{"_id":"68f44426648dd0a5a503076c","slug":"independent-candidate-vishwanath-singh-staged-a-sit-in-protest-after-his-nomination-was-cancelled-patna-news-c-1-1-noi1443-3536724-2025-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News : नामांकन रद्द होने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार विश्वनाथ सिंह का धरना, प्रशासन ने लिया हिरासत में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News : नामांकन रद्द होने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार विश्वनाथ सिंह का धरना, प्रशासन ने लिया हिरासत में
Sun, 19 Oct 2025 08:51 AM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बड़हरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बड़हरा
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Sun, 19 Oct 2025 08:51 AM IST
सार
भोजपुर जिले की बड़हरा विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार और जदयू नेता विश्वनाथ सिंह का नामांकन रद्द होने के बाद उन्होंने अनुमंडल कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका नामांकन राजनीतिक दबाव में रद्द किया गया है और इसे लोकतंत्र की हत्या बताया।
विज्ञापन
नामांकन रद्द होने के बाद धरना पर बैठे विश्वनाथ सिंह
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भोजपुर जिले की बड़हरा विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार और जदयू नेता विश्वनाथ सिंह का नामांकन रद्द होने के बाद शनिवार को राजनीतिक हलचल तेज हो गई। नामांकन रद्द होने से नाराज विश्वनाथ सिंह अनुमंडल कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक शांतिपूर्ण धरना देने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर नवादा थाना भेज दिया।
धरना के दौरान विश्वनाथ सिंह ने कहा कि उनका सारा कागजात पूरी तरह सही था, फिर भी राजनीतिक दबाव में उनका नामांकन रद्द कर दिया गया। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है और उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पढे़ं: 'जल्द ही जेल में होगा लालू परिवार', गोवा के सीएम प्रमोद सावंत बोले; कहा- बिहार को विकसित बनाएंगे
विज्ञापन
विश्वनाथ सिंह ने बताया कि वे सुबह से निर्वाचन कार्यालय में मौजूद थे, लेकिन शाम तीन बजे के बाद उन्हें सूचित किया गया कि उनका नामांकन रद्द कर दिया गया है। इससे नाराज होकर उन्होंने आमरण अनशन शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान उनके समर्थक भी बड़ी संख्या में अनुमंडल कार्यालय पहुंच गए।
विज्ञापन
धरना के दौरान विश्वनाथ सिंह ने कहा कि उनका सारा कागजात पूरी तरह सही था, फिर भी राजनीतिक दबाव में उनका नामांकन रद्द कर दिया गया। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है और उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विज्ञापन
पढे़ं: 'जल्द ही जेल में होगा लालू परिवार', गोवा के सीएम प्रमोद सावंत बोले; कहा- बिहार को विकसित बनाएंगे
विज्ञापन
विश्वनाथ सिंह ने बताया कि वे सुबह से निर्वाचन कार्यालय में मौजूद थे, लेकिन शाम तीन बजे के बाद उन्हें सूचित किया गया कि उनका नामांकन रद्द कर दिया गया है। इससे नाराज होकर उन्होंने आमरण अनशन शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान उनके समर्थक भी बड़ी संख्या में अनुमंडल कार्यालय पहुंच गए।