Bihar News : एक बेटे के दावेदार दो; एक कह रहा- मेरा बेटा, दूसरे का दावा- मैं इसका अब्बू; पुलिस भी उलझी
Love Affair : पूर्णिया में एक महिला के दो पति का अजीबोगरीब मामला सामने आया। मामला तब सामने आया, जब एक ने एक बच्चे को लेकर बताया कि वह उसका बेटा है और पुलिस के सामने दूसरे ने दावा कि वह वह उसका अब्बू है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पूर्णिया में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। एक महिला के दो पति हैं और दोनों ही एक डेढ़ वर्ष के बच्चे को अपना पुत्र बता रहे हैं। यह मामला तब सामने आया जब महिला के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी बेटी को एक मुस्लिम युवक ने बहला-फुसलाकर भगा लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और महिला को बरामद कर लिया।
महिला के पिता ने पुलिस से की अपील तो खुला राज
पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में महिला ने बताया कि उसकी शादी पहले एक हिंदू युवक से हुई थी, लेकिन वह अपने पहले पति के साथ खुश नहीं थी। इसलिए उसने दूसरी शादी एक मुस्लिम युवक से कर ली। महिला के दोनों पति बच्चे को अपना पुत्र बता रहे थे, लेकिन जब पुलिस ने बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र की जांच की, तो पता चला कि बच्चे का असली पिता पहला पति ही है। इस मामले में पुलिस ने महिला को उसके पहले पति के सुपुर्द कर दिया है और मुस्लिम युवक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
मेरठ में हुई थी शादी, प्रेमी के साथ चली गई थी महिला
पूरा मामला सरसी थाना क्षेत्र के बेला चंपावती का है। लड़की के पिता ने बताया कि उनकी बेटी की शादी 2022 में मेरठ के रहने वाले परमजीत से हुई थी। शादी के दो साल तक सब कुछ ठीक रहा। लड़की के पहले पति ने बताया कि दो साल के बाद लड़की के पिता अपनी बेटी को लेने के लिए आए थे और उसे अपने घर बेला चंपावती लेकर आए थे। इसके बाद लड़की 31 दिसंबर 2024 को अपने प्रेमी के साथ घर से फरार हो गई और बच्चे को भी साथ ले गई। लड़की के पिता ने मुस्लिम युवक पर आरोप लगाया कि उसने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर भागाया। इस मामले में उन्होंने सरसी थाना में आवेदन दिया था।
आवेदन मिलने के बाद पुलिस ने डेढ़ महीने बाद लड़की को बरामद किया और पारिवारिक मामले को सुलझाने के लिए पुलिस परिवार परामर्श केंद्र भेज दिया। यहां पर खुलासा हुआ कि महिला के दो पति हैं, एक हिंदू और दूसरा मुस्लिम और दोनों ही बच्चे को अपना पुत्र बता रहे थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि मुस्लिम युवक ने दो महीने पहले एक शादीशुदा महिला को भगाकर शादी की थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि मुस्लिम युवक डेढ़ साल के बच्चे को अपना बेटा बता रहा था, जबकि परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यों ने उससे यह सवाल किया कि जब उसने डेढ़ महीने पहले शादी की, तो डेढ़ साल का यह बच्चा उसका कैसे हो सकता है?
इधर, पति ने गुजरात के एक अस्पताल का सर्टिफिकेट दिखाया, जिसमें बच्चे के पिता के रूप में उसका नाम दर्ज था। इसके आधार पर बच्चे को पहले पति के हवाले कर दिया गया। इस दौरान, प्रेमी युवक ने कहा कि बच्चे को उसकी मां को सौंपा जाए, क्योंकि वह बिना मां के नहीं रह सकता। फिर, युवक ने पुलिस परिवार परामर्श केंद्र के सामने स्वीकार किया कि उसने गलती की थी। इधर पत्नी ने भी अपनी भूल का एहसास करते हुए खुशी-खुशी पहले पति के साथ घर लौटने का निर्णय लिया। पुलिस परिवार परामर्श केंद्र के सदस्य दिलीप कुमार दीपक ने कहा कि दो पतियों के बीच का मामला सुलझा लिया गया और बच्चे के असली हकदार को वापस कर दिया गया।