Bihar: सिपाही प्रशिक्षण केंद्रों में अब जीविका दीदी बनाएंगी भोजन, 21 हजार से अधिक सिपाहियों की एक साथ ट्रेनिंग
Bihar News: एडीजी संजय कुमार सिंह ने बताया कि यह पहली बार है जब बिहार पुलिस में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में सिपाहियों को नौ महीने का बेसिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस बैच में कुल 21,391 सिपाही शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर...।
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बिहार पुलिस के इतिहास में पहली बार 21,391 नव नियुक्त सिपाहियों को एक साथ प्रशिक्षण देने की शुरुआत की गई है। यह प्रशिक्षण 21 जुलाई से राज्य के विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों में शुरू हो चुका है। इस अभूतपूर्व पहल के तहत एक और खास फैसला लिया गया है, इन सभी प्रशिक्षण केंद्रों में सिपाहियों को भोजन अब जीविका दीदियां उपलब्ध कराएंगी। इसके लिए बिहार राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की इकाई जीविका के साथ एक एमओयू (समझौता पत्र) पर हस्ताक्षर किया गया है। यह जानकारी अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) संजय कुमार सिंह ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
इतिहास में पहली बार एक साथ इतने सिपाहियों को प्रशिक्षण
एडीजी संजय कुमार सिंह ने बताया कि यह पहली बार है जब बिहार पुलिस में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में सिपाहियों को नौ महीने का बेसिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस बैच में कुल 21,391 सिपाही शामिल हैं, जिनमें 10,207 पुरुष, 11,176 महिलाएं और आठ पारलिंगी (ट्रांसजेंडर) शामिल हैं। पारलिंगी प्रतिभागियों में पांच महिला और तीन पुरुष पारलिंगी हैं।
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1500 प्रशिक्षकों की नियुक्ति, भत्तों में बढ़ोतरी की तैयारी
इतनी बड़ी संख्या में प्रशिक्षण कार्य को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए 1,500 प्रशिक्षकों की तैनाती की गई है। प्रशिक्षकों के लिए 20 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है। वर्तमान में उन्हें छठे वेतन आयोग के आधार पर भत्ता दिया जा रहा है, जिसे जल्द ही बढ़ाया जाएगा।
प्रशिक्षण केंद्रों का विस्तार और महिला सिपाहियों की विशेष ट्रेनिंग
सभी बीएसएपी (बिहार स्पेशल सशस्त्र पुलिस) की बटालियनें, नाथनगर सहित विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों, जिला पुलिस बल के केंद्रों, सीआरपीएफ और एसएसबी के प्रशिक्षण केंद्रों को इस अभियान में शामिल किया गया है। बाढ़ स्थित सीआरपीएफ प्रशिक्षण केंद्र में फिलहाल महिला सिपाहियों की ट्रेनिंग विशेष तरीके से चल रही है, जो अपेक्षाकृत अधिक सशक्त और व्यवस्थित है।
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बदला गया सिलेबस, बीएनएसएस कानून हुआ शामिल
इस बार सिपाहियों के इंडोर प्रशिक्षण के लिए नया कंपेंडियम तैयार किया गया है, जिसमें 70 प्रतिशत बदलाव किए गए हैं। नए पाठ्यक्रम में हालिया बीएनएसएस (भारतीय न्याय संहिता) के सभी महत्वपूर्ण प्रावधानों को समाहित किया गया है। इसके अतिरिक्त छापामारी की प्रक्रिया, हथकड़ी लगाने, अपराधियों की गिरफ्तारी और कानून व्यवस्था के अन्य पहलुओं की भी विस्तृत ट्रेनिंग दी जा रही है। एडीजी ने बताया कि यह पाठ्यक्रम नई चुनौतियों और अपराध के बदलते स्वरूप को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि सिपाही हर परिस्थिति में दक्षता के साथ कार्य कर सकें।