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Hindi News ›   Chandigarh ›   108 ambulance workers strike in Punjab continues for second day

Punjab News: हेलो! 108... मां की तबीयत बहुत खराब है, जवाब मिला- हड़ताल पर हैं... निजी एंबुलेंस कर लो

Fri, 13 Jan 2023 07:17 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर/लुधियाना/बठिंडा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर/लुधियाना/बठिंडा (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 13 Jan 2023 07:17 PM IST
सार

लुधियाना में भी शुक्रवार को लाडोवाल टोल प्लाजा के पास हड़ताली कर्मी डटे रहे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के साथ गुरुवार देर शाम 108 एंबुलेंस इंप्लाइज एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक बेनतीजा रहने के बाद एंबुलेंस कर्मियों ने शुक्रवार को भी हड़ताल जारी रखी और पूरा दिन लाडोवाल टोल प्लाजा के पास धरने पर बैठे रहे।

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108 ambulance workers strike in Punjab continues for second day
पंजाब में 108 एंबुलेंस की हड़ताल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पंजाब में 108 एंबुलेंस की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जालंधर में शुक्रवार को 15 साल के राहुल ने 108 पर कॉल की और बताया कि मां की तबीयत बहुत खराब है... जल्दी आ जाओ। मगर जवाब मिला कि एंबुलेंस कर्मी हड़ताल पर हैं और वह आने में असमर्थ हैं। इसके बाद आनन-फानन लड़क की मां सीमा ने ऑटो लाने भेजा। ऑटो से वह सिविल अस्पताल पहुंचीं। इसके बाद इलाज शुरू हुआ। 

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सीमा ने कहा कि बेटे ने सरकारी एंबुलेंस को फोन किया तो उन्होंने निजी एंबुलेंस की सलाह दी। अगर हमारे पास इतने पैसे होते तो हम सरकारी एंबुलेंस को फोन ही क्यों करते? हम दिहाड़ी करके घर चलाते हैं और बड़ी मुश्किल से ऑटो का किराया दिया है। एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल से न जाने कितने गरीब परिवार गंभीर हालत होने के बाद भी इलाज करवाने नहीं आते होंगे। जालंधर में शुक्रवार को भी 23 सरकारी एंबुलेंस ऐसे ही खड़ी रहीं और लोग परेशान होते रहे। यूनियन ने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती हड़ताल जारी रहेगी।
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लुधियाना: दिनभर लाडोवाल टोल प्लाजा पर खड़ी रहीं 325 एंबुलेंस
लुधियाना में भी शुक्रवार को लाडोवाल टोल प्लाजा के पास हड़ताली कर्मी डटे रहे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के साथ गुरुवार देर शाम 108 एंबुलेंस इंप्लाइज एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक बेनतीजा रहने के बाद एंबुलेंस कर्मियों ने शुक्रवार को भी हड़ताल जारी रखी और पूरा दिन लाडोवाल टोल प्लाजा के पास धरने पर बैठे रहे।

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इस दौरान करीब 325 एंबुलेंस सड़क किनारे खड़ी रहीं और मरीजों के परिजन एंबुलेंस के लिए इधर-उधर भटकते रहे। राज्य में 108 सेवा पूरी तरह से ठप है। आपात स्थिति में फंसे मरीजों के परिजन बार-बार 108 नंबर डायल करते रहे। मगर कई बार फोन करने के बाद भी कोई एंबुलेंस नहीं पहुंची। लुधियाना समेत राज्य के लगभग सभी जिलों में मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को निजी एंबुलेंस, टैक्सी और ऑटो रिक्शा का सहारा लेना पड़ा।

वहीं निजी एंबुलेंस कर्मी मौके का फायदा उठा मरीजों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। देर शाम तक भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू), प्राइवेट एंबुलेंस यूनियन और राजस्थान एंबुलेंस इंप्लाइज एसोसिएशन भी 108 एंबुलेंस इंप्लाइज एसोसिएशन के समर्थन में उतर चुकी है। 

कल 12 बजे तक सीएम से मुलाकात नहीं तो हाईवे जाम करेंगे एंबुलेंस कर्मी
15 हजार 108 एंबुलेंस कर्मचारी अब सरकार से आरपार की लड़ाई में उतर आए हैं। लुधियाना में धरने पर बैठे 108 एंबुलेंस इंप्लॉयज एसोसिएशन पंजाब ने शुक्रवार को एलान किया कि रविवार 15 जनवरी को दोपहर 12 बजे तक उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री से नहीं होती है तो रविवार से ही पंजाब के हाईवे जाम कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही निजी एंबुलेंस संगठन भी हड़ताल के समर्थन में आ गए हैं।

शुक्रवार को यूनियन के सैकड़ों कर्मचारी हड़ताल पर बैठे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। 108 एंबुलेंस इंप्लॉयज एसोसिएशन पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष मनप्रीत सिंह निज्जर ने बताया कि 12 जनवरी को उनकी पंजाब के सेहत मंत्री डॉ. बलवीर सिंह के साथ बैठक हुई, जिसमें उन्हें शुक्रवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात का आश्वासन दिया गया लेकिन सीएम उनसे मिलने नहीं आए और न ही सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई गौर किया गया। 

बठिंडा में भी हड़ताल से लोग परेशान
बठिंडा में 108 एबुलेंस सेवा नहीं चलने से आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों के लोगों को सर्वाधिक परेशानी झेलनी पड़ रही, क्योंकि उक्त सेवा आपातकाल में ऐसे परिवारों के लिए निशुल्क दी जाती है। वहीं हाईवे व सड़कों के किनारे होने वाले हादसों में घायल लोगों को भी सामाजिक संस्थाओं की एंबुलेंस सेवा का सहारा लेना पड़ रहा है।

वहीं ज्यादातर मरीजों को निशुल्क एंबुलेंस सेवाएं नहीं मिलने से उन्हें भारी भरकम खर्च कर निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ रहा है। प्राइवेट एंबुलेंस चालक लोगों ने मनमाने पैसे वसूल रहे हैं। शहर में ही पांच किलोमीटर के दायरे में ही मरीजों से दो से ढाई हजार की वसूली की जा रही है। उधर, यूनियन ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं कर देती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

ये हैं हड़ताली कर्मचारियों की मांगें

  • सभी 108 एंबुलेंस को सरकार अपने अधीन करे
  • निष्कासित कर्मचारियों को बहाल करने की मांग
  • हरियाणा के तर्ज पर 35 से 40 हजार मिले वेतन
  • सभी कर्मचारियों का 50 लाख रुपये का बीमा
  • 12 के बजाय ड्यूटी आठ घंटे की हो
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