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Chandigarh News: कुत्ते के काटने पर मुआवजे के लिए 20 दिन में 100 ने किया आवेदन, बनेगा पोर्टल
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चंडीगढ़। शहर में कुत्तों के काटने पर मुआवजा पाने के लिए 20 दिन में 100 के करीब लोगों ने आवेदन कर दिया है। इन आवेदनों की जांच करने के लिए सोमवार को कमेटी की पहली बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि आवेदन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए जल्द एक वेबसाइट बनाई जाएगी। जब तक वेबसाइट तैयार नहीं होती, तब तक सेक्टर-17 स्थित नगर निगम के कार्यालय में मैन्युअल आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर विनय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आवारा पशुओं या कुत्तों के काटने से होने वाली दुर्घटनाओं से प्रभावित व्यक्तियों को मुआवजा देने के संबंध में बैठक हुई थी। यह पहल पंजाब, हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ में प्रभावित व्यक्तियों के दावों पर कार्रवाई करने के लिए समितियों के गठन के लिए उच्च न्यायालय के आदेश के बाद की गई है। उच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार, कुत्ते के काटने पर प्रत्येक दांत के निशान के लिए 10 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। ऐसे मामलों में जहां त्वचा से 0.2 सेमी तक मांस बाहर निकल जाता है, उसमें प्रति घटना 10 हजार रुपये दिए जाएंगे।
समिति का गठन 2 जुलाई को किया गया था और संबंधित अधिसूचना में आवेदन के लिए नियम और शर्तें निर्धारित की गईं थीं। आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एनआईसी से आवेदन प्राप्त करने और मुआवजा देने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने का फैसला हुआ। समिति की पहली बैठक में एसएसपी ट्रैफिक, उप वन संरक्षक, सभी एसडीएम, जीएमएसएच सेक्टर-16 के चिकित्सा अधीक्षक और संयुक्त निदेशक पशुपालन सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
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डीसी ने 10 दिन में रिपोर्ट पेश करने के दिए निर्देश
डीसी ने जोर देकर कहा कि सभी आवेदनों में संबंधित पुलिस स्टेशन से एक मेडिकल रिपोर्ट और एक डीडीआर शामिल होनी चाहिए। इसे सुविधाजनक बनाने के लिए जीएमएसएच 16 के एमएस को सेक्टर-19, 38 और जीएमएसएच-16 में कुत्ते के काटने के क्लीनिकों में शीघ्र उपचार और मेडिको-लीगल प्रमाण पत्र जारी करने को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। समिति द्वारा लगभग 100 आवेदनों की समीक्षा की गई, जिनमें से अधिकांश 2 जुलाई की अधिसूचना से पहले प्राप्त हुए थे। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इन आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए। जीएमएसएच 16 के चिकित्सा अधीक्षक को उपचार रिकॉर्ड से चोटों का सत्यापन करना है और मुआवजे में तेजी लाने के लिए अगले 10 दिनों के भीतर समिति को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है।
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चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर विनय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आवारा पशुओं या कुत्तों के काटने से होने वाली दुर्घटनाओं से प्रभावित व्यक्तियों को मुआवजा देने के संबंध में बैठक हुई थी। यह पहल पंजाब, हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ में प्रभावित व्यक्तियों के दावों पर कार्रवाई करने के लिए समितियों के गठन के लिए उच्च न्यायालय के आदेश के बाद की गई है। उच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार, कुत्ते के काटने पर प्रत्येक दांत के निशान के लिए 10 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। ऐसे मामलों में जहां त्वचा से 0.2 सेमी तक मांस बाहर निकल जाता है, उसमें प्रति घटना 10 हजार रुपये दिए जाएंगे।
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समिति का गठन 2 जुलाई को किया गया था और संबंधित अधिसूचना में आवेदन के लिए नियम और शर्तें निर्धारित की गईं थीं। आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एनआईसी से आवेदन प्राप्त करने और मुआवजा देने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने का फैसला हुआ। समिति की पहली बैठक में एसएसपी ट्रैफिक, उप वन संरक्षक, सभी एसडीएम, जीएमएसएच सेक्टर-16 के चिकित्सा अधीक्षक और संयुक्त निदेशक पशुपालन सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
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डीसी ने 10 दिन में रिपोर्ट पेश करने के दिए निर्देश
डीसी ने जोर देकर कहा कि सभी आवेदनों में संबंधित पुलिस स्टेशन से एक मेडिकल रिपोर्ट और एक डीडीआर शामिल होनी चाहिए। इसे सुविधाजनक बनाने के लिए जीएमएसएच 16 के एमएस को सेक्टर-19, 38 और जीएमएसएच-16 में कुत्ते के काटने के क्लीनिकों में शीघ्र उपचार और मेडिको-लीगल प्रमाण पत्र जारी करने को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। समिति द्वारा लगभग 100 आवेदनों की समीक्षा की गई, जिनमें से अधिकांश 2 जुलाई की अधिसूचना से पहले प्राप्त हुए थे। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इन आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए। जीएमएसएच 16 के चिकित्सा अधीक्षक को उपचार रिकॉर्ड से चोटों का सत्यापन करना है और मुआवजे में तेजी लाने के लिए अगले 10 दिनों के भीतर समिति को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है।