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बिहार: गिरिराज सिंह को डाक से मिली जान से मारने की धमकी, मंत्रालय के पते पर पहुंचा गुमनाम पत्र; एफआईआर दर्ज
Mon, 07 Sep 2026 09:57 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 07 Sep 2026 09:57 PM IST
सार
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह को नई दिल्ली स्थित कार्यालय के पते पर डाक से जान से मारने की धमकी वाला पत्र मिला। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर पत्र के स्रोत, मोबाइल नंबरों और धमकी के पीछे के मकसद की जांच शुरू कर दी है।
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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय कपड़ा मंत्री और बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह को डाक के जरिए जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, एक अज्ञात व्यक्ति की ओर से भेजा गया धमकी भरा पत्र गुरुवार को नई दिल्ली स्थित गिरिराज सिंह के कार्यालय के पते पर पहुंचा था। पत्र में सांसद को जान से मारने की धमकी दी गई थी।
डाक से पहुंचा धमकी भरा पत्र
पुलिस के अनुसार, पत्र में धमकी देते हुए लिखा गया था, “You will be killed shortly by hardcore terrorists”। यानी उन्हें जल्द ही कट्टरपंथी आतंकियों द्वारा मार दिए जाने की धमकी दी गई थी। धमकी वाले संदेश के साथ पत्र में दो मोबाइल नंबर भी लिखे हुए थे। पुलिस अब इन नंबरों और पत्र से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
दो मोबाइल नंबर और कर्नाटक के पते से बढ़ा सस्पेंस
धमकी भरे पत्र की जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। पत्र में दो मोबाइल नंबर दर्ज हैं। इसके अलावा कर्नाटक के कोलार जिले के श्रीनिवासपुर तालुका के एक गांव के निवासी का नाम और पता भी लिखा गया है। अब पुलिस इन मोबाइल नंबरों और कर्नाटक में दर्ज पते के बीच संबंध की पड़ताल कर रही है।
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जांच का अहम सवाल यह है कि क्या धमकी देने वाला व्यक्ति वास्तव में इन नंबरों और पते से जुड़ा है या फिर किसी ने किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान और विवरण का इस्तेमाल कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की है।
निजी सचिव ने दी जानकारी
अधिकारियों के मुताबिक, गिरिराज सिंह के निजी सचिव को जब इस पत्र के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने इसकी सूचना केंद्रीय मंत्री को दी। इसके बाद गिरिराज सिंह ने बेगूसराय टाउन थाने को मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नगर थाना प्रभारी ने की पुष्टि
नगर थाना प्रभारी सतीश कुमार हिमांशु ने भी घटना की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्र के स्रोत और उसमें लिखे मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पत्र किस स्थान से भेजा गया और इसे भेजने वाला व्यक्ति कौन है।
यह भी पढ़ें: पीएम मोदी को चिट्ठी: तेजस्वी यादव का पत्र प्रधानमंत्री के नाम; सात बिंदुओं में बताया बिहार का हाल
धमकी के पीछे की वजह तलाश रही पुलिस
पुलिस अब धमकी भरे पत्र के पीछे की वजह यानी मकसद का भी पता लगाने में जुटी है। जांचकर्ताओं की कोशिश है कि पत्र भेजने वाले की पहचान जल्द की जा सके। इसके लिए पत्र की सामग्री, डाक से जुड़े विवरण और उसमें दिए गए दोनों मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और धमकी की सत्यता तथा इसके पीछे शामिल व्यक्ति या लोगों का पता लगाने के लिए जांच आगे बढ़ा रही है।
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डाक से पहुंचा धमकी भरा पत्र
पुलिस के अनुसार, पत्र में धमकी देते हुए लिखा गया था, “You will be killed shortly by hardcore terrorists”। यानी उन्हें जल्द ही कट्टरपंथी आतंकियों द्वारा मार दिए जाने की धमकी दी गई थी। धमकी वाले संदेश के साथ पत्र में दो मोबाइल नंबर भी लिखे हुए थे। पुलिस अब इन नंबरों और पत्र से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
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दो मोबाइल नंबर और कर्नाटक के पते से बढ़ा सस्पेंस
धमकी भरे पत्र की जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। पत्र में दो मोबाइल नंबर दर्ज हैं। इसके अलावा कर्नाटक के कोलार जिले के श्रीनिवासपुर तालुका के एक गांव के निवासी का नाम और पता भी लिखा गया है। अब पुलिस इन मोबाइल नंबरों और कर्नाटक में दर्ज पते के बीच संबंध की पड़ताल कर रही है।
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जांच का अहम सवाल यह है कि क्या धमकी देने वाला व्यक्ति वास्तव में इन नंबरों और पते से जुड़ा है या फिर किसी ने किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान और विवरण का इस्तेमाल कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की है।
निजी सचिव ने दी जानकारी
अधिकारियों के मुताबिक, गिरिराज सिंह के निजी सचिव को जब इस पत्र के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने इसकी सूचना केंद्रीय मंत्री को दी। इसके बाद गिरिराज सिंह ने बेगूसराय टाउन थाने को मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नगर थाना प्रभारी ने की पुष्टि
नगर थाना प्रभारी सतीश कुमार हिमांशु ने भी घटना की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्र के स्रोत और उसमें लिखे मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पत्र किस स्थान से भेजा गया और इसे भेजने वाला व्यक्ति कौन है।
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धमकी के पीछे की वजह तलाश रही पुलिस
पुलिस अब धमकी भरे पत्र के पीछे की वजह यानी मकसद का भी पता लगाने में जुटी है। जांचकर्ताओं की कोशिश है कि पत्र भेजने वाले की पहचान जल्द की जा सके। इसके लिए पत्र की सामग्री, डाक से जुड़े विवरण और उसमें दिए गए दोनों मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और धमकी की सत्यता तथा इसके पीछे शामिल व्यक्ति या लोगों का पता लगाने के लिए जांच आगे बढ़ा रही है।