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पंचकूला को मिला हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म

Thu, 01 Mar 2018 01:29 AM IST
Updated Thu, 01 Mar 2018 01:29 AM IST
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पंचकूला को मिला हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म
अब 42 मीटर की ऊंचाई तक आसानी से बुझाएगी जा सकें गी आग
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- आठ करोड़ रुपये की कीमत वाले हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म से आग के दौरान बचाई जा सकेंगी लोगों की जान
- गुरुग्राम से मंगवाया 10 साल पुराना प्लेटफॉर्म, 250 सोसाइटियों में रहने वालों पर मंडरा रहा था आग का खतरा

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
अब तक आग के खतरे से जूझ रहे पंचकूला की सोसाइटियों में रहने वाले हजारों परिवारों के लिए बड़ी राहत। गुरुग्राम से 10 वर्ष पुराना हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म अब पंचकूला को मिल गया है। 42 मीटर लंबाई वाले प्लेटफॉर्म से सोसाइटी में लगने वाली आग को बुझाने सहित ऊपरी मंजिल में आग के वक्त फंसे लोगों को बचाया भी जा सकेगा।
पिछले कई वर्षों से पंचकूला में हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म न होने की वजह से सोसाइटी में रहने वाले लोगों की तरफ से आग से बचाव को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। वहीं, स्टेशन फायर ऑफिसर एसएस मलिक ने बताया कि हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म की कीमत करीब आठ करोड़ तक है। इतना ही नहीं, अगर बिल्डिंग में कोई फंसा भी हो तो उसे प्लेटफॉर्म पर लगी सीढ़ियों की मदद से बचाया जा सकेगा।
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जिले में हैं करीब 250 सोसाइटियां:
सेक्टर-20, एमडीसी, सेक्टर-24, 25, 26, 27 और 28 में करीब 250 मल्टीस्टोरी बिल्डिंग हैं। जिनमें हजारों परिवार रहते हैं और जिन पर हर वक्त आग का खतरा मंडरा रहा था। लेकिन, नए हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म के आने के बाद से ऐसी आग को आसानी से बुझाया जा सकेगा।
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एक हफ्ते तक ड्राइविंग की दी जाएगी ट्रेनिंग:
हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म मंगलवार रात 12 बजे पहुंचा। बुधवार सुबह सेक्टर-पांच के फायर स्टेशन में नारियल फोड़कर पूजा की गई। हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म की ड्राइविंग सिखाने के लिए गुरुग्राम से एक ड्राइवर भी मंगवाया गया है। ड्राइवर की ओर से स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि किसी भी स्थिति में आग बुझाने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


फायर ब्रिगेड के पास हैं एक दर्जन वाहन:
आग बुझाने के लिए फायर स्टेशन में करीब एक दर्जन वाटर बाउजर और फायर ब्रिगेड हैं। हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म के संचालन के लिए खास सावधानियां भी बरतनी जरूरी है। इसकी ऊंचाई अधिक होने की वजह से ऊपर से गुजरने वाली तारों का ध्यान रखना जरूरी है। इसके अलावा किसी भी जगह की जमीन अगर खोखली हो तो प्लेटफॉर्म के फंसने का भी खतरा बना रहता है।
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