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स्टोरी कालका

Sun, 08 Jul 2018 01:44 AM IST
Updated Sun, 08 Jul 2018 01:44 AM IST
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स्टोरी कालका
वर्ल्ड हैरिटेज में शामिल कालका-शिमला रेलमार्ग ने पूरे किए दस साल
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- आज के दिन जुलाई 2008 में यूनेस्को ने दिया था इसे वर्ल्ड हैरिटेज का दर्जा
- आठ जुलाई 2008 को यूनेस्को की ओर से विश्व धरोहर में किया गया था शामिल

अमर उजाला ब्यूरो
कालका। 96 किमी. लबे कालका-शिमला वर्ल्ड हैरिटेज ट्रैक पहाड़ों और घुमावदार मोड़ों से पहाड़ों की रानी शिमला तक सैलानियों को लेकर जाता है। घुमावदार पहाड़ों के बीच से जब टॉय ट्रेन गुजरती है तो सैलनियों का उत्साह देखने वाला होता है। बता दें कि 103 सुरंगें, 102 पुल वाले इस रेल मार्ग को वर्ल्ड हैरिटेज में शामिल हुए आज पूरे दस साल हो गए हैं, इस मार्ग को आठ जुलाई 2008 को यूनेस्को की ओर से विश्व धरोहर में शामिल किया गया था।

कैसे हुआ रेलमार्ग वर्ल्ड हैरीटेज में शामिल।
यूनेस्को की टीम ने कालका-शिमला रेलमार्ग का दौरा करके हालात का जायजा लिया। टीम ने कहा था कि दार्जिलिंग रेल सेक्शन के बाद यह एक ऐसा सेक्शन है जो अपने आप में अनोखा है। यूनेस्को ने इस ट्रैक के ऐतिहासिक महत्व को समझते हुए भरोसा दिलाया था कि इसे वर्ल्ड हैरिटेज में शामिल करने के लिए वह पूरा प्रयास करेंगे और जुलाई 2008 को इसे विश्व धरोहर घोषित किया गया। कालका-शिमला रेलमार्ग पर सामान्य सीजन में लगभग डेढ़ हजार यात्री यात्रा करते हैं, जबकि पीक सीजन में यह आंकड़ा दुगुना हो जाता है।
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नवंबर 1903 में हुई थी शुरूआत
9 नंवबर 1903 में इस रेलमार्ग की शुरूआत हुई थी। यह रेलवे ट्रैक टूरिस्ट के लिए हमेशा आकर्षण का केंद्र रहा है। रोजाना हजारों पर्यटक प्रकृति के सुंदर नजारों का लुत्फ लेते हुए इस ट्रैक पर सफर करते हैं। चार मंजिला स्टोन आर्च पुल और मनमोहक घाटियों से गुजरने वाला यह ट्रैक टूरिस्ट को आकर्षित करता है। कालका-शिमला रेलवे ट्रैक का निर्माण कार्य 1898 में शुरू हुआ था। उस दौरान इसके निर्माण के लिए 86 लाख 78 हजार 500 रुपये बजट रखा गया था, लेकिन निर्माण पूरा होते वक्त यह बजट बढ़कर दोगुना हो गया। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी ब्रिटिश चीफ इंजीनियर एचएस हेरलींगटन को दी गई थी। नौ नवंबर 1903 को वायसराय लार्ड कर्जन ने इसकी शुरुआत की थी।
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टॉय ट्रेन की समय सारणी
- रात 3 बजकर 30 मिनट पर पैसेंजर टॉय ट्रेन।
- सुबह पांच बजे टॉय ट्रेन मोटर कार।
- सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर टॉय ट्रेन शिवालिक डीलक्स।
- सुबह 6 बजे टॉय ट्रेन मेल।
- सुबह 7 बजे टॉय ट्रेन होलीडे शिवालिक स्पेशल।
- सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर ट्वॉय ट्रेन अप मिक्स (कोच के साथ मालवाहक ट्रेन)।
- दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर टॉय ट्रेन हिमालयन क्वीन।
- दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर टॉय ट्रेन होलीडे स्पेशल।
- टाइम टेबल के अनुसार होलीडे स्पेशल एक मई से लेकर 15 जुलाई तक चलाई जाएगी।
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