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पूर्व आईएएस सत्येंद्र समेत 10 के यहां सीबीआई छापा, दस लाख नकद, करोड़ों की संपत्ति और पुराने नोट बरामद
Wed, 03 Feb 2021 01:28 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 03 Feb 2021 01:28 PM IST
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आईएएस अफसर सत्येंद्र सिंह।
- फोटो : amar ujala
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नियमों को ताक पर रखकर खनन के पट्टे आवंटित करने के मामले में फंसे रिटायर्ड आईएएस अफसर सत्येंद्र सिंह समेत 10 आरोपियों के ठिकानों पर मंगलवार को छापे मारकर सीबीआई ने करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए। सीबीआई ने लखनऊ, प्रयागराज व कौशांबी में नौ ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। पूर्व आईएएस के लखनऊ स्थित आवास से दस लाख रुपये नकद, करोड़ों की कीमत की 44 अचल संपत्ति के दस्तावेज, 51 लाख की एफडी व बैैंक लाकरों से 2.11 करोड़ कीमत के जेवर बरामद हुए हैं।
सीबीआई अफसरों के अनुसार सत्येंद्र पर वर्ष 2012 से 2014 में कौशांबी का डीएम रहने के दौरान खनन के पट्टों के आवंटन में अनियमितता बरतने का आरोप है। सत्येंद्र ने शासनादेशों को नजरअंदाज कर खनन के 2 नए पट्टे आवंटित करने के अलावा 9 पुराने पट्टों का नवीनीकरण कर दिया। इसमें ई-टेंडरिंग प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। सीबीआई इस मामले में तथ्य जुटा रही थी और आरोपों की पुष्टि होने के बाद छापामारी की कार्रवाई की गई। इस मामले में दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। सीबीआई ने सत्येंद्र समेत 10 नामजद के अलावा कई अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
लखनऊ के डीएम भी रहे सत्येंद्र
आरोपी सत्येंद्र सिंह कौशांबी के अलावा लखनऊ के जिलाधिकारी व लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।
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सीबीआई अफसरों के अनुसार सत्येंद्र पर वर्ष 2012 से 2014 में कौशांबी का डीएम रहने के दौरान खनन के पट्टों के आवंटन में अनियमितता बरतने का आरोप है। सत्येंद्र ने शासनादेशों को नजरअंदाज कर खनन के 2 नए पट्टे आवंटित करने के अलावा 9 पुराने पट्टों का नवीनीकरण कर दिया। इसमें ई-टेंडरिंग प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। सीबीआई इस मामले में तथ्य जुटा रही थी और आरोपों की पुष्टि होने के बाद छापामारी की कार्रवाई की गई। इस मामले में दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। सीबीआई ने सत्येंद्र समेत 10 नामजद के अलावा कई अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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लखनऊ के डीएम भी रहे सत्येंद्र
आरोपी सत्येंद्र सिंह कौशांबी के अलावा लखनऊ के जिलाधिकारी व लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।
सत्येंद्र सिंह के लखनऊ स्थित आवास पर मिले...
10 लाख रुपये नकद
51 लाख की एफडी
2.11 करोड़ के जेवर
1 लाख रुपये के पुराने नोट
44 अचल संपत्तियों के दस्तावेज
6 बैंक लॉकर
36 बैंक खाते आईएएस व परिवार के सदस्यों के नाम से लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, नई दिल्ली में
इनके ठिकानों पर पड़े छापे
सत्येंद्र सिंह (पूर्व आईएएस) - लखनऊ
नेपाली निषाद - कौशांबी
नर नारायण मिश्रा - कौशांबी
रमाकांत द्विवेदी - कौशांबी
खेमराज सिंह - कौशांबी
राम प्रताप सिंह - प्रयागराज
मुन्नी लाल - कौशांबी
शिव प्रकाश सिंह - कौशांबी
राम अभिलाष - कौशांबी
योगेंद्र सिंह - कौशांबी
खनन आवंटन में आईएएस चंद्रकला के यहां भी पड़ चुके छापे
सीबीआई ने जनवरी 2019 में हमीरपुर जिले में वर्ष 2012 से 2016 के दौरान हमीरपुर जिले में खनन के पट्टों के आवंटन में तत्कालीन डीएम बी. चंद्रकला के आवास व अन्य ठिकानों पर छापे मारे थे।
नेपाली निषाद - कौशांबी
नर नारायण मिश्रा - कौशांबी
रमाकांत द्विवेदी - कौशांबी
खेमराज सिंह - कौशांबी
राम प्रताप सिंह - प्रयागराज
मुन्नी लाल - कौशांबी
शिव प्रकाश सिंह - कौशांबी
राम अभिलाष - कौशांबी
योगेंद्र सिंह - कौशांबी
खनन आवंटन में आईएएस चंद्रकला के यहां भी पड़ चुके छापे
सीबीआई ने जनवरी 2019 में हमीरपुर जिले में वर्ष 2012 से 2016 के दौरान हमीरपुर जिले में खनन के पट्टों के आवंटन में तत्कालीन डीएम बी. चंद्रकला के आवास व अन्य ठिकानों पर छापे मारे थे।