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पीएम मोदी को चिट्ठी: तेजस्वी यादव का पत्र प्रधानमंत्री के नाम; सात बिंदुओं में बताया बिहार का हाल
Mon, 07 Sep 2026 07:50 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 07 Sep 2026 07:50 PM IST
सार
Bihar News: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य में बाढ़ की स्थिति को लेकर सात मांगें रखी हैं। उन्होंने बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने, पांच हजार करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज देने, सेना और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद उपलब्ध कराने समेत कई मांगें की हैं।
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तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता विरोधी दल तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बिहार के संदर्भ में सात मांगें रखी हैं। यह पत्र बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर लिखा गया है। तेजस्वी ने पत्र में बिहार के 20 जिलों के बाढ़ की चपेट में होने का दावा करते हुए केंद्र सरकार से तत्काल राहत और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
बिहार में लाखों लोग त्राहिमाम, बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष
तेजस्वी यादव ने पत्र में लिखा कि बिहार इस समय भीषण बाढ़ की त्रासदी से गुजर रहा है। उनके अनुसार, राज्य के 20 जिले बाढ़ जनित आपदा की चपेट में हैं और लाखों लोग संकट में हैं। नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण सार्वजनिक ढांचे को भारी नुकसान हुआ है तथा हजारों करोड़ रुपये की जान-माल की क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि बड़ी आबादी भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवा, बिजली, पशुचारा और सुरक्षित आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।
एनडीए सरकार पर निशाना, राहत व्यवस्था को बताया नाकाफी
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही बाढ़ राहत एवं बचाव व्यवस्था बेहद अपर्याप्त है। उन्होंने बिहार सरकार और बिहार से निर्वाचित एनडीए के केंद्रीय मंत्रियों व सांसदों पर भी निशाना साधा। तेजस्वी ने कहा कि वे केंद्र सरकार से बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित कराने और विशेष राहत-सहायता राशि दिलाने की मांग मजबूती से नहीं उठा पा रहे हैं।
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पीएम मोदी से की सात मांगें
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री से बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और तत्काल पांच हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के साथ विशेष बाढ़ राहत पैकेज देने की मांग की। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में नाव और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने, सेना एवं वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद सुनिश्चित करने तथा भोजन, पेयजल, दवा, पशुचारा और अस्थायी आश्रय की पर्याप्त व्यवस्था करने की मांग की।
उन्होंने किसानों, मजदूरों, पशुपालकों और प्रभावित परिवारों के लिए विशेष आर्थिक सहायता तथा राज्य की वित्तीय और आपदा प्रबंधन तैयारियों एवं आकस्मिक निधि के उपयोग की स्वतंत्र समीक्षा/सीएजी परीक्षण कराने की भी मांग की।
यह भी पढ़ें: बिहार में बाढ़ का कहर जारी: 20 लाख से अधिक लोग चपेट में, शहर में भी घुसा पानी, जानिए कहां-कैसी स्थिति है?
स्थायी समाधान के लिए की मांग
तेजस्वी ने बिहार की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक बाढ़-रोधी मिशन शुरू करने की मांग की। इसमें नदी और तटबंध प्रबंधन, जलनिकासी, जलाशयों का पुनर्जीवन, आधुनिक बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली तथा नेपाल, बांग्लादेश और अन्य पड़ोसी देशों के साथ प्रभावी जल प्रबंधन नीति व समझौते को शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री से बिहार का दौरा कर मानवीय और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
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बिहार में लाखों लोग त्राहिमाम, बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष
तेजस्वी यादव ने पत्र में लिखा कि बिहार इस समय भीषण बाढ़ की त्रासदी से गुजर रहा है। उनके अनुसार, राज्य के 20 जिले बाढ़ जनित आपदा की चपेट में हैं और लाखों लोग संकट में हैं। नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण सार्वजनिक ढांचे को भारी नुकसान हुआ है तथा हजारों करोड़ रुपये की जान-माल की क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि बड़ी आबादी भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवा, बिजली, पशुचारा और सुरक्षित आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।
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एनडीए सरकार पर निशाना, राहत व्यवस्था को बताया नाकाफी
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही बाढ़ राहत एवं बचाव व्यवस्था बेहद अपर्याप्त है। उन्होंने बिहार सरकार और बिहार से निर्वाचित एनडीए के केंद्रीय मंत्रियों व सांसदों पर भी निशाना साधा। तेजस्वी ने कहा कि वे केंद्र सरकार से बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित कराने और विशेष राहत-सहायता राशि दिलाने की मांग मजबूती से नहीं उठा पा रहे हैं।
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पीएम मोदी से की सात मांगें
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री से बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और तत्काल पांच हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के साथ विशेष बाढ़ राहत पैकेज देने की मांग की। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में नाव और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने, सेना एवं वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद सुनिश्चित करने तथा भोजन, पेयजल, दवा, पशुचारा और अस्थायी आश्रय की पर्याप्त व्यवस्था करने की मांग की।
उन्होंने किसानों, मजदूरों, पशुपालकों और प्रभावित परिवारों के लिए विशेष आर्थिक सहायता तथा राज्य की वित्तीय और आपदा प्रबंधन तैयारियों एवं आकस्मिक निधि के उपयोग की स्वतंत्र समीक्षा/सीएजी परीक्षण कराने की भी मांग की।
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स्थायी समाधान के लिए की मांग
तेजस्वी ने बिहार की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक बाढ़-रोधी मिशन शुरू करने की मांग की। इसमें नदी और तटबंध प्रबंधन, जलनिकासी, जलाशयों का पुनर्जीवन, आधुनिक बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली तथा नेपाल, बांग्लादेश और अन्य पड़ोसी देशों के साथ प्रभावी जल प्रबंधन नीति व समझौते को शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री से बिहार का दौरा कर मानवीय और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया।