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दो खिलाड़ियों का चयन
Updated Sun, 09 Jul 2017 01:55 AM IST
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ताइक्वांडो हिरोज कप के लिए दो का चयन
बैंकाक में जाने के लिए आर्थिक तंगी आई आड़े, मदद की दरकार
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
शहर के दो खिलाड़ियों को ताइक्वांडो हीरोज कप के लिए चुना गया है। सूरज और प्रमोद को इस चैंपियनशिप में पांच अगस्त को बैंकाक में प्रतिभा दिखाने का मौका मिला है। दोनों खिलाड़ियों के लिए आर्थिक संकट आड़े आ गया है, जिन्हें मदद की दरकार है। क्योंकि बैंकाक जाने में काफी पैसा खर्च होगा और यह दोनों बच्चे काफी गरीब परिवार से हैं। सूरज के पिता वेल्डिंग का काम करते हैं। उसके चार भाई बहन हैं। सूरज पार्टियों, विवाह समारोह के अलावा अन्य जगह वेटर का काम भी करता है। सूरज को ताइक्वांडो खेलने का काफी शौक है और वह कई मेडल जीत चुका है। सूरज ने भारत बनाम श्रीलंका के बीच प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता था, इसके बाद पिछले तीन वर्षों में वह कई पदक जीत चुका है। वहीं प्रमोद के पिता फैक्टरी में वर्कर के तौर पर काम करते हैं। वह तीन भाई बहन हैं। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। नॉर्थ जोन में प्रमोद ने गोल्ड, ट्राइसिटी चैंपियनशिप में गोल्ड और पिछले तीन वर्षों में अलग अलग प्रतियोगिताओं में मेडल जीत चुका है। सूरज और प्रमोद की कोच अमिता मरवाहा ने कहा कि वह गरीब बच्चों को पिछले तीन वर्षों से मुफ्त में ताइक्वांडो की ट्रेनिंग दे रही हैं। थोंबुरी विश्वविद्यालय मेें कासांदरा हालर द्वारा कराई जा रही इस प्रतियोगिता में अलग अलग देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
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बैंकाक में जाने के लिए आर्थिक तंगी आई आड़े, मदद की दरकार
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
शहर के दो खिलाड़ियों को ताइक्वांडो हीरोज कप के लिए चुना गया है। सूरज और प्रमोद को इस चैंपियनशिप में पांच अगस्त को बैंकाक में प्रतिभा दिखाने का मौका मिला है। दोनों खिलाड़ियों के लिए आर्थिक संकट आड़े आ गया है, जिन्हें मदद की दरकार है। क्योंकि बैंकाक जाने में काफी पैसा खर्च होगा और यह दोनों बच्चे काफी गरीब परिवार से हैं। सूरज के पिता वेल्डिंग का काम करते हैं। उसके चार भाई बहन हैं। सूरज पार्टियों, विवाह समारोह के अलावा अन्य जगह वेटर का काम भी करता है। सूरज को ताइक्वांडो खेलने का काफी शौक है और वह कई मेडल जीत चुका है। सूरज ने भारत बनाम श्रीलंका के बीच प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता था, इसके बाद पिछले तीन वर्षों में वह कई पदक जीत चुका है। वहीं प्रमोद के पिता फैक्टरी में वर्कर के तौर पर काम करते हैं। वह तीन भाई बहन हैं। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। नॉर्थ जोन में प्रमोद ने गोल्ड, ट्राइसिटी चैंपियनशिप में गोल्ड और पिछले तीन वर्षों में अलग अलग प्रतियोगिताओं में मेडल जीत चुका है। सूरज और प्रमोद की कोच अमिता मरवाहा ने कहा कि वह गरीब बच्चों को पिछले तीन वर्षों से मुफ्त में ताइक्वांडो की ट्रेनिंग दे रही हैं। थोंबुरी विश्वविद्यालय मेें कासांदरा हालर द्वारा कराई जा रही इस प्रतियोगिता में अलग अलग देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।