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10 साल की भांजी से दुराचार करने वाले दोनों मामा को उम्रकैद, जुर्माना भी

Fri, 03 Nov 2017 09:07 AM IST
अमरीश शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
अमरीश शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 03 Nov 2017 09:07 AM IST
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10 years old girl child rape case, life imprisonment to both accused
बच्ची के साथ दुराचार करने वाले
दस साल की भांजी को हवस का शिकार बनाने वाले उसके दो सगे मामाओं को वीरवार को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पूरे देश को हिलाने वाले इस मामले में कोर्ट ने आदेश दिया कि दोनों दोषियों को जिंदा रहने तक जेल में रहना होगा। इसके अलावा उन पर 3.05-3.05 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। इसमें 6 लाख रुपये बतौर मुआवजा पीड़िता को दिए जाएंगे। 
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चंडीगढ़ जिला अदालत में महिला अपराध के मामलों की सुनवाई के लिए बनाई गई विशेष कोर्ट की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम आर जोशी ने दोनों को पॉक्सो एक्ट 6 के तहत अधिकतम सजा सुनाई है।वहीं फैसले के बाद दूसरे दोषी (छोटा मामा) की पत्नी ने अदालत के फैसले के खिलाफ ऊपरी कोर्ट में अपील करने की बात कही।
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गौरतलब है कि बच्ची से दुष्कर्म का उस वक्त पता चला जब वह छह माह की गर्भवती हो गई थी। जान को खतरा होने के कारण उसका गर्भपात नहीं किया जा सकता था। पीजीआई में 17 अगस्त को उसने एक बच्ची को जन्म दिया था। 
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107 दिन में आया फैसला
चंडीगढ़ जिला अदालत की एडीजे पूनम आर जोशी ने शुरू से ही केस का स्पीडी ट्रायल चलाया। 18 जुलाई को एफआईआर दर्ज होने के बाद से लेकर दो नवंबर तक 107 दिन में ही केस में फैसला आ गया। अदालत ने पहले आरोपी के खिलाफ 25 तो दूसरे आरोपी के खिलाफ मात्र 8 पेशियों में ही केस का ट्रायल पूरा कर दिया। देशभर में चुनिंदा ही ऐसे केस होंगे जिनमें 68वें दिन में ही दोषियों को सजा सुना दी गई हो। 

ये है मामला

10 years old girl child rape case, life imprisonment to both accused
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ऐसे खुलासा हुआ दूसरे दोषी के नाम का
इस साल जुलाई में 10 वर्षीय बच्ची के पेट में दर्द होने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए। वहां जांच के बाद पता चला कि बच्ची 6 महीने की गर्भवती है। इसके बाद परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। बच्ची ने बताया कि उसके मामा ने ही उससे कई बार गलत काम किया है। पुलिस ने बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट और मां की शिकायत के आधार पर आरोपी मामा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

वहीं उसकी डीएनए नवजात से मेल न खाने पर पुलिस ने बच्ची की दोबारा काउंसिलिंग की। इस पर बच्ची ने छोटे मामा का भी नाम लिया। पुलिस ने बच्ची के दोबारा मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराने के बाद दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया था। उसके और नवजात के डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजे थे। बाद में आई रिपोर्ट में वह पॉजिटिव पाए गए थे।

जज की विशेष टिप्पणी...
मामला इतना गंभीर कि थोड़ी सी भी उदारता नहीं दिखाई जा सकती- ‘एक छोटी बच्ची के साथ केवल रेप ही नहीं हुआ, बल्कि इसके बाद उसने एक नवजात को भी जन्म दिया जिसे इस क्रूर दुनिया में अकेला छोड़ दिया गया। दोषियों द्वारा किया गया अपराध थोड़ी सी भी उदारता के लायक नहीं है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोनों को ऐसी सजा सुनाई जानी चाहिए, कि वह समाज में ऐसी हरकतें और सोच रखने वाले लोगों को हतोत्साहित करे।’ 
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