1000 पटवारियों की भर्ती पर लटकी तलवार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में 1002 पटवारियों की भर्ती में हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमिशन चेयरमैन विजय कुमार पर मुख्यमंत्री के इशारे पर चहेतों को इंटरव्यू में अधिक अंक देने का आरोप लगा है।
मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट के जस्टिस के कनन की बेंच ने भर्ती फैसले पर आधारित कर दी है। फैसला विपरीत आता है तो पटवारियों की नौकरी जा सकती है।
फिलहाल, चयन पर कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया है। बेंच ने सरकार और कमिशन चेयरमैन से जवाब मांगा है। चयनित आवेदकों को कमिशन के माध्यम से नोटिस जारी किया गया है। अगली सुनवाई नौ दिसंबर को होगी।
तय मानकों से अधिक अंक निर्धारित किए
लदां कलां रेवाड़ी के प्रवीण कुमार ने एडवोकेट जैनेंदर सैणी के माध्यम से दायर याचिका में कहा है कि कमिशन ने छह दिसंबर 2011 को 1002 पदों के आवेदन मांगे थे और कुल 18673 आवेदन प्राप्त हुए थे।
सात जनवरी 2012 को भर्ती प्रक्रिया का विज्ञापन भी जारी किया था, एक जनवरी 2013 से अप्रैल 13 के अंतिम सप्ताह तक इंटरव्यू चले थे। कुल 75 अंकों में से इंटरव्यू के 25 अंक रखे गए थे।
आरोप है कि कमिशन ने इंटरव्यू के लिए सुप्रीम कोर्ट से तय मानकों से अधिक अंक तय किए। भर्ती का परिणाम 26 जुलाई 2014 को घोषित किया गया, लेकिन याचिकाकर्ताओं का नाम सूची में नहीं था।
कम योग्य आवेदकों को चुन लिया गया
आरोप है कि कई आवेदकों का अकादमिक रिकार्ड अच्छा होने के बावजूद इंटरव्यू में कम अंक दिए गए, जबकि इंटरव्यू बेहतर हुआ था। इसके विपरीत कम अकादमिक दक्षता वालों को अधिक अंक देकर चयन कर लिया गया।
कमिशन ने ऐसी प्रक्रिया अपनाई, जिससे चहेतों को एडजस्ट किया जा सके। हवाला दिया गया कि 32.06 से लेकर 36.02 अकादमिक अंक वाले आवेदकों को इंटरव्यू में सात से 12 अंक दिए गए, जबकि 20.29 से 26.23 अकादमिक अंक वालों को इंटरव्यू में 20 से 22 अंक देकर चयन कर लिया गया।
मुख्यमंत्री के इशारे पर काम करने का आरोप
आरोप है कि चेयरमैन ने मुख्यमंत्री के इशारे पर ही चहेतों को नौकरी में एडजस्ट करने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई। इंटरव्यू सही ढंग से नहीं लिया गया।
18673 आवेदकों के इंटरव्यू सही ढंग से लेने को कम से कम दो वर्ष लगते, लेकिन यहां प्रक्रिया चार महीने में निपटा दी गई। इस पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता भी तय नहीं की गई थी।
इन तथ्यों के साथ परिणाम रद्द करने, मामले की सीबीआई जांच करवाने, चयनित 1002 पटवारियों का चयन रद्द करने की मांग की गई है।