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Bihar Crime: फर्जी आवास प्रमाण पत्र बना रहा था कंप्यूटर ऑपरेटर, पुलिस ने पकड़ा; 20 नकली सर्टिफिकेट भी मिले
Fri, 22 Aug 2025 08:26 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Fri, 22 Aug 2025 08:26 PM IST
सार
Kishanganj News: किशनगंज में फर्जी आवास प्रमाण पत्र बनाने के आरोप में कंप्यूटर ऑपरेटर को पुलसि ने गिरफ्तार किया है। उसके पास पुलिस ने 20 नकली सर्टिफिकेट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं। पढ़ें पूरी खबर...।
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आरोपी के पास से जब्त उपकरण और जाली आवास प्रमाण पत्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
किशनगंज जिले में फर्जी आवास प्रमाण पत्र बनाने के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने दिघलबैंक प्रखंड के तलवारबंधा गांव में एक कंप्यूटर दुकान पर छापामारी कर 20 से अधिक फर्जी प्रमाण पत्र और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इस दौरान दुकान मालिक अजय कुमार शाह को गिरफ्तार कर लिया गया।
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गुप्त सूचना पर छापामारी, दुकान से मिले फर्जी कागजात
किशनगंज के पुलिस अधीक्षक सागर कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तलवारबंधा में अवैध तरीके से आवास प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। इसके बाद एसडीपीओ मंगलेश कुमार के नेतृत्व में स्थानीय थानों की संयुक्त टीम ने शुक्रवार शाम छापामारी की। इस कार्रवाई में दुकान से 20 संदिग्ध आवासीय प्रमाण पत्र, एक डेस्कटॉप, प्रिंटर, यूपीएस और एक पेनड्राइव बरामद की गई। इसके अलावा 39,602 रुपये नकद, 150 नेपाली रुपये, चार जन्म प्रमाण पत्र और एक मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
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जांच में उजागर हुई साजिश, RTPS से जारी नहीं थे प्रमाण पत्र
जानकारी के मुताबिक, मामले का खुलासा तब हुआ जब दिघलबैंक के राजस्व अधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी से प्राप्त चार आवास प्रमाण पत्रों की जांच कराई। जांच में पाया गया कि ये प्रमाण पत्र RTPS प्रणाली से जारी नहीं हुए थे। जिन महिलाओं के नाम पर ये प्रमाण पत्र बने थे, उन्होंने भी पूछताछ में इन्हें जाली बताया। इसके बाद पुलिस ने दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
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डिजिटल हस्ताक्षर का कर रहा था दुरुपयोग
गिरफ्तार दुकानदार अजय कुमार शाह ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह पिछले एक महीने से डिजिटल हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर रहा था। पुलिस अधीक्षक ने आशंका जताई है कि इस पूरे नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संलिप्त लोगों की पहचान में जुट गई है।