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बिहार: सम्राट सरकार का दावा- सर्वाधिक जलस्तर के बावजूद बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में, दो दिनों में राहत के आसार

Mon, 07 Sep 2026 07:43 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Mon, 07 Sep 2026 07:43 PM IST
सार

Bihar Flood News: पटना समेत 13 जिलों के 74 प्रखंडों की 423 ग्राम पंचायतों में करीब 27.01 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई जगहों पर नदियों का जलस्तर अपने रिकॉर्ड स्तर पर है। बाढ़ से लोगों का हाल बेहाल है। इस बीच सरकार ने बड़ा दावा किया है। आइए जानते हैं पूरा मामला...

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Bihar Flood Situation Under Control Despite Record Ganga Water Level, Relief Expected in 1-2 Days
उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने प्रेस वार्ता की। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में गंगा, पुनपुन, गंडक समेत कई नदियों के जलस्तर में भारी वृद्धि के बावजूद बाढ़ की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। जल संसाधन विभाग के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने सोमवार को कहा कि विभाग और जिला प्रशासन की लगातार निगरानी से तटबंधों को सुरक्षित रखने में सफलता मिली है। उन्होंने अगले एक से दो दिनों में स्थिति में और सुधार की उम्मीद जताई है। सिंचाई भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विजय कुमार चौधरी ने बताया कि इस वर्ष गांधीघाट पर गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर तक पहुंच गया है। यह 2016 में दर्ज किए गए 50.52 मीटर के उच्चतम जलस्तर से भी अधिक है। इसके बावजूद पटना को सुरक्षित रखा गया है।

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उन्होंने कहा कि गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण कई इलाकों में बैकवाटर का प्रभाव देखने को मिल रहा है। गंगा में पानी का दबाव बढ़ने से गंडक और पुनपुन समेत उन नदियों के पानी का निकास प्रभावित हुआ है, जिनका पानी गंगा में गिरता है। इससे इन नदियों के निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ा है।

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171 जगहों पर फ्लड फाइटिंग, 14 स्थानों पर तटबंध प्रभावित

जल संसाधन विभाग के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में अत्यधिक जलश्राव और ऊंचे जलस्तर के बावजूद 171 स्थानों पर फ्लड फाइटिंग का काम कर तटबंधों को बचाया गया है। इनमें सिर्फ 14 स्थानों पर तटबंध में रिसाव या क्षति की स्थिति बनी। विभाग ने इनमें से 11 स्थानों की कम से कम समय में मरम्मती करा दी है, जबकि तीन स्थानों पर मरम्मत का काम युद्धस्तर पर जारी है।

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भागलपुर में क्षतिग्रस्त बांध को किया सुरक्षित

विभाग ने भागलपुर के खरीक प्रखंड में गंगा नदी पर बने काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध के क्षतिग्रस्त होने के बाद भी आबादी वाले क्षेत्रों में पानी फैलने से रोकने का दावा किया है। अधिकारियों और अभियंताओं की लगातार निगरानी और आवश्यक कार्यों के बाद फिलहाल यह स्थल सुरक्षित बताया गया है।

 

'तटबंध सुरक्षित तो आबादी भी सुरक्षित'

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा के जलस्तर में अब कमी आने की उम्मीद है। राज्य के विभिन्न तटबंधों और संवेदनशील स्थलों की दिन-रात निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि तटबंध सुरक्षित रहते हैं तो आबादी भी सुरक्षित रहती है। विभाग के अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि अब तक सबसे अधिक पानी आने के बावजूद स्थिति नियंत्रण में है और अगले एक से दो दिनों में बाढ़ की स्थिति में और सुधार होने की उम्मीद है।

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