फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   एचएसएससी मामले में पुलिस की रडार पर चल रहे आरोपी जल्द हो सकते हैं गिरफ्तार

एचएसएससी मामले में पुलिस की रडार पर चल रहे आरोपी जल्द हो सकते हैं गिरफ्तार

Sun, 08 Apr 2018 10:36 PM IST
Updated Sun, 08 Apr 2018 10:36 PM IST
विज्ञापन
एचएसएससी मामले में पुलिस की रडार पर चल रहे आरोपी जल्द हो सकते हैं गिरफ्तार
नोएडा और रोहतक के ध्यानार्थ
विज्ञापन



एचएसएससी मामले में पुलिस की रडार पर चल रहे आरोपी जल्द हो सकते हैं गिरफ्तार
- फरार चल रहे आरोपियों ने बंद किए फोन, बदले शहर
- रिश्तेदारों या नजदीकियों को लगवाने में आरोपियों की भूमिका पर भी हो रही जांच
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
एचएसएससी में चल रहे रिश्वतखोरी के खेल में अभी 3-4 और आरोपी पुलिस की रडार पर हैं। पुलिस उनसे जुड़े तमाम पहलुओं को लेकर पूछताछ कर रही है ताकि उनकी भी जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो सके। अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे आरोपियों में सचिवालय के एक कर्मी के अलावा सरकारी महकमे और प्राइवेट कर्मचारी भी शामिल हैं। आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए हैं और सूत्र बताते हैं कि इनमें से एक-दो ने दूसरे शहरों का रुख भी कर लिया है।
एचएसएससी में इंटरव्यू में नंबर दिलवाने, मनचाही पोस्टिंग और ट्रांसफर के ठेकेदारों की काली करतूत की वजह से हरियाणा भर में नौकरी की चाहत में पढ़ाई कर रहे युवाओं में निराशा है। जिन्होंने खूब मेहनत कर पढ़ाई की, उनकी जगह किसी और को नौकरी दिलवाने के गोरखधंधा की वजह से कई ऐसे भी हैं, जिन्हें मेरिट के बावजूद नौकरी नहीं मिल सकी, क्योंकि उन्होंने लाखों रुपये नहीं अदा किए। सीक्रेट ब्रांच के कर्मियों की अन्य लोगों के साथ सांठगांठ में चलने वाले इस खेल की शुरुआत पिछले करीब कई महीनों से चल रही है।
विज्ञापन


रिश्तेदारों-नजदीकियों की नौकरी में भी तो नहीं किया खेल, जांच जारी
इस मामले की भी छानबीन की जा रही है कि सरकारी नौकरियों में अपने रिश्तेदारों या नजदीकियों को लगवाने में आरोपियों की क्या भूमिका रही है, इसकी भी पुलिस छानबीन कर रही है। सूत्रों के मुताबिक इनमें से एक आरोपी ने अपने परिवार के दो से तीन सदस्यों को अलग-अलग विभागों में नौकरी दिलवाने में हेरफेर किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


नौकरी के ठेकेदार अभी भी फरार
एचएसएससी के सीक्रेट ब्रांच के कर्मियों के अलावा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और सिंचाई विभाग के कर्मियों के साथ नेटवर्क में शामिल तीन-चार ऐसे लोग रहे, जिन्होंने प्रदेश के दूर-दराज इलाकों से भी उम्मीदवारों को नौकरी दिलवाने के लिए सौदा किया। इन आरोपियों को 15-20 फीसदी तक रकम दी जाती थी। सौदा तय होने के बाद रिजल्ट में उम्मीदवारों का नाम आने पर पूरी रकम भी वसूलते थे।


एकाउंट स्टेटमेंट से खुलेगा आरोपियों के केस के लेनदेन का खुलासा
सीएम फ्लाइंग स्कवॉड की छापेमारी और पूछताछ में लाखों के लेनदेन का तो खुलासा हो चुका है। अलग-अलग पदों के लिए रकम भी दो से 10 लाख रुपये तक उम्मीदवारों से ऐंठी गई। अब जांच में जुटी टीम इस बात की भी छानबीन कर रही है कि आरोपियों के कितने अकाउंट हैं। कुछ आरोपियों ने परिवार के अन्य सदस्यों के खाते से भी लाखों का ट्रांजेक्शन किया, जिसकी जांच चल रही है। सोमवार को सभी अकाउंट के बारे में जानकारियां हासिल करने के बाद सभी संदिग्ध खाते सीज भी किए जा सकते हैं। एकाउंट स्टेटमेंट से आरोपियों के लेन-देन का खुलासा होगा और इससे यह भी बात साफ हो जाएगी कि रिश्वत के लेन-देन का सिलसिला कब से चल रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed