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कहा प्रवेश और निकासी द्वारा पर मेटल डिटेक्टर लगवाएं और सीसीटीवी कैमरा भी

Thu, 03 Aug 2017 01:00 AM IST
Updated Thu, 03 Aug 2017 01:00 AM IST
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कहा प्रवेश और निकासी द्वारा पर मेटल डिटेक्टर लगवाएं और सीसीटीवी कैमरा भी
जिन्हें काम करने में दिक्कत है वह घर बैठें, रेलवे में कोई जगह नहीं
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लापरवाही बरतने वाले रेलवे अधिकारियों को पीएसी के सदस्य ने दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर बुधवार को पीएसी (पैसेंजर एमेनिटी कमेटी) के सदस्य ने दौरा किया। ये जांच रिपोर्ट कमेटी की ओर से भारतीय रेलवे के जीएम को सौंपी जाएगी। इनके साथ चंडीगढ़ के जन प्रतिनिधि भी मौजूद थे। बुधवार को टीम ने प्लेटफार्म नंबर वन पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं जांचीं। इस भारतीय युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सहदेव सलारिया की नजर चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के बाहर लगी नेम प्लेट पर पड़ी। इसमें चंडीगढ़ का आखिरी अक्षर गलत लिखा था। सहदेव ने स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों से कहा कि चंडीगढ़ को वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन बनाने की कवायद जारी है। इधर स्टेशन पर लिखी चंडीगढ़ की स्पेलिंग भी बराबर नहीं है। इसे सही करने के लिए दस माह में दो बार अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है। इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ। इस पर पीएसी सदस्य डॉ. अशोक ने कहा कि जिन्हें काम करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं, उन्हें घर बैठने की जरूरत है। ऐसे मुलाजिमों के लिए रेलवे में कोई जगह नहीं है। वहीं उन्होंने मौके पर मौजूद कामर्शियल डिवीजन के डीसीएम से कहा कि टिकट बुकिंग काउंटर पर यात्रियों को प्रापर हवा नहीं लगती। यहां पर पंखे का बंदोबस्त कराएं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि टिकट वेंडिंग मशीन क्यों बंद पड़ी। इसे भी सही कराएं।
शौचालय के लिए क्यों लेते हैैं पैसा : डॉ. अशोक
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर वन पर यात्रियों से शौचालय शुल्क लिया जाता है। इस पर पीएसी सदस्य डॉ. अशोक ने रेलवे अधिकारियों से कहा कि यात्री ट्रेन लेने के लिए चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर टिकट लेकर आते हैं। ऐसे में उनसे शौचालय का चार्ज क्यों लिया जा रहा है। ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए। अगर कांट्रैक्टर कोई विशेष सुविधा देता है तो उसका चार्ज लें, न कि शौचालय का। वहीं शौचालय की गंदगी और बदबू देख वह नाराज हुए। उन्होंने कहा कि यात्रियों से किस बात का चार्ज लिया जा रहा है। यहां सफाई भी नहीं है। रेलवे की ओर सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उसके बाद भी शौचालय गंदे हैं।
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मेटल डिटेक्टर के साथ कैमरा लगाने का भी निर्देश
पीएसी सदस्य डॉ. अशोक ने आरपीएफ के अधिकारियों से कहा कि रेलवे स्टेशन के प्रवेश और निकासी द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाना सुनिश्चित करें। इसके साथ यहां सीसीटीवी कैमरे भी लगाएं। ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। 22 खराब क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरों को बदलने के आदेश भी दिए। इस पर आरपीए के अधिकारी ने कहा कि 95 सीसीटीवी कैमरों के लिए प्रपोजल भेजा गया है।
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