पंजाब: सितंबर तक 1000 शहरी गरीबों को मिलेंगे घर, खेल विश्वविद्यालय के निर्माण में आएगी तेजी
वर्चुअल मीटिंग के दौरान स्थानीय सरकार विभाग के कामकाज का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रांतीय और केंद्रीय स्कीमों के अंतर्गत सभी बड़े प्रोजेक्टों में तेजी लाने को कहा, ताकि इस साल दिसंबर तक इन प्रोजेक्टों को पूरा करके कार्यशील बनाया जा सके।
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शहरी गरीबों को घर मुहैया करवाने के लिए स्थानीय सरकार संबंधी विभाग को अपने प्रमुख प्रोग्राम ‘बसेरा’ के कामों में तेजी लाने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सितंबर तक झुग्गी-झोपड़ी वाले 1000 घरों को मालिकाना हक देने का लक्ष्य पूरा किया जाए।
वर्चुअल मीटिंग के दौरान स्थानीय सरकार विभाग के कामकाज का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रांतीय और केंद्रीय स्कीमों के अंतर्गत सभी बड़े प्रोजेक्टों में तेजी लाने को कहा, ताकि इस साल दिसंबर तक इन प्रोजेक्टों को पूरा करके कार्यशील बनाया जा सके।
यह उल्लेख करते हुए कि ‘बसेरा’ स्कीम के अधीन 196 झुग्गियों की पहचान की जा चुकी है और 25,850 घरों का सर्वे किया गया है, मुख्यमंत्री ने अगले चार महीनों में 1000 घरों को मालिकाना हक देने के काम को तत्काल पूरा करने को कहा। उन्होंने विभाग को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत किए गए सभी 97,598 घरों को पूरा करने को कहा।
खेल यूनिवर्सिटी के लिए वित्त विभाग को 60 करोड़ जारी करने के निर्देश
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को वित्त विभाग को निर्देश दिए कि महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब खेल यूनिवर्सिटी पटियाला कैंपस के पहले चरण के निर्माण के लिए मंजूर की गई 60 करोड़ रुपये की राशि तुरंत जारी की जाए। उन्होंने वित्त विभाग को इस प्रतिष्ठित संस्था के लिए इस साल के बजट में घोषित राशि बढ़ाने के लिए भी कहा, क्योंकि यूनिवर्सिटी के लिए अलॉट 15 करोड़ रुपये बहुत कम हैं।
राज्य की पहली खेल यूनिवर्सिटी की प्रगति की वर्चुअल समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण मंत्री विजय इंदर सिंगला से कहा कि कैंपस के निर्माण के लिए एक चीफ इंजीनियर की ड्यूटी लगाते हुए उसे किसी अच्छे बाहरी कंसलटेंट के साथ विचार-विमर्श करके प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा कराया जाए।
उन्होंने खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी को भी यूनिवर्सिटी के काम में तेजी लाने के लिए लोक निर्माण विभाग के साथ तालमेल करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाने को कहा। खेल यूनिवर्सिटी 2019 से किसी अन्य कैंपस से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने खेल यूनिवर्सिटी के लिए विश्व स्तरीय कोर्स स्थापित करने के लिए इंग्लैंड की लफबरौफ यूनिवर्सिटी के साथ संस्थागत सहयोग बनाने के लिए आपसी सहमति के समझौते (एमओयू) के मसौदे को भी मंजूरी दी।
युद्धस्तर पर चल रहा है यूनिवर्सिटी के निर्माण का काम
खेल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर लेफ्टिनेंट जनरल (सेवामुक्त) जेएस चीमा ने मीटिंग में बताया कि पटियाला-भादसों रोड पर यूनिवर्सिटी के निर्माण का काम मौजूदा समय में युद्धस्तर पर चल रहा है। कैंपस करीब 100 एकड़ क्षेत्रफल में फैला है।
मीटिंग में बताया गया कि मौजूदा समय 2019-20 सेशन के लिए दाखिले किए जा चुके हैं और 130 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इस साल के बजट में 76 पद मंजूर किए गए हैं। इस समय यूनिवर्सिटी के तीन कांस्टीट्यूट कॉलेज हैं, जो प्रो. गुरसेवक सिंह सरकारी कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन पटियाला, सरकारी आर्ट एंड स्पोर्ट्स कॉलेज जालंधर और सरकारी कॉलेज काला अफगाना (गुरदासपुर) हैं।