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पंचकूला के इंदिरा कालोनी में नाले के रास्ते जा रहे पानी के पाइप में लीकेज
Updated Fri, 23 Jun 2017 01:55 AM IST
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गंदे नाले में से गुजर रही पानी की पाइप में लीकेज
साफ पानी के लिए लोग नाले में जाकर भरते हैं पानी
सोमवा को इसी नाले में बहा है बच्चा भी
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
पंचकूला स्वच्छता सर्वेक्षण में क्यों पिछड़ा। अफसरों को नहीं पता। अगर वह जानना चाहते हैं तो इंदिरा कॉलोनी से गुजर रहे गंदे नाले के पास आएं। यहां लोग पहले ही तंग व ऊबड़-खाबड़ गलियों, लटकते बिजली के तार, खंभों से नदारद बत्तियां, जगह-जगह फैला कीचड़, आबादी के बीच सूअर बाड़े, नाले से उठती बदबू से परेशान हैं। उन्हें पीने के लिए पेयजल भी नहीं मिल रहा है। क्योंकि नाले से गुजर रहे पेयजल के पाइप में लीकेज है। जिससे नाले का दूषित पानी पेयजल में मिल रहा है। इस कॉलोनी में रहने वाले कई परिवार ऐसे हैं, लीकेज वाले स्थान से पानी पीने के लिए भरते हैं। इस कारण आए दिन लोग बीमार भी होते हैं। यहां हैजा और कालरा की भी बीमारियाें के केस आते रहते हैं। बता दें कि 1980 के बाद अस्तित्व में आई इन कॉलोनियों में रहने वालों ने कई बार सत्ता बदलते देखी। लेकिन सिर्फ सत्ताधारियों को चुनाव के वक्त की गरीबों की याद आती है। यहां मतदाताओं की संख्या करीब 14 हजार से अधिक है। इनके पास वैद्य आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर कार्ड, रिहायशी प्रमाण-पत्र तो हैं, लेकिन सरकार की नजर में ये कॉलोनी अवैध है। इसी कारण विकास का पैसा इन कालोनियों से दूर रहता है। दोनों कालोनियों के साथ बहता गंदा नाला वातावरण को दूषित कर रहा है। नाले पर अस्थायी पुल के कारण हादसे की आशंका रहती है। सोमवार को इसी नाले में एक बच्चा बह गया। जिसका अभी तक पता नहीं चला है।
क्या कहना है लोगों का
कोट्स
यहीं नाला बह रहा है। यहीं पर हमें पीने का पानी भरना पड़ता है। पिछले दिनों से घरों में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है।
-यमुना देवी, निवासी इंदिरा कालोनी पंचकूला।
कोट्स
नाले के बीच से पानी का पाइप गया है। लीकेज होने के कारण नाले का पानी पेयजल में मिलकर लोगों के घरों तक पहुंच रहा है।
-उषा, निवासी इंदिरा कालोनी पंचकूला।
कोट्स
इंदिरा कालोनी में पानी के पाइप लाइन में लीकेज है। इसे पेयजल पीकर लोग बीमार हो रहे हैं। -डॉ. रामप्रसाद, निवासी इंदिरा कालोनी पंचकूला।
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साफ पानी के लिए लोग नाले में जाकर भरते हैं पानी
सोमवा को इसी नाले में बहा है बच्चा भी
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
पंचकूला स्वच्छता सर्वेक्षण में क्यों पिछड़ा। अफसरों को नहीं पता। अगर वह जानना चाहते हैं तो इंदिरा कॉलोनी से गुजर रहे गंदे नाले के पास आएं। यहां लोग पहले ही तंग व ऊबड़-खाबड़ गलियों, लटकते बिजली के तार, खंभों से नदारद बत्तियां, जगह-जगह फैला कीचड़, आबादी के बीच सूअर बाड़े, नाले से उठती बदबू से परेशान हैं। उन्हें पीने के लिए पेयजल भी नहीं मिल रहा है। क्योंकि नाले से गुजर रहे पेयजल के पाइप में लीकेज है। जिससे नाले का दूषित पानी पेयजल में मिल रहा है। इस कॉलोनी में रहने वाले कई परिवार ऐसे हैं, लीकेज वाले स्थान से पानी पीने के लिए भरते हैं। इस कारण आए दिन लोग बीमार भी होते हैं। यहां हैजा और कालरा की भी बीमारियाें के केस आते रहते हैं। बता दें कि 1980 के बाद अस्तित्व में आई इन कॉलोनियों में रहने वालों ने कई बार सत्ता बदलते देखी। लेकिन सिर्फ सत्ताधारियों को चुनाव के वक्त की गरीबों की याद आती है। यहां मतदाताओं की संख्या करीब 14 हजार से अधिक है। इनके पास वैद्य आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर कार्ड, रिहायशी प्रमाण-पत्र तो हैं, लेकिन सरकार की नजर में ये कॉलोनी अवैध है। इसी कारण विकास का पैसा इन कालोनियों से दूर रहता है। दोनों कालोनियों के साथ बहता गंदा नाला वातावरण को दूषित कर रहा है। नाले पर अस्थायी पुल के कारण हादसे की आशंका रहती है। सोमवार को इसी नाले में एक बच्चा बह गया। जिसका अभी तक पता नहीं चला है।
क्या कहना है लोगों का
कोट्स
यहीं नाला बह रहा है। यहीं पर हमें पीने का पानी भरना पड़ता है। पिछले दिनों से घरों में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है।
-यमुना देवी, निवासी इंदिरा कालोनी पंचकूला।
कोट्स
नाले के बीच से पानी का पाइप गया है। लीकेज होने के कारण नाले का पानी पेयजल में मिलकर लोगों के घरों तक पहुंच रहा है।
-उषा, निवासी इंदिरा कालोनी पंचकूला।
कोट्स
इंदिरा कालोनी में पानी के पाइप लाइन में लीकेज है। इसे पेयजल पीकर लोग बीमार हो रहे हैं। -डॉ. रामप्रसाद, निवासी इंदिरा कालोनी पंचकूला।