{"_id":"5b0477504f1c1b1b5e8b672e","slug":"1527019339157-pkl-office-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आशा वर्करों ने 7 जून को फिर से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया।","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आशा वर्करों ने 7 जून को फिर से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया।
Updated Wed, 23 May 2018 01:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सात जून से फिर से हड़ताल करेंगी आशा वर्कर
बरवाला। सरकार की ओर से आशा वर्करों की मांगों के समझौते को लागू न करने को लेकर सात जून को आशा वर्करों ने दोबारा हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। आशा वर्कर यूनियन जिला पंचकूला इकाई की प्रधान सुमन व सचिव वंदना ने एक प्रेस बयान जारी कर बताया कि सरकार ने आशा वर्करों के साथ उनकी मांगों को लेकर फरवरी में समझौते किया था लेकिन इस समझौते को लागू न करने को लेकर दोबारा से सात जून को हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार की ओर से 6 जून तक कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया तो आशा वर्कर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने से पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनिज विज व विभाग के अधिकारियों से कई बार बातचीत हुई और उन्होंने हर बार आश्वासन दिया था कि जल्द ही उनकी मांगों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। लेकिन आज तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया जिसके चलते आशा वर्करों को दोबारा हड़ताल पर जाने का निर्णय लेना पड़ रहा है।
विज्ञापन
बरवाला। सरकार की ओर से आशा वर्करों की मांगों के समझौते को लागू न करने को लेकर सात जून को आशा वर्करों ने दोबारा हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। आशा वर्कर यूनियन जिला पंचकूला इकाई की प्रधान सुमन व सचिव वंदना ने एक प्रेस बयान जारी कर बताया कि सरकार ने आशा वर्करों के साथ उनकी मांगों को लेकर फरवरी में समझौते किया था लेकिन इस समझौते को लागू न करने को लेकर दोबारा से सात जून को हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार की ओर से 6 जून तक कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया तो आशा वर्कर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने से पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनिज विज व विभाग के अधिकारियों से कई बार बातचीत हुई और उन्होंने हर बार आश्वासन दिया था कि जल्द ही उनकी मांगों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। लेकिन आज तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया जिसके चलते आशा वर्करों को दोबारा हड़ताल पर जाने का निर्णय लेना पड़ रहा है।