{"_id":"5b426bf74f1c1ba64e8b49d5","slug":"153107966918-pkl-office-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्पैश्ल कवरेज।","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्पैश्ल कवरेज।
Updated Mon, 09 Jul 2018 01:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फीका ही रहा कालका-शिमला रेलवे ट्रैक का ऐतिहासिक दिन
- कालका स्टेशन के ऐतिहासिक दिन पर पूरे स्टेशन से रौनक रही गायब,
- आठ जुलाई को यूनेस्को ने दिया था कालका-शिमला रेलमार्ग को विश्व धरोहर का दर्जा
अमर उजाला ब्यूरो।
कालका। कालका-शिमला रेलवे ट्रैक को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल हुए रविवार को पूरे दस वर्ष हो गए। विश्व धरोहर में शामिल कालका-शिमला रेलमार्ग के सफर का आनंद लेेने के लिए देश से ही नही अपितु विदेश से भी सैलानी पहुंचते हैं। रविवार को कालका-शिमला टॉय ट्रेन का सफर करने आए सैलानियों को उस समय निराश होना पड़ा जब उन्हें एक ऐतिहासिक दिन पर कालका रेलवे स्टेशन पर कोई भी इंतजाम दिखाई नहीं दिए।
यात्रियों को उम्मीद थी कि स्टेशन या फिर टॉय ट्रेन पर किसी प्रकार की सजावट होगी, जिससे कि इस विशेष दिन कालका-शिमला टॉय ट्रेन में किया गया सफर उनके लिए एक यादगार सफर बन जाएगा। लेकिन सफर तो सफर पूरे स्टेशन से रौनक ही गायब रही।
कालका स्टेशन पर हॉलिडे स्पेशल में शिमला तक का सफर करने पहुंचे स्वर्ण कक्कड़ ने बताया कि वह दिल्ली से अपने परिवार के साथ आए हैं। उन्होंने बताया कि आज कालका-शिमला ट्रैक के लिए ऐतिहासिक महत्व का दिन है, जिसे रेलवे प्रशासन की ओर से बखूबी विशेष तौर पर मनाया जाना चाहिए था। लेकिन कालका रेलवे स्टेशन पर ऐसा कुछ भी दिखाई नहीं दिया।
विज्ञापन
आरकेपुरम दिल्ली से आई आशी ने बताया कि वह अपने पति व बच्चों के साथ आई है और टॉय ट्रेन में कालका से शिमला जा रही हैं उन्होंने बताया कि स्टेशन पर सब कुछ नार्मल है ऐसा कुछ नहीं है जिससे कि यात्रियों को पता चल सके कि आज का दिन कालका-शिमला रेलवे स्टेशन के लिए खास महत्व रखता हो।
मध्यप्रदेश से आए डॉक्टर रामहेत गौतम ने बताया कि वह भोपाल से शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में कोर्स करने जा रहे है। आज कालका-शिमला रेलवे लाइन के विश्व धरोहर में शुमार होने के दिन कालका स्टेशन पर कोई सुविधा नहीं दी गई है। न कोई बैनर और न ही कोई विशेष आयोजन किया गया।
वर्ल्ड हेरिटेज डे पर लगी थी प्रदर्शनी
18 अप्रैल को वर्ल्ड हेरिटेज डे पर कालका रेलवे स्टेशन को बाहर से लड़ियों के साथ सजाया गया था और शिवालिक डिलक्स टॉय ट्रेन के यात्रियों को स्मृति चिह्न के रूप में कालका-शिमला रेलवे विश्व धरोहर का स्टीकर लगाया गया था, इतना ही नहीं कालका रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक ने सभी रेलवे कर्मचारियों व अधिकारियों को विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे खंड की रक्षा, सरंक्षण व साफ-सफाई की शपथ भी दिलवाई थी। इस दौरान स्टेशन पर कालका-शिमल ारेलवे से जुड़ी ऐतिहासिक यादों को समेटने वाले संग्रह की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी।
तेज रफ्तार ट्रक ने बुजुर्ग को कुचला, मौत
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। रविवार की सुबह तेज रफ्तार ट्रक ने एक बुजुर्ग को टक्कर मार दी और वह ट्रक के नीचे आ गया। जिस कारण उसकी मौके पर मौत हो गई। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है और शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए शव को सेक्टर-6 के सामान्य अस्पताल में रखवा दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक मुस्तकीम अंसारी (63) बुढनपुर निवासी पेशे से पेंटर का काम करता था। रविवार सुबह करीब आठ बजे वह बुढ़नपुर से काम करने के लिए सेक्टर-20 जा रहा था। जैसे ही वह सेक्टर-20 और सेक्टर-21 की विभाजित सड़क पर पहुंचा तो कालका की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। जिसके बाद बुजुर्ग ट्रक के नीचे आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को अपने कब्जे में लेकर ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए शव को सेक्टर-6 के सामान्य अस्पताल में रखवा दिया है।
विज्ञापन
- कालका स्टेशन के ऐतिहासिक दिन पर पूरे स्टेशन से रौनक रही गायब,
- आठ जुलाई को यूनेस्को ने दिया था कालका-शिमला रेलमार्ग को विश्व धरोहर का दर्जा
अमर उजाला ब्यूरो।
कालका। कालका-शिमला रेलवे ट्रैक को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल हुए रविवार को पूरे दस वर्ष हो गए। विश्व धरोहर में शामिल कालका-शिमला रेलमार्ग के सफर का आनंद लेेने के लिए देश से ही नही अपितु विदेश से भी सैलानी पहुंचते हैं। रविवार को कालका-शिमला टॉय ट्रेन का सफर करने आए सैलानियों को उस समय निराश होना पड़ा जब उन्हें एक ऐतिहासिक दिन पर कालका रेलवे स्टेशन पर कोई भी इंतजाम दिखाई नहीं दिए।
यात्रियों को उम्मीद थी कि स्टेशन या फिर टॉय ट्रेन पर किसी प्रकार की सजावट होगी, जिससे कि इस विशेष दिन कालका-शिमला टॉय ट्रेन में किया गया सफर उनके लिए एक यादगार सफर बन जाएगा। लेकिन सफर तो सफर पूरे स्टेशन से रौनक ही गायब रही।
विज्ञापन
कालका स्टेशन पर हॉलिडे स्पेशल में शिमला तक का सफर करने पहुंचे स्वर्ण कक्कड़ ने बताया कि वह दिल्ली से अपने परिवार के साथ आए हैं। उन्होंने बताया कि आज कालका-शिमला ट्रैक के लिए ऐतिहासिक महत्व का दिन है, जिसे रेलवे प्रशासन की ओर से बखूबी विशेष तौर पर मनाया जाना चाहिए था। लेकिन कालका रेलवे स्टेशन पर ऐसा कुछ भी दिखाई नहीं दिया।
विज्ञापन
आरकेपुरम दिल्ली से आई आशी ने बताया कि वह अपने पति व बच्चों के साथ आई है और टॉय ट्रेन में कालका से शिमला जा रही हैं उन्होंने बताया कि स्टेशन पर सब कुछ नार्मल है ऐसा कुछ नहीं है जिससे कि यात्रियों को पता चल सके कि आज का दिन कालका-शिमला रेलवे स्टेशन के लिए खास महत्व रखता हो।
मध्यप्रदेश से आए डॉक्टर रामहेत गौतम ने बताया कि वह भोपाल से शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में कोर्स करने जा रहे है। आज कालका-शिमला रेलवे लाइन के विश्व धरोहर में शुमार होने के दिन कालका स्टेशन पर कोई सुविधा नहीं दी गई है। न कोई बैनर और न ही कोई विशेष आयोजन किया गया।
वर्ल्ड हेरिटेज डे पर लगी थी प्रदर्शनी
18 अप्रैल को वर्ल्ड हेरिटेज डे पर कालका रेलवे स्टेशन को बाहर से लड़ियों के साथ सजाया गया था और शिवालिक डिलक्स टॉय ट्रेन के यात्रियों को स्मृति चिह्न के रूप में कालका-शिमला रेलवे विश्व धरोहर का स्टीकर लगाया गया था, इतना ही नहीं कालका रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक ने सभी रेलवे कर्मचारियों व अधिकारियों को विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे खंड की रक्षा, सरंक्षण व साफ-सफाई की शपथ भी दिलवाई थी। इस दौरान स्टेशन पर कालका-शिमल ारेलवे से जुड़ी ऐतिहासिक यादों को समेटने वाले संग्रह की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी।
तेज रफ्तार ट्रक ने बुजुर्ग को कुचला, मौत
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। रविवार की सुबह तेज रफ्तार ट्रक ने एक बुजुर्ग को टक्कर मार दी और वह ट्रक के नीचे आ गया। जिस कारण उसकी मौके पर मौत हो गई। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है और शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए शव को सेक्टर-6 के सामान्य अस्पताल में रखवा दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक मुस्तकीम अंसारी (63) बुढनपुर निवासी पेशे से पेंटर का काम करता था। रविवार सुबह करीब आठ बजे वह बुढ़नपुर से काम करने के लिए सेक्टर-20 जा रहा था। जैसे ही वह सेक्टर-20 और सेक्टर-21 की विभाजित सड़क पर पहुंचा तो कालका की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। जिसके बाद बुजुर्ग ट्रक के नीचे आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को अपने कब्जे में लेकर ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए शव को सेक्टर-6 के सामान्य अस्पताल में रखवा दिया है।