जोगपाल का आभार जताया और उन्हें मोमेंटो देकर सम्मानित किया। वहीं निगम के टेक्निकल कंसलटेंट नवदीप असीजा ने बताया कि अब जो सड़कें और राउंड अबॉउटस बनाए जा रहे हैं वो लोगों को सजा नहीं देंगे और वे एक मां की भूमिका निभाते हुए वाहन की गति को कंट्रोल करेंगे। गलती होने पर भी माफ़ करेंगे। वर्ष 2016 में पंचकूला में सड़क हादसों में 40 मौतें हुई हैं, जबकि वर्ष 2017 में 30 मौतें हुई। पंचकूला के मुकाबले चंडीगढ़ में सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या तीन गुना ज्यादा है। चंडीगढ़ में भी ट्रैफिक लाइट्स की तकनीक फेल हो चुकी है। अब ट्रैफिक लाइट्स कि जगह सुरक्षित राउंड अबॉउटस बनाए जाएंगे।
ट्रैफिक पुलिस का काम करेंगे शहर के राउंड अबाउट
नवदीप ने कहा कि हादसा होने पर नए राउंड अबॉउटस पर तो कुछ नुकसान हो सकता है लेकिन चालक काफी हद तक सुरक्षित रहेगा। नवदीप ने दवा किया कि जब पंचकूला के राउंड अबॉउटस पूरे हो जाएंगे तो चंडीगढ़ को आइना दिखाएंगे। राउंड अबॉउटस स्लीपिंग कांस्टेबल के कार्य करेंगे। जब ट्रैफिक पुलिस मौजूद नहीं होगी तो यह वाहनों की रफ़्तार को कंट्रोल करेंगे।
उद्यमियों की मांग
1. पार्किंग स्पेस को डेवलेप किया जाए
2. ग्रीन एरिया को और विकसित किया जाए
3. पब्लिक टॉयलेट की हालत को सुधारा जाए
4. गारवेज कलेक्शन व्हीकल मुहैया कराया जाए
5. ईजी ऑफ डूइंग बिजनेस
नगर निगम को पंचकूला के चौक और चौराहों के साथ सेक्टर्स की सुरक्षा की तरफ भी ध्यान देना चाहिए। क्योंकि ठंड बढने के साथ ही चोर भी सक्रिय हो गए हैं। सेक्टर्स के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगने से क्राइम कंट्रोल करने में काफी सहायता मिलेगी।
- राकेश गर्ग, उद्यमी।
अधिकतर सड़क हादसे शाम छह से रात 12 बजे के बीच होते हैं। ऐसे में कई लोगों की जान चली जाती है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए नगर निगम प्रशासन को सड़क किनारे और चौराहों पर रिफ्लेक्टर लगाने चाहिए। जिससे दूर से ही वाहन चालक को पता चल सके कि आगे चौक है।
- टीके रूबी, उद्यमी।
नगर निगम को शहरवासियों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करनी चाहिए। शहर के कई इंडस्ट्री मार्ग ऐसे हैं जहां हैवी व्हीकल का रोजाना आना-जाना होता है। ऐसे स्थानों पर निगम प्रशासन को स्पीड ब्रेकर के साथ अन्य प्रबंध करने चाहिए। जिससे वाहनों की स्पीड गति कम रहे और हादसे न हों।
- वीरेंद्र गर्ग, उद्यमी।
पंचकूला शहर ने पहले की अपेक्षा बहुत विकास किया है। सड़कों की हालत काफी हद तक सुधर गई है। लेकिन सोसायटी के अंदर के पार्कों की हालत दयनीय है। इसके अलावा फैक्ट्री के फ्रंट फेस को सुधारने की तरफ विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
- रमेश अग्रवाल, उद्यमी।
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- राउंड अबाउट हटाने से चंडीगढ़ में बढ़ा हादसों का ग्राफ
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अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। आने वाले समय में चंडीगढ़ को पंचकूला आइना दिखाएगा। शहर और सड़कों की नुहार लगातार बदल रही है। लोगों को सड़क हादसों से बचाने के लिए शहर के राउंड अबाउट को अत्याधुनिक तरीके से बनाया जा रहा है। शहर में ट्रैफिक लाइटों की संख्या कम करके हादसों को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। सड़कें सजा नहीं दे सकती हैं, बल्कि मां की तरह गलती करने पर भी माफ करेंगी। यह कहना है कि नगर निगम प्रशासक राजेश जोगपाल का। वह शुक्रवार को इंडस्ट्रीज एसोसिएशन पंचकूला की तरफ से आयोजित एक होटल में बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक की अध्यक्षता रमेश अग्रवाल ने की, जबकि संचालन एसोसिएशन महासचिव राकेश गर्ग ने की। बैठक में विशेष तौर पर पंचकूला नगर निगम प्रशासक राजेश जोगपाल, पूर्व डिप्टी मेयर पंचकूला सुनील तलवार एवं एचएसआईडीसी के अधिकारियों ने शिरकत की।
पंचकूला इंडस्ट्रियल एस्टेट से संबंधित मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। एचएसआईडीसी अधिकारियों ने बताया कि इंडस्ट्रियल एरिया अब एचएसवीपी से एचएसआईडीसी के पास आ गया है और अब इंडस्ट्रियल एरिया की समस्याओं से संबंधित लोगों को एचएसवीपी के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब सारा काम प्रोफेशनल तरीके से किया जाएगा। आगामी माह में एचएसआईडीसी की ओर से इंडस्ट्रीज के लिए नौ और बेहतरीन पॉलिसी शुरू की जाएगी। शोर और राजनीति तो बहुत हो रही है, लेकिन राउंड अबाउटस पूरे हो जाएंगे तो पंचकूला चंडीगढ़ को आइना दिखाएगा।
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पंचकूला के विकास पर बोलते हुए नगर निगम प्रशासक ने बताया कि शहर के राउंड अबाउटस की ब्यूटीफिकेशन के लिए मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें आदेश दिया गया था और ब्यूटीफिकेशन के साथ सेफ्टी का आस्पेक्ट भी इसमें एड कर दिया है। उन्होंने बताया कि पहले सड़कें और राउंड अबॉउटस इंडियन रोड कांग्रेस क़े वर्ष 1976 के कोड के हिसाब से बनती थीं। अब वर्ष 2017 का कोड आ गया है, जिसमें सुरक्षा को मुख्य तौर पर ध्यान में रखा गया है। जोगपाल ने कहा कि अभी इंडियन रोड कांग्रेस का 2017 का कोड पब्लिश होना था, परन्तु उन्हें इस की जानकारी पहले हो गई थी और कोड पब्लिश होने से पहले ही पंचकूला के पुराने राउंड अबॉउटस को तोड़कर इंडियन रोड कांग्रेस के नए कोड के हिसाब से नए राउंड अबॉउटस बनाने भी शुरू कर दिए गए थे। राउंड अबॉउटस शुरू करने से पहले पंचकूला पुलिस का हादसों और उनमें हुई मौतों का पूरा रिकॉर्ड लेकर सर्वे किया गया कि कौन से राउंड अबाउट और कौन सी सड़क पर सब से ज्यादा हादसे होते हैं। जोगपाल ने बताया कि पंचकूला की सड़कों और राउंड अबॉउटस पर ज्यादातर हादसों में पैदल और दोपहिया वाहन चालकों की मौत हुई है। इसलिए सबसे पहले पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों को सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों की स्पीड को कंट्रोल करने पर ध्यान दिया गया।
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इंडस्ट्रीज एसोसिएशन को कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया में किसी तरह की कोई डेवलपमेंट करवानी हो तो नगर निगम हर प्रकार की मदद करेगा और जितने पैसे की जरूरत होगी खर्च किया जाएगा। एसोसिएशन द्वारा राजेश जोगपाल का आभार जताया और उन्हें मोमेंटो देकर सम्मानित किया। वहीं निगम के टेक्निकल कंसलटेंट नवदीप असीजा ने बताया कि अब जो सड़कें और राउंड अबॉउटस बनाए जा रहे हैं वो लोगों को सजा नहीं देंगे और वे एक मां की भूमिका निभाते हुए वाहन की गति को कंट्रोल करेंगे। गलती होने पर भी माफ़ करेंगे। वर्ष 2016 में पंचकूला में सड़क हादसों में 40 मौतें हुई हैं, जबकि वर्ष 2017 में 30 मौतें हुई। पंचकूला के मुकाबले चंडीगढ़ में सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या तीन गुना ज्यादा है। चंडीगढ़ में भी ट्रैफिक लाइट्स की तकनीक फेल हो चुकी है। अब ट्रैफिक लाइट्स कि जगह सुरक्षित राउंड अबॉउटस बनाए जाएंगे।
ट्रैफिक पुलिस का काम करेंगे शहर के राउंड अबाउट
नवदीप ने कहा कि हादसा होने पर नए राउंड अबॉउटस पर तो कुछ नुकसान हो सकता है लेकिन चालक काफी हद तक सुरक्षित रहेगा। नवदीप ने दवा किया कि जब पंचकूला के राउंड अबॉउटस पूरे हो जाएंगे तो चंडीगढ़ को आइना दिखाएंगे। राउंड अबॉउटस स्लीपिंग कांस्टेबल के कार्य करेंगे। जब ट्रैफिक पुलिस मौजूद नहीं होगी तो यह वाहनों की रफ़्तार को कंट्रोल करेंगे।
उद्यमियों की मांग
1. पार्किंग स्पेस को डेवलेप किया जाए
2. ग्रीन एरिया को और विकसित किया जाए
3. पब्लिक टॉयलेट की हालत को सुधारा जाए
4. गारवेज कलेक्शन व्हीकल मुहैया कराया जाए
5. ईजी ऑफ डूइंग बिजनेस
नगर निगम को पंचकूला के चौक और चौराहों के साथ सेक्टर्स की सुरक्षा की तरफ भी ध्यान देना चाहिए। क्योंकि ठंड बढने के साथ ही चोर भी सक्रिय हो गए हैं। सेक्टर्स के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगने से क्राइम कंट्रोल करने में काफी सहायता मिलेगी।
- राकेश गर्ग, उद्यमी।
अधिकतर सड़क हादसे शाम छह से रात 12 बजे के बीच होते हैं। ऐसे में कई लोगों की जान चली जाती है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए नगर निगम प्रशासन को सड़क किनारे और चौराहों पर रिफ्लेक्टर लगाने चाहिए। जिससे दूर से ही वाहन चालक को पता चल सके कि आगे चौक है।
- टीके रूबी, उद्यमी।
नगर निगम को शहरवासियों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करनी चाहिए। शहर के कई इंडस्ट्री मार्ग ऐसे हैं जहां हैवी व्हीकल का रोजाना आना-जाना होता है। ऐसे स्थानों पर निगम प्रशासन को स्पीड ब्रेकर के साथ अन्य प्रबंध करने चाहिए। जिससे वाहनों की स्पीड गति कम रहे और हादसे न हों।
- वीरेंद्र गर्ग, उद्यमी।
पंचकूला शहर ने पहले की अपेक्षा बहुत विकास किया है। सड़कों की हालत काफी हद तक सुधर गई है। लेकिन सोसायटी के अंदर के पार्कों की हालत दयनीय है। इसके अलावा फैक्ट्री के फ्रंट फेस को सुधारने की तरफ विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
- रमेश अग्रवाल, उद्यमी।