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नारी को मातृत्व का अधिकार देने के लिए शुरू किया ‘वूमन रिप्रोडक्टिव राइट’ अभियान
Updated Wed, 28 Feb 2018 01:44 AM IST
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नारी को मातृत्व का अधिकार देने के लिए शुरू किया ‘वूमन रिप्रोडक्टिव राइट’ अभियान
- एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी और निर्देशक मयंक पी श्रीवास्तव भी अभियान से जुड़े
- सामाजिक कार्यकर्ता रेणु माथुर के सेक्टर-9 स्थित कार्यालय पर पहुंची दोनों हस्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
नारी को मातृत्व का अधिकार देने की दिशा में की गई पहल में जेनिथ रूट्स की ट्रस्टी रेणु माथुर, एसिड अटैक की सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल के साथ-साथ बॉलीवुड निर्देशक मयंक पी श्रीवास्तव भी इस अभियान में जुड़ गए है। इसके तहत महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने के लिए संस्थानों को भी जोड़ना शुरू कर दिया है।
लक्ष्मी ने कहा कि महिलाओं में किसी भी तरह की पहल में हमेशा बढ़-चढ़कर कुछ करने की उनकी ख्वाहिश होती है। उन्होंने कहा कि सोच में धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है, लेकिन कोई एक व्यक्ति समाज को नहीं बदल सकता है। इसके लिए जरूरी है कि सभी निजी स्तर पर एक-दूसरे को जागरूक करें, ताकि पूरे समाज में इसका प्रसार हो सके।
इस पहल के बारे में सामाजिक कार्यकर्ता रेणु माथुर ने कहा कि रिप्रोडक्टिव राइट्स को समझते हुए महिलाओं को अहमियत मिलनी चाहिए जो अब तक नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य की हकीकत को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है, ताकि औरतों को उनके रिप्रोडक्टिव राइट्स से रूबरू करवाया जा सके। इससे उन्हें जीवन, स्वास्थ्य और भविष्य के बारे में सही निर्णय का अवसर मिलेगा। इसके तहत फैमिली प्लानिंग, गर्भ निरोधक, गर्भपात के वक्त महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित तमाम पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए डॉक्टरों, कानूनी जानकारों सहित अन्य संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है।
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कार्यक्रम में मौजूद बॉलीवुड डायरेक्टर मयंक पी श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने महिलाओं पर केन्द्रित एक डॉक्यूमेंट्री बनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि अभी भी देश में कई ऐसी लड़कियां हैं जो भागदौड़ की इस जिंदगी में अचानक कहीं गुम हो जाती हैं। मयंक ने बताया कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जिंदगी पर आधारित एक फिल्म का निर्माण कर रहे हैं, जिसमें उनकी जिंदगी से जुड़े कई अनछुए पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
पूरी दुनिया नहीं बदल सकते, लेकिन सोच में आया है बदलाव: लक्ष्मी
एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कोई भी पूरी दुनिया को नहीं बदल सकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति सोच में बदलाव आया है। महिलाएं तमाम तरह की परेशानियों के बावजूद कोई कदम नहीं उठा सकती थी, लेकिन अब जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ उनकी हिम्मत भी बढ़ी है। सोच हमेशा सकारात्मक रखनी चाहिए ताकि आगे बढ़ने का मौका मिल सके।
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- एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी और निर्देशक मयंक पी श्रीवास्तव भी अभियान से जुड़े
- सामाजिक कार्यकर्ता रेणु माथुर के सेक्टर-9 स्थित कार्यालय पर पहुंची दोनों हस्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
नारी को मातृत्व का अधिकार देने की दिशा में की गई पहल में जेनिथ रूट्स की ट्रस्टी रेणु माथुर, एसिड अटैक की सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल के साथ-साथ बॉलीवुड निर्देशक मयंक पी श्रीवास्तव भी इस अभियान में जुड़ गए है। इसके तहत महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने के लिए संस्थानों को भी जोड़ना शुरू कर दिया है।
लक्ष्मी ने कहा कि महिलाओं में किसी भी तरह की पहल में हमेशा बढ़-चढ़कर कुछ करने की उनकी ख्वाहिश होती है। उन्होंने कहा कि सोच में धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है, लेकिन कोई एक व्यक्ति समाज को नहीं बदल सकता है। इसके लिए जरूरी है कि सभी निजी स्तर पर एक-दूसरे को जागरूक करें, ताकि पूरे समाज में इसका प्रसार हो सके।
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इस पहल के बारे में सामाजिक कार्यकर्ता रेणु माथुर ने कहा कि रिप्रोडक्टिव राइट्स को समझते हुए महिलाओं को अहमियत मिलनी चाहिए जो अब तक नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य की हकीकत को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है, ताकि औरतों को उनके रिप्रोडक्टिव राइट्स से रूबरू करवाया जा सके। इससे उन्हें जीवन, स्वास्थ्य और भविष्य के बारे में सही निर्णय का अवसर मिलेगा। इसके तहत फैमिली प्लानिंग, गर्भ निरोधक, गर्भपात के वक्त महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित तमाम पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए डॉक्टरों, कानूनी जानकारों सहित अन्य संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है।
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कार्यक्रम में मौजूद बॉलीवुड डायरेक्टर मयंक पी श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने महिलाओं पर केन्द्रित एक डॉक्यूमेंट्री बनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि अभी भी देश में कई ऐसी लड़कियां हैं जो भागदौड़ की इस जिंदगी में अचानक कहीं गुम हो जाती हैं। मयंक ने बताया कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जिंदगी पर आधारित एक फिल्म का निर्माण कर रहे हैं, जिसमें उनकी जिंदगी से जुड़े कई अनछुए पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
पूरी दुनिया नहीं बदल सकते, लेकिन सोच में आया है बदलाव: लक्ष्मी
एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कोई भी पूरी दुनिया को नहीं बदल सकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति सोच में बदलाव आया है। महिलाएं तमाम तरह की परेशानियों के बावजूद कोई कदम नहीं उठा सकती थी, लेकिन अब जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ उनकी हिम्मत भी बढ़ी है। सोच हमेशा सकारात्मक रखनी चाहिए ताकि आगे बढ़ने का मौका मिल सके।