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पहले दिन तीन व्यक्तियों को संपदा अधिकारी के कार्यालय से ऑन लाइन की गई प्लॉट की खरीद
Updated Tue, 30 Jan 2018 01:24 AM IST
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सीएम ने किया प्लाट एवं संपदा प्रबंधन की ऑनलाइन प्रणाली का शुभारंभ
- पहले दिन संपदा अधिकारी के कार्यालय से ऑनलाइन की गई प्लॉट की खरीद
- अनुमति पत्र, ट्रांसफर के लिए 18 दिन की बजाय अब चार दिन में ही होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
सोमवार को सीएम मनोहर लाल ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के सेक्टर-6 स्थित मुख्यालय से ऑनलाइन नई प्लाट एवं संपदा प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ किया। इस दौरान तीन व्यक्तियों को संपदा अधिकारी जगदीप ढांडा के कार्यालय से ऑनलाइन की गई प्लाट की खरीद, ट्रांसफर अनुमति व मोर्टगेज अनुमति के दस्तावेज मौके पर ही सौंपे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आमतौर पर एचएसवीपी से लोगों को अपने अलग-अलग कार्य करवाने के लिए काफी शिकायतें थीं। आज करीब सवा तीन लाख लोग प्राधिकरण से जुड़े हैं, जिन्हें अपने विभिन्न प्रकार के कार्य करवाने के लिए इनके चक्कर काटने पड़ते थे। अब उन्हें इससे निजात मिलेगी और लोग घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रस्तुतिकरण के लिए उनके मोबाइल नंबर पर सूचना जाएगी और इससे बिचौलियों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने सेक्टर-17 के प्लाट नंबर-65 के विक्रेता मनजीत सिंह ग्रेवाल और खरीददार अंकुर मित्तल, सेक्टर-19 के प्लाट नंबर-231 के रामकुमार राणा को ट्रांसफर अुनमति और सेक्टर-19 के प्लाट नंबर-661 के पीके सुभाषचंद्र को मोर्टगेज अनुमति की ऑनलाइन दस्तावेज सौंपे। बाद में मुख्यमंत्री ने करनाल की सुरभि, करनाल के कश्मीरी सिंह, रेखा मलिक को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कागज सौंपे। रेखा मलिक ने बताया कि 25 जनवरी को उन्होंने आवेदन किया था, इसी प्रकार कश्मीरी सिंह ने अनुमति पत्र के लिए 27 जनवरी को आवेदन किया था और मात्र दो से चार दिन में ही उनके कार्य हो गए। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का इस नई पहल के लिए आभार व्यक्त किया और अत्यंत प्रशंसा व्यक्त की। इससे पहले अनुमति पत्र, ट्रांसफर के लिए 18-18 दिन लगते थे, जबकि ऑनलाइन संपदा प्रबंधन के लिए अब चार कार्य दिन लगेंगे। इसी प्रकार रियल अप्लाटमेंट पत्र, मोर्टगेज अनुमति, डी-मोर्टगेज परमिशन, नक्शा व प्लाट के सरेंडर के लिए सात से दस दिन का समय लगता था जो अब एक से चार दिन में हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्राधिकरण के मुख्यालय स्थित विभिन्न शाखाओं और मुख्य प्रशासक कार्यालय का अवलोकन भी किया। उन्होंने मुख्य प्रशासक डॉ. जे गणेशन के प्रयासों की सराहना की, जिनकी बदौलत विभाग की प्लाट एवं संपदा प्रबंधन के लिए ऑनलाइन प्रणाली का शुभारंभ हुआ। बाद में मुख्यमंत्री ने पंचकूला के सेक्टर-23 में चार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से सामुदायिक केंद्र का उद्घाटन व सेक्टर-27, 28 व पिंजौर-कालका शहरी कांपलेक्स के 53 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इस मौके पर विधायक ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा महिला विंग की उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, नगर एवं ग्राम आयोजन विभाग के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, प्राधिकरण के प्रशासक मुकेश आहुजा, पुलिस कमिश्नर केएस चावला, अतिरिक्त उपायुक्त मुकुल कुमार, डीसीपी मनबीर सिंह सहित जिला प्रशासन व प्राधिकरण के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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- पहले दिन संपदा अधिकारी के कार्यालय से ऑनलाइन की गई प्लॉट की खरीद
- अनुमति पत्र, ट्रांसफर के लिए 18 दिन की बजाय अब चार दिन में ही होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
सोमवार को सीएम मनोहर लाल ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के सेक्टर-6 स्थित मुख्यालय से ऑनलाइन नई प्लाट एवं संपदा प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ किया। इस दौरान तीन व्यक्तियों को संपदा अधिकारी जगदीप ढांडा के कार्यालय से ऑनलाइन की गई प्लाट की खरीद, ट्रांसफर अनुमति व मोर्टगेज अनुमति के दस्तावेज मौके पर ही सौंपे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आमतौर पर एचएसवीपी से लोगों को अपने अलग-अलग कार्य करवाने के लिए काफी शिकायतें थीं। आज करीब सवा तीन लाख लोग प्राधिकरण से जुड़े हैं, जिन्हें अपने विभिन्न प्रकार के कार्य करवाने के लिए इनके चक्कर काटने पड़ते थे। अब उन्हें इससे निजात मिलेगी और लोग घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रस्तुतिकरण के लिए उनके मोबाइल नंबर पर सूचना जाएगी और इससे बिचौलियों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने सेक्टर-17 के प्लाट नंबर-65 के विक्रेता मनजीत सिंह ग्रेवाल और खरीददार अंकुर मित्तल, सेक्टर-19 के प्लाट नंबर-231 के रामकुमार राणा को ट्रांसफर अुनमति और सेक्टर-19 के प्लाट नंबर-661 के पीके सुभाषचंद्र को मोर्टगेज अनुमति की ऑनलाइन दस्तावेज सौंपे। बाद में मुख्यमंत्री ने करनाल की सुरभि, करनाल के कश्मीरी सिंह, रेखा मलिक को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कागज सौंपे। रेखा मलिक ने बताया कि 25 जनवरी को उन्होंने आवेदन किया था, इसी प्रकार कश्मीरी सिंह ने अनुमति पत्र के लिए 27 जनवरी को आवेदन किया था और मात्र दो से चार दिन में ही उनके कार्य हो गए। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का इस नई पहल के लिए आभार व्यक्त किया और अत्यंत प्रशंसा व्यक्त की। इससे पहले अनुमति पत्र, ट्रांसफर के लिए 18-18 दिन लगते थे, जबकि ऑनलाइन संपदा प्रबंधन के लिए अब चार कार्य दिन लगेंगे। इसी प्रकार रियल अप्लाटमेंट पत्र, मोर्टगेज अनुमति, डी-मोर्टगेज परमिशन, नक्शा व प्लाट के सरेंडर के लिए सात से दस दिन का समय लगता था जो अब एक से चार दिन में हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्राधिकरण के मुख्यालय स्थित विभिन्न शाखाओं और मुख्य प्रशासक कार्यालय का अवलोकन भी किया। उन्होंने मुख्य प्रशासक डॉ. जे गणेशन के प्रयासों की सराहना की, जिनकी बदौलत विभाग की प्लाट एवं संपदा प्रबंधन के लिए ऑनलाइन प्रणाली का शुभारंभ हुआ। बाद में मुख्यमंत्री ने पंचकूला के सेक्टर-23 में चार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से सामुदायिक केंद्र का उद्घाटन व सेक्टर-27, 28 व पिंजौर-कालका शहरी कांपलेक्स के 53 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इस मौके पर विधायक ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा महिला विंग की उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, नगर एवं ग्राम आयोजन विभाग के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, प्राधिकरण के प्रशासक मुकेश आहुजा, पुलिस कमिश्नर केएस चावला, अतिरिक्त उपायुक्त मुकुल कुमार, डीसीपी मनबीर सिंह सहित जिला प्रशासन व प्राधिकरण के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।