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-जिले से मलेरिया के दो केस सामने आए
Updated Sun, 22 Apr 2018 01:52 AM IST
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पंचकूला में मलेरिया ने दी दस्तक, दो केस सामने आए
- ओल्ड पंचकूला, नाडा साहिब, बाल्दवाला, मोरनी, गनौली मलेरिया के लिए हाई रिस्क जोन घोषित
- पिछले साल ओल्ड पंचकूला और नाडा साहिब में थे मलेरिया के 60 मामले
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
पंचकूला जिले में मलेरिया ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। अब तक कालका और ओल्ड पंचकूला के दो मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। यहां पर स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया विंग की टीम ने फॉगिंग करवा दिया है। बता दें कि पिछले साल सबसे ज्यादा मामले मलेरिया के ओल्ड पंचकूला और नाडा साहिब से आए थे। इन दोनों जगहों को मिलाकर करीब 60 मामले मलेरिया के थे। मलेरिया मादा एनाफिलिज के काटने से होता है। ये मच्छर रात को काटता है।
मलेरिया के लक्षण:
ज्वर, कंपकंपी, जोड़ों में दर्द, उल्टी, रक्ताल्पता (रक्त विनाश से), मूत्र में हीमोग्लोबिन और दौरे। मलेरिया का सबसे आम लक्षण है अचानक तेज कंपकंपी के साथ शीत लगना, जिसके फौरन बाद ज्वर आता है। चार से छह घंटे के बाद ज्वर उतरता है और पसीना आता है।
बचाव के उपाय:
गर्मियों में रोज कूलर में साफ पानी डाले, घर के आसपास पानी न जमा होने दें, अगर मैदान में पानी जमा हो जाए तो उसमें मिट्टी डालकर गड्ढे को भर दें, सोते समय मच्छर दानी का प्रयोग करें। मच्छरों को दूर भगाने वाली क्रीम भी बाजार में मिल जाती है। बारिश के दिनों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था रखें।
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मलेरिया के हाई रिक्स जोन घोषित
- स्वास्थ्य विभाग ने ओल्ड पंचकूला, नाडा साहिब, बाल्दवाला, मोरनी, गनौली मलेरिया के लिए हाई रिस्क जोन घोषित किया।
- एक मई से हाई रिस्क एरिया में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार चार माह तक स्प्रे करवाया जाएगा।
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- ओल्ड पंचकूला, नाडा साहिब, बाल्दवाला, मोरनी, गनौली मलेरिया के लिए हाई रिस्क जोन घोषित
- पिछले साल ओल्ड पंचकूला और नाडा साहिब में थे मलेरिया के 60 मामले
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
पंचकूला जिले में मलेरिया ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। अब तक कालका और ओल्ड पंचकूला के दो मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। यहां पर स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया विंग की टीम ने फॉगिंग करवा दिया है। बता दें कि पिछले साल सबसे ज्यादा मामले मलेरिया के ओल्ड पंचकूला और नाडा साहिब से आए थे। इन दोनों जगहों को मिलाकर करीब 60 मामले मलेरिया के थे। मलेरिया मादा एनाफिलिज के काटने से होता है। ये मच्छर रात को काटता है।
मलेरिया के लक्षण:
ज्वर, कंपकंपी, जोड़ों में दर्द, उल्टी, रक्ताल्पता (रक्त विनाश से), मूत्र में हीमोग्लोबिन और दौरे। मलेरिया का सबसे आम लक्षण है अचानक तेज कंपकंपी के साथ शीत लगना, जिसके फौरन बाद ज्वर आता है। चार से छह घंटे के बाद ज्वर उतरता है और पसीना आता है।
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बचाव के उपाय:
गर्मियों में रोज कूलर में साफ पानी डाले, घर के आसपास पानी न जमा होने दें, अगर मैदान में पानी जमा हो जाए तो उसमें मिट्टी डालकर गड्ढे को भर दें, सोते समय मच्छर दानी का प्रयोग करें। मच्छरों को दूर भगाने वाली क्रीम भी बाजार में मिल जाती है। बारिश के दिनों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था रखें।
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मलेरिया के हाई रिक्स जोन घोषित
- स्वास्थ्य विभाग ने ओल्ड पंचकूला, नाडा साहिब, बाल्दवाला, मोरनी, गनौली मलेरिया के लिए हाई रिस्क जोन घोषित किया।
- एक मई से हाई रिस्क एरिया में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार चार माह तक स्प्रे करवाया जाएगा।