{"_id":"5bc79779bdec22698e6eab18","slug":"153980706615-pkl-office-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पैनिक बटन का कंट्रोल रूम में हुआ ट्रायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पैनिक बटन का कंट्रोल रूम में हुआ ट्रायल
Updated Thu, 18 Oct 2018 01:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पैनिक बटन का कंट्रोल रूम में हुआ ट्रायल
- निगम और पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
- जल्द धरातल पर उतरेगी पैनिक योजना
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। शहर को क्राइम फ्री बनाने के लिए प्रशासन ने एक और योजना को धरातल पर उतारने का प्रयास शुरू कर दिया है। इस दिशा में प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने कदम आगे बढ़ा दिए हैं। महिलाओं और युवतियों की सुविधा के साथ किसी जगह पर आग लगने की स्थिति में तत्काल प्रभाव से सहायता देने के लिए प्रशासन निगम से मिलकर शहर को पैनिक सिस्टम से लैस करने जा रहा है। इसी के अंतर्गत बुधवार को पंचकूला निगम प्रशासक राजेश जोगपाल और डीसीपी अभिषेक जोरवाल ने कंट्रोल रूम में पैनिक बटन के ट्रायल का आगाज किया। निगम प्रशासक कहा कि आपातकालीन स्थिति के लिए शहर की विभिन जगहों बस क्यू शेल्टर, उद्योग, बाजारों और सार्वजनिक स्थल पर आपातकालीन पैनिक बटन लगाए गए हैं।
ट्रायल के लिए लगाए शहर में आठ पैनिक बटन
प्रशासक ने बताया कि ट्रायल के लिए शहर में 8 स्थानों पर ही पैनिक बटन लगे हैं, इनकी एक माह तक जांच होगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद पूरे शहर को इस सिस्टम से लैस किया जाएगा। एक माह के ट्रायल के दौरान सिस्टम में सुधार भी किए जाएंगे। इन पैनिक बटन में पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस केंद्रों का कंट्रोल होगा। जिस भी पैनिक बटन को दबाया जाएगा उसका अलार्म उस विभाग में बजेगा।
किस सहायता के लिए कौन-सा बटन दबाएं
पुलिस के लिए लाल, एंबुलेंस के लिए पीला तथा फायर के लिए हरा बटन लगाया गया है। निगम कमिश्नर ने बताया कि यह पैनिक बटन पहले महिला सुरक्षा के मद्देनजर बस क्यू शेल्टरों में लगाए जाने थे, लेकिन उनके द्वारा इसका विस्तार करते हुए शहर के कई हिस्से इसके साथ जोड़े हैं।
विज्ञापन
करीब 10 लाख रुपये आएगा खर्च
निगम प्रशासक ने बताया कि इस योजना पर करीब 10 लाख रुपये का खर्च आएगा। इसी के साथ ट्राईसिटी समेत पंचकूला पहला शहर होगा जहां इस तरह का सिस्टम लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे जहां क्राइम को कंट्रोल करने में काफी सहायता मिलेगी, वहीं आग लगने पर तत्काल एंबुलेंस और फायर की सुविधा मिलेगी।
वायरलेस सिस्टम से जुड़ेगा पैनिक बटन
पैनिक बटन सिस्टम को वायरलेस सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसके लिए बाकायदा एक कंट्रोल रूम बनेगा और शहर के भीतर करीब 10 जगह पोल लगाए जाएंगे। जैसे ही कोई व्यक्ति या फिर महिला पैनिक बटन को दबाएगा उसे तत्काल पुलिस से लेकर फायर तक की सहायता मिलेगी।
पंचकूला पुलिस उपायुक्त ने बताया कि सभी पैनिक बटनों के माध्यम से लोगों को कई प्रकार की सहायता मिलेंगी। इन पैनिक बटनों का प्रयोग कर पुलिस सहायता जल्द दी जा सकेगी और पुलिस कंट्रोल रूम इसका संदेश उनकी पुलिस पीसीआर को भेजेगा।
विज्ञापन
- निगम और पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
- जल्द धरातल पर उतरेगी पैनिक योजना
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। शहर को क्राइम फ्री बनाने के लिए प्रशासन ने एक और योजना को धरातल पर उतारने का प्रयास शुरू कर दिया है। इस दिशा में प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने कदम आगे बढ़ा दिए हैं। महिलाओं और युवतियों की सुविधा के साथ किसी जगह पर आग लगने की स्थिति में तत्काल प्रभाव से सहायता देने के लिए प्रशासन निगम से मिलकर शहर को पैनिक सिस्टम से लैस करने जा रहा है। इसी के अंतर्गत बुधवार को पंचकूला निगम प्रशासक राजेश जोगपाल और डीसीपी अभिषेक जोरवाल ने कंट्रोल रूम में पैनिक बटन के ट्रायल का आगाज किया। निगम प्रशासक कहा कि आपातकालीन स्थिति के लिए शहर की विभिन जगहों बस क्यू शेल्टर, उद्योग, बाजारों और सार्वजनिक स्थल पर आपातकालीन पैनिक बटन लगाए गए हैं।
ट्रायल के लिए लगाए शहर में आठ पैनिक बटन
प्रशासक ने बताया कि ट्रायल के लिए शहर में 8 स्थानों पर ही पैनिक बटन लगे हैं, इनकी एक माह तक जांच होगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद पूरे शहर को इस सिस्टम से लैस किया जाएगा। एक माह के ट्रायल के दौरान सिस्टम में सुधार भी किए जाएंगे। इन पैनिक बटन में पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस केंद्रों का कंट्रोल होगा। जिस भी पैनिक बटन को दबाया जाएगा उसका अलार्म उस विभाग में बजेगा।
विज्ञापन
किस सहायता के लिए कौन-सा बटन दबाएं
पुलिस के लिए लाल, एंबुलेंस के लिए पीला तथा फायर के लिए हरा बटन लगाया गया है। निगम कमिश्नर ने बताया कि यह पैनिक बटन पहले महिला सुरक्षा के मद्देनजर बस क्यू शेल्टरों में लगाए जाने थे, लेकिन उनके द्वारा इसका विस्तार करते हुए शहर के कई हिस्से इसके साथ जोड़े हैं।
विज्ञापन
करीब 10 लाख रुपये आएगा खर्च
निगम प्रशासक ने बताया कि इस योजना पर करीब 10 लाख रुपये का खर्च आएगा। इसी के साथ ट्राईसिटी समेत पंचकूला पहला शहर होगा जहां इस तरह का सिस्टम लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे जहां क्राइम को कंट्रोल करने में काफी सहायता मिलेगी, वहीं आग लगने पर तत्काल एंबुलेंस और फायर की सुविधा मिलेगी।
वायरलेस सिस्टम से जुड़ेगा पैनिक बटन
पैनिक बटन सिस्टम को वायरलेस सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसके लिए बाकायदा एक कंट्रोल रूम बनेगा और शहर के भीतर करीब 10 जगह पोल लगाए जाएंगे। जैसे ही कोई व्यक्ति या फिर महिला पैनिक बटन को दबाएगा उसे तत्काल पुलिस से लेकर फायर तक की सहायता मिलेगी।
पंचकूला पुलिस उपायुक्त ने बताया कि सभी पैनिक बटनों के माध्यम से लोगों को कई प्रकार की सहायता मिलेंगी। इन पैनिक बटनों का प्रयोग कर पुलिस सहायता जल्द दी जा सकेगी और पुलिस कंट्रोल रूम इसका संदेश उनकी पुलिस पीसीआर को भेजेगा।