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आयुष्मान बना वरदान: चंडीगढ़ में कोरोना की चपेट में आए 1244 मरीजों को मिला मुफ्त इलाज
Fri, 04 Jun 2021 03:31 PM IST
निवेदिता वर्मा
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 04 Jun 2021 03:31 PM IST
सार
आयुष्मान योजना का लाभ विभिन्न अस्पतालों और होम आइसोलेशन में भर्ती कोरोना के मरीजों को मिला है।
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आयुष्मान भारत योजना।
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
चंडीगढ़ में कोरोना महामारी के इस दौर में संक्रमण की चपेट में आए 1244 से ज्यादा लोगों को आयुष्मान योजना के तहत नि:शुल्क इलाज मिला है। अन्य बीमारियों के साथ ही कोरोना से ग्रस्त मरीजों के इलाज में यह योजना उनके लिए वरदान साबित हुई है।
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पीजीआई समेत अन्य सरकारी अस्पतालों व क्वांरटीन सेंटर में भर्ती हुए इन मरीजों को बिना खर्च के उपचार मिला है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शहर में अब तक किसी भी निजी अस्पताल में आयुष्मान योजना के अंतर्गत मरीज का इलाज किए जाने की जानकारी नहीं मिली है। अगर उसकी जानकारी मिली तो स्वास्थ्य विभाग उसके इलाज पर हुए खर्च का भी भुगतान करेगा।
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जीएमएसएच- 16 के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि योजना के अंतर्गत शहर के 17 निजी, 5 सरकारी अस्पतालों के साथ पीजीआई को सूचीबद्ध किया गया है। इन सूचीबद्ध अस्पतालों में ही मरीज अपना इलाज करा सकता है। इसके बाद उसके इलाज पर आए खर्च का भुगतान योजना के अंतर्गत सरकार अपनी तरफ से करता है। 2020-21 में अब तक 2.5 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
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14 महीने में 5800 गंभीर मरीजों को मिला लाभ
डॉ. नागपाल ने बताया कि 15 मार्च से अब तक 5800 लाभार्थियों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत इलाज मिला है। उनमें ज्यादातर डायलिसिस के मरीज शामिल है। इसके अलावा स्त्री रोग, हृदय रोग संबंधी बीमारी, ट्रामा, ऑपरेशन और इमरजेंसी के मरीज शामिल है। वहीं, कोविड के 1244 मरीजों को भी योजना के अंतर्गत इलाज मिला है।
70 हजार लाभार्थी और होंगे पंजीकृत
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि योजना के अंतर्गत शहर के 70 हजार और लाभार्थियों को इस योजना में पंजीकृत किया जाएगा। आयुष्मान योजना के तहत पहले चरण में शहर में 23000 लाभार्थी परिवार चयनित किए गए हैं। उनमें 18 हजार परिवार के 58600 सदस्यों का पंजीकरण कर उन्हें इस सुविधा से जोड़ा जा चुका है। ये लाभार्थी अपनी सुविधा अनुसार योजना के तहत शहर के पंजीकृत सरकारी और निजी अस्पताल में अपने बीमारी का इलाज नि:शुल्क करा रहे हैं, लेकिन बाकी के 5000 परिवार गुमशुदा है। डॉ. कंग का कहना है कि जिन परिवारों से संबंधित सूचना शहर में उपलब्ध नहीं है उनका नाम लिस्ट से हटा कर नए लाभार्थी परिवारों को लिस्ट में शामिल किया जाएगा। जिससे जरूरतमंद लोगों को योजना का लाभ मिल सके।
कोरोना के इतने मरीजों को मिला लाभ
- पीजीआई, जीएमसीएच 32, कोविड अस्पताल सेक्टर 48 और सिविल अस्पताल मनीमाजरा में अब तक कोरोना के 61 मरीजों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत इलाज दिया गया है।
- घर पर एकांतवास में रह रहे 954 मरीजों को योजना के अंतर्गत लाभ मिला।
- पीयू, धन्वंतरि हॉस्पिटल और सूद धर्मशाला में अब तक कोरोना के 132 मरीजों का इलाज किया गया है।
सरकार के निर्देशानुसार आयुष्मान योजना में पंजीकृत कोविड के मरीजों के इलाज पर होने वाले खर्च को स्वास्थ्य विभाग ने वहन किया है। अब तक निजी अस्पताल में इसके मरीज के भर्ती होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। अगर मरीज ने उसकी रिपोर्ट दी तो उसका भुगतान भी किया जाएगा। -डॉ. वीके नागपाल, चिकित्सा अधीक्षक जीएमएसएच- 16