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पंचकूला के रूद्र प्रताप सिंह डांगी ने 27 खिलाड़ियों को मात देकर स्वर्ण पर किया कब्जा
Updated Mon, 08 Jan 2018 01:10 AM IST
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12 साल बाद स्कूल नेशनल में लड़कों का बॉक्सिंग में गोल्ड
- पंचकूला के रुद्र्र प्रताप सिंह डांगी ने विभिन्न राज्यों से आए 27 खिलाड़ियों को मात देकर स्वर्ण पर किया कब्जा
- अप्रैल 2018 चाइना में होने वाले एशियन चैंपियनशिप के लिए चयन
- 25-30 दिसंबर तक बनारस में आयोजित की गई थी नेशनल बाक्सिंग चैंपियनशिप
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
पंचकूला में 12 साल बाद नेशनल में बॉक्सिंग के पुरुष वर्ग मेें स्वर्ण पदक आया है। ये उपलब्धि पंचकूला के रुद्रप्रताप सिंह डांगी ने हासिल की है। इसी आधार पर रुद्र का अप्रैल 2018 में चीन में आयोजित एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में चयन हुआ है। इस एशियन चैंपियनशिप में जीत के लिए रुद्र्र जनवरी की कड़ाके की सर्दी में सुबह पांच से आठ बजे तक लगातार बॉक्सिंग रिंग में पसीना बहा रहा है। बता दें कि बनारस में 25 से 30 दिसंबर तक आयोजित नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रुद्र्र ने अपने भारवर्ग 40-42 किग्रा. में 27 खिलाड़ियों को पछाड़कर स्वर्ण पदक हासिल किया है। इस चैंपियनशिप में 27 टीमों को मिलाकर कुल 272 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। जिसमें पंचकूला जिले के रुद्र्र ने गोल्ड मेडल हासिल किया है। एसडी स्कूल, सेक्टर-32, चंडीगढ़ में पढ़ने वाले रुद्र के अलावा चंडीगढ़ रीजन से 11 अन्य लड़कों ने इस चैंपियनशिप में भाग लिया, जिसमें सिर्फ रुद्र ने ही मेडल जीता।
ज्यादा बाऊट से रूद्र ने स्वर्ण पर किया कब्जा:
हरियाणा के 13 वर्षीय रुद्र प्रताप सिंह डांगी ने पहले लीग मैच में हिमाचल के योगेश को 5-0 से हराया। वहीं, दूसरे लीग मैच में आंध्र प्रदेश के जेम्स को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में रुद्र ने दिल्ली के प्रियांशु को 5-0 से हराकर फाइनल में पहुंचा। इसके बाद फाइनल मुकाबले में रुद्र ने उत्तराखंड के ललित को 4-1 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया।
पोते से दादा को मिली सीख और नेशनल में पदक लेकर आए:
13 वर्षीय रुद्र के दादा जगत सिंह डांगी राज्य स्तरीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पंच लगाते देख खेल के प्रति आकर्षित हुए और पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में रोजाना रनिंग की प्रैक्टिस करने लगे। इसी बीच उन्हें पता चला कि मास्टर एथलीट के लिए पंचकूला राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। 16-17 दिसंबर को ताऊ देवीलाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में आयोजित राज्य स्तरीय मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और पहले प्रयास में ही 800 मीटर रेस में ब्रांज और 1500 मीटर रेस में स्वर्ण पदक हासिल किया।
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रुद्र्र के पिता वीरेंद्र देते हैं बॉक्सिंग की ट्रेनिंग:
आठ साल की उम्र से रुद्र को क्रिकेट में रुचि थी। रुद्र के पिता पंचकूला सेक्टर-तीन के खेल नर्सरी में खिलाड़ियों को बॉक्सिंग की ट्रेनिंग देते हैं। रोजाना रुद्र उनके साथ बॉक्सिंग रिंग में आने लगा। आज से दो साल पहले रुद्र ने अपने पिता वीरेंद्र सिंह डांगी से कहा कि उसे भी बॉक्सिंग की प्रैक्टिस करनी है। पिता ने कहा कि फिर बॉक्सिंग को पहले अपना लक्ष्य बनाओ और फिर प्रैक्टिस करो। इसे छोड़ना नहीं है। उसके बाद रोजाना रुद्र अपने पिता के साथ ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में आने लगा और बॉक्सिंग की ट्रेनिंग कोच राजबीर सिंह रंगा और अपने पिता वीरेंद्र से लेने लगा।
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- पंचकूला के रुद्र्र प्रताप सिंह डांगी ने विभिन्न राज्यों से आए 27 खिलाड़ियों को मात देकर स्वर्ण पर किया कब्जा
- अप्रैल 2018 चाइना में होने वाले एशियन चैंपियनशिप के लिए चयन
- 25-30 दिसंबर तक बनारस में आयोजित की गई थी नेशनल बाक्सिंग चैंपियनशिप
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
पंचकूला में 12 साल बाद नेशनल में बॉक्सिंग के पुरुष वर्ग मेें स्वर्ण पदक आया है। ये उपलब्धि पंचकूला के रुद्रप्रताप सिंह डांगी ने हासिल की है। इसी आधार पर रुद्र का अप्रैल 2018 में चीन में आयोजित एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में चयन हुआ है। इस एशियन चैंपियनशिप में जीत के लिए रुद्र्र जनवरी की कड़ाके की सर्दी में सुबह पांच से आठ बजे तक लगातार बॉक्सिंग रिंग में पसीना बहा रहा है। बता दें कि बनारस में 25 से 30 दिसंबर तक आयोजित नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रुद्र्र ने अपने भारवर्ग 40-42 किग्रा. में 27 खिलाड़ियों को पछाड़कर स्वर्ण पदक हासिल किया है। इस चैंपियनशिप में 27 टीमों को मिलाकर कुल 272 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। जिसमें पंचकूला जिले के रुद्र्र ने गोल्ड मेडल हासिल किया है। एसडी स्कूल, सेक्टर-32, चंडीगढ़ में पढ़ने वाले रुद्र के अलावा चंडीगढ़ रीजन से 11 अन्य लड़कों ने इस चैंपियनशिप में भाग लिया, जिसमें सिर्फ रुद्र ने ही मेडल जीता।
ज्यादा बाऊट से रूद्र ने स्वर्ण पर किया कब्जा:
हरियाणा के 13 वर्षीय रुद्र प्रताप सिंह डांगी ने पहले लीग मैच में हिमाचल के योगेश को 5-0 से हराया। वहीं, दूसरे लीग मैच में आंध्र प्रदेश के जेम्स को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में रुद्र ने दिल्ली के प्रियांशु को 5-0 से हराकर फाइनल में पहुंचा। इसके बाद फाइनल मुकाबले में रुद्र ने उत्तराखंड के ललित को 4-1 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया।
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पोते से दादा को मिली सीख और नेशनल में पदक लेकर आए:
13 वर्षीय रुद्र के दादा जगत सिंह डांगी राज्य स्तरीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पंच लगाते देख खेल के प्रति आकर्षित हुए और पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में रोजाना रनिंग की प्रैक्टिस करने लगे। इसी बीच उन्हें पता चला कि मास्टर एथलीट के लिए पंचकूला राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। 16-17 दिसंबर को ताऊ देवीलाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में आयोजित राज्य स्तरीय मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और पहले प्रयास में ही 800 मीटर रेस में ब्रांज और 1500 मीटर रेस में स्वर्ण पदक हासिल किया।
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रुद्र्र के पिता वीरेंद्र देते हैं बॉक्सिंग की ट्रेनिंग:
आठ साल की उम्र से रुद्र को क्रिकेट में रुचि थी। रुद्र के पिता पंचकूला सेक्टर-तीन के खेल नर्सरी में खिलाड़ियों को बॉक्सिंग की ट्रेनिंग देते हैं। रोजाना रुद्र उनके साथ बॉक्सिंग रिंग में आने लगा। आज से दो साल पहले रुद्र ने अपने पिता वीरेंद्र सिंह डांगी से कहा कि उसे भी बॉक्सिंग की प्रैक्टिस करनी है। पिता ने कहा कि फिर बॉक्सिंग को पहले अपना लक्ष्य बनाओ और फिर प्रैक्टिस करो। इसे छोड़ना नहीं है। उसके बाद रोजाना रुद्र अपने पिता के साथ ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में आने लगा और बॉक्सिंग की ट्रेनिंग कोच राजबीर सिंह रंगा और अपने पिता वीरेंद्र से लेने लगा।