फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   1400 personnel job in jeopardy, Registrar turnaround

1400 कर्मियों की नौकरी खतरे में, रजिस्ट्रार ने मारी पलटी

Fri, 22 Aug 2014 12:11 AM IST
हेमंत ज्योतिसर/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
हेमंत ज्योतिसर/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र Updated Fri, 22 Aug 2014 12:11 AM IST
विज्ञापन
1400 personnel job in jeopardy, Registrar turnaround
आउट सोर्सिंग के करीब चौदह सौ कर्मियों की नौकरी पर जा सकती है। इन्हे बाहर का रास्ता दिखाया जाना तय माना जा रहा है।
विज्ञापन


डीसी रेट और पिछले पांच-छह माह से रुका वेतन देने की मांग को लेकर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कर्मी इन दिनों हड़ताल पर हैं। उनके कंधों पर अब रोजगार बचाने का भार आ पड़ा हैं।

काफी समय से केयू प्रशासन उन्हें मांगें पूरी करने का आश्वासन दे रहा था। लेकिन अब नया टेंडर देने के साथ ही इन कर्मियों की नौकरी पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
विज्ञापन


केयू प्रशासन ने  टेंडर देते समय नए ठेकेदार को साफ कर दिया है कि उन्हें काम चाहिए, चाहे वह नए कर्मियों को रखे या फिर पहले से काम कर रहे कर्मचारियों से काम ले।
विज्ञापन
विज्ञापन


केयू प्रशासन की ओर से इन कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाना तय माना जा रहा है। केयू के कुछ अधिकारी दबी आवाज में यह कह रहे हैं कि इन कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

तभी तो इन्हें हाजिरी नहीं लगाने दी गई। इन कर्मियों को केयू यूनियनों तथा कुंटिया से बहुत उम्मीदें है। वहीं कुलसचिव डॉ. केसी रल्हाण ने बताया कि नया ठेका दे दिया गया है।

ठेकेदार को टर्म एंड कंडीशन से भी अवगत कराया गया है। कर्मियों को रखने के बारे में केयू प्रशासन कुछ नहीं कह सकता। यह ठेकेदार पर निर्भर है कि वह इन्हीं कर्मियों से काम लेता है या फिर नए कर्मियों को नियुक्त करता है।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। उन्हें केवल काम चाहिए। बता दें कि हड़ताली कर्मी वीसी डॉ. डीडीएस संधू और कुलसचिव डॉ. केसी रल्हाण का घेराव कर चुके हैं। जबकि करीब एक सप्ताह से अधिक यूनिवर्सिटी में धरना-प्रदर्शन का दौर जारी है।

प्रदर्शन के दौरान मिला था आश्वासन
मांगों के लिए जब कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के आउटसोर्सिंग कर्मियों ने लघु सचिवालय पर धरना शुरू किया था तो उस समय कुलसचिव डॉ. केसी रल्हाण ने मौके पर पहुंचकर उन्हें डीसी रेट देने और नया ठेका अलॉट करने का आश्वासन देकर आंदोलन से उठा लिया था।

अब समय बीतने पर भी यह आश्वासन पूरा नहीं हुआ तो फिर से कर्मियों ने वीसी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करते हुए आंदोलन का बिगुल बजा दिया।

काबिलेजिक्र है कि यूनिवर्सिटी में लगे इन आउट सोर्सिंग कर्मियों ने लघु सचिवालय पर भूख हड़ताल भी शुरू कर दी थी। 2 जून को कुलसचिव ने उन्हें आश्वासन दिया था।

कर्मचारी नेताओं पर केस दर्ज हो चुके हैं

पिछले सप्ताह दो कर्मचारी नेताओं पर यूनिवर्सिटी की ओर से मामला भी दर्ज कराया गया जा चुका है। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी डेलीवेज एम्लाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष व महासचिव शिव कुमार पर चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर डॉ. डीएस संधू की शिकायत पर पुलिस ने धमकी देने का मामला दर्ज किया था। इसका विरोध करते हुए कर्मियों ने 12 अगस्त को वीसी कार्यालय पर जोरदार नारेबाजी की थी।

कुलसचिव की नियत ठीक नहीं : कर्मचारी नेता
कर्मचारी नेता मदनलाल ने बताया कि कुलसचिव की नियत ठीक नहीं है। इसलिए वह बातचीत करने में आनाकानी कर रहे हैं। डीएसपी गोरखपाल राणा ने भी उनकी बातचीत कराने का प्रयास किया लेकिन रजिस्ट्रार नहीं माने।

डीएसपी भी पहुंचे कर्मियों का समझाने
डीएसपी गोरखपाल राणा भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने कर्मियों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन वे नहीं माने इसके बाद डीएसपी भी मौके से चले गए। आखिर कर्मियों की रोजी का सवाल है। जबकि थर्ड गेट चौकी इंचार्ज चाननराम पुलिस बल सहित मौके पर तैनात रहा।\

चेतावनी के मद्देनजर पुलिस दिखी तैयारी में
कर्मियों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के ऑफिस में घुसकर नारेबाजी करने की चेतावनी के बाद वीरवार को पुलिस पूरी तैयारी में दिखी। पुलिस बल वीसी कार्यालय के बाहर डटा रहा।

स्थिति बेकाबू न हो इसलिए कर्मियों का समझाने का प्रयास डीएसपी गोरखपाल राणा ने किया। बता दें कि बुधवार को कर्मियों ने कुलपति को बाहर निकालकर दफ्तर में घुसकर नारेबाजी करने की चेतावनी दी थी। जिसके मद्देनजर पुलिस बल दिनभर मुस्तैद रहा।

कर्मी आ जाएंगे रोड पर : सुनील भारद्वाज

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के प्रदेश सहमंत्री सुनील भारद्वाज ने कहा कि यूनिवर्सिटी द्वारा उठाया गया यह कदम अनुचित है। यूनिवर्सिटी को पहले नियम व शर्तें याद नहीं आई और अब अगर टर्म एंड कंडीशन के हिसाब से कर्मी रखे गए तो ये 1400 कर्मी रोड पर आ जाएंगे। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी प्रशासन को इन कर्मियों की ऐडजस्टमेंट भी करनी चाहिए।  
कई संगठन आए समर्थन में
पीडब्ल्यूडी, आशा वर्कर, रोडवेज कर्मचारी तथा बिजली निगम के कर्मियों ने भी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया है। इन कर्मचारी यूनियनों के सदस्यों ने आंदोलनरत कर्मियों की मांगों को जायज ठहराया।

कुंटिया भी साथ है कर्मियों के
कुंटिया अध्यक्ष मान सिंह ने बताया कि कर्मियों का साथ दिया जाएगा। साढे़ 12 बजे से लेकर डेढ़ बजे तक कुंटिया आंदोलनकारियों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रदर्शन करेगा। इसका फैसला कुंटिया की आम सभा में लिया गया है।


विधायक अशोक ने किया मांगों का समर्थन
विधायक एवं इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने आंदोलनरत कर्मियों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि केयू प्रशासन द्वारा पहले आश्वासन दिया गया था कि इन कर्मियों को डीसी रेट दिया जाएगा। लेकिन अधिकारियों का रवैया कर्मचारी विरोधी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed