फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   100 bed hospital has started without preparation

चंडीगढ़ः बिना तैयारियों के शुरू कर दिया 100 बेड का अस्पताल, अब चलाना हुआ मुश्किल

Sun, 29 Dec 2019 04:14 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 29 Dec 2019 04:14 PM IST
विज्ञापन
100 bed hospital has started without preparation
सेक्टर 48 अस्पताल।

चंडीगढ़ सेक्टर- 48 में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए 100 बेड के अस्पताल को चलाना गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच-32) प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। प्रशासन के निर्देश पर जीएमसीएच ने इसके संचालन का जिम्मा तो ले लिया, लेकिन इसे चलाना मुश्किल हो गया है। 

विज्ञापन


उद्घाटन के सात माह बाद किसी तरह हॉस्पिटल का संचालन तो शुरू कर दिया गया है, पर उसका लाभ अब भी उस क्षेत्र के मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह हो गई है कि जीएमसीएच से वहां शिफ्ट किए गए डिपार्टमेंट को धीरे धीरे वहां से वापस लिया जा रहा है। जीएमसीएच के रेडियोथिरैपी, स्किन, साइकैट्रिक और ईएनटी को वहां सितंबर में शिफ्ट किया गया था। इसमें से ईएनटी डिपार्टमेंट को फिर से जीएमसीएच में शिफ्ट कर लिया गया है। 
विज्ञापन


ओटी नहीं थी तो डिपार्टमेंट क्यों किया शिफ्ट 
जीएमसीएच में ईएनटी डिपार्टमेंट में इलाज करा रहे मरीजों का कहना है कि जब सेक्टर- 48 के हॉस्पिटल में ऑपरेशन थियेटर नहीं था तो इसे वहां भेजा ही क्यों गया। सुविधा के नाम पर मरीजों को सिर्फ परेशान किया जा रहा है। 48 हॉस्पिटल में इलाज करा रहे रेडियोथिरैपी के मरीज के परिजन ने बताया कि रात में यहां कोई पूछने वाला नहीं होता है जबकि जीएमसीएच के सभी डॉक्टरों के घर अस्पताल के पास ही हैं। भर्ती मरीजों को इमरजेंसी में जीएमसीएच रेफर किया जाता है। दोपहर बाद ईसीजी तक की व्यवस्था नहीं होती। 

विज्ञापन
विज्ञापन

मरीज बोले- बस नाममात्र के लिए शिफ्ट किया जा रहा 

48 हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के परिजन वहां जाकर पछता रहे हैं। एक मरीज के परिजन ने बताया कि मरीजों को जीएमसीएच से बस नाम के लिए यहां शिफ्ट किया जा रहा है। दवा, जांच औेर इमरजेंसी के दौरान जीएमसीएच की दौड़ लगानी पड़ रही है। ठंड में मरीज को इस अस्पताल से उस अस्पताल का चक्कर लगवाने में परिजनों की तबीयत बिगड़ने लगी है। उन्होंने कहा, पूरी व्यवस्था के बाद ही इस अस्पताल को शुरू करवाना चाहिए था। 

हॉस्पिटल बनाने के पीछे यह था उद्देश्य 
सेक्टर- 48 में हॉस्पिटल बनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य 45, 46, 47, 49, 50, 51 जगतपुरा, फैदा, रामदरबार और मोहाली की जनता को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराना था। लेकिन सुविधा शुरू होने के बाद भी इस क्षेत्र की जनता के हाथ निराशा ही लगी है। सेक्टर- 51 के जगत और रामदरबार के संदीप सिंह का कहना है कि महज जीएमसीएच के डिपार्टमेंट शिफ्ट करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए। यहां गाइनी, पीडियाट्रिक और फिजीशियन की ओपीडी चलती तो हर दिन हजारों मरीज लाभान्वित होते।  

48 वाले हॉस्पिटल में ईएनटी की ओटी न होने के कारण उस डिपार्टमेंट को पुन: जीएमसीएच में शिफ्ट किया गया है। रेडियोथिरैपी, स्किन और साइकैट्रिक डिपार्टमेंट के संचालन में किसी तरह की कोई समस्या नहीं है। -अनिल मोदगिल, प्रशासनिक प्रवक्ता, जीएमसीएच 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed